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कचरे से गैस और बनेगी बिजली व तारकोल
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कचरे से बनाएंगे गैस, बिजली और तारकोल
मेरठ। शहर के कारोबारी ने निजी खर्चे पर भूड़बराल में कूड़ा निस्तारण प्लांट लगाया है। इसके चलते जनता को कूड़े से निजात मिलने की उम्मीद जगी है। वहीं नगर निगम की ओर से गांवड़ी में लगाए गए प्लांट को भी लाभ होगा। इस प्लांट में कूड़े से गैस, बिजली और तारकोल तैयार किया जाएगा।
बुधवार को भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी, प्लांट मालिक बिजेन्द्र सिंह और नवीन चौधरी ने प्लांट के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्लांट में नई तकनीक से कूड़े से गैस और बिजली तैयार होगी। इस प्रक्रिया में कूड़े से तारकोल भी निकलेगा। इसका प्रयोग सड़क निर्माण में किया जाएगा। उन्होंने बताया कि फिलहाल एक मेगावाट बिजली बनाने का प्लांट जनवरी माह में चालू किया जाएगा। यह बिजली पीवीवीएनएल को दी जाएगी। इसके लिए शीघ्र ही अनुबंध होने वाला है। प्रदूषण विभाग की टीम प्लांट की जांच कर चुकी है। एक सप्ताह के भीतर दोबारा जांच करेगी। इस प्लांट को कम से कम 800 टन प्लास्टिक, लकड़ी, पॉलिथीन, पराली आदि की जरूरत पड़ेगी।
नगर निगम ने गांवड़ी में प्लांट संचालित कर दिया है। इससे निकलने वाले आरडीएफ को इस प्लांट में प्रयोग किया जाएगा। बिजेन्द्र सिंह ने बताया कि इस तरह का प्लांट शिमला में भी था। बनारस में भी प्लांट लग रहा है। इस प्लांट से कोई प्रदूषण नहीं होगा। इस संबंध में नगरायुक्त डॉ. अरविंद कुमार चौरसिया का कहना है कि हमने गांवड़ी और भूड़बराल के प्लांट की डीपीआर शासन को भेज दी है। शासन के आदेश पर ही प्लांट का संचालन शुरू होना है।
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मेरठ। शहर के कारोबारी ने निजी खर्चे पर भूड़बराल में कूड़ा निस्तारण प्लांट लगाया है। इसके चलते जनता को कूड़े से निजात मिलने की उम्मीद जगी है। वहीं नगर निगम की ओर से गांवड़ी में लगाए गए प्लांट को भी लाभ होगा। इस प्लांट में कूड़े से गैस, बिजली और तारकोल तैयार किया जाएगा।
बुधवार को भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी, प्लांट मालिक बिजेन्द्र सिंह और नवीन चौधरी ने प्लांट के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्लांट में नई तकनीक से कूड़े से गैस और बिजली तैयार होगी। इस प्रक्रिया में कूड़े से तारकोल भी निकलेगा। इसका प्रयोग सड़क निर्माण में किया जाएगा। उन्होंने बताया कि फिलहाल एक मेगावाट बिजली बनाने का प्लांट जनवरी माह में चालू किया जाएगा। यह बिजली पीवीवीएनएल को दी जाएगी। इसके लिए शीघ्र ही अनुबंध होने वाला है। प्रदूषण विभाग की टीम प्लांट की जांच कर चुकी है। एक सप्ताह के भीतर दोबारा जांच करेगी। इस प्लांट को कम से कम 800 टन प्लास्टिक, लकड़ी, पॉलिथीन, पराली आदि की जरूरत पड़ेगी।
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नगर निगम ने गांवड़ी में प्लांट संचालित कर दिया है। इससे निकलने वाले आरडीएफ को इस प्लांट में प्रयोग किया जाएगा। बिजेन्द्र सिंह ने बताया कि इस तरह का प्लांट शिमला में भी था। बनारस में भी प्लांट लग रहा है। इस प्लांट से कोई प्रदूषण नहीं होगा। इस संबंध में नगरायुक्त डॉ. अरविंद कुमार चौरसिया का कहना है कि हमने गांवड़ी और भूड़बराल के प्लांट की डीपीआर शासन को भेज दी है। शासन के आदेश पर ही प्लांट का संचालन शुरू होना है।
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