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Meerut News: अवैध रूप से लग रही साप्ताहिक पैंठ पर चुप्पी क्यों
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अवैध रुप से लग रही साप्ताहिक पैंठ में सामान बेचते दुकानदार। (मवाना)
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पालिका को हो रहा है प्रति सप्ताह लाखों रुपये के राजस्व की नुकसान
संवाद न्यूज एजेंसी
मवाना। बीते चार सप्ताह से प्राइवेट स्थल पर अवैध रूप से संचालित हो रही साप्ताहिक पैंठ पर नगर पालिका, पुलिस प्रशासन की चुप्पी के कारण अब लोग सवाल उठा रहे हैं। किसे लाभ पहुंचाने के लिए अवैध रूप से संचालित पैंठ पर चुप्पी साध रखी है। साप्ताहिक पैंठ से नगर पालिका को प्रति सप्ताह लाखों रुपये की राजस्व हानि हो रही है।
लोगों के विरोध के चलते नगर पालिका द्वारा इस बार रविवार को लगने वाली साप्ताहिक पैंठ का ठेका नहीं छोड़ा गया था लेकिन इसके बावजूद कभी गली मोहल्ले तो कभी नगर पालिका के पास स्थित मैदान में ही रविवार को साप्ताहिक पैंठ लगाई जा रही थी।
बीते चार रविवार से एक निजी जगह पर पूरी तरह से साप्ताहिक पैंठ लगवाई जा रही है। शुरुआत में इस संबंध में कुछ लोगों ने एसडीएम संतोष कुमार सिंह को पत्र देकर अवैध रूप से लग रही साप्ताहिक पैंठ रुकवाने और पैंठ लगाने वालों के खिलाफ जांच कराकर कार्रवाई की मांग की थी। इस पर एसडीएम नगर पालिका के कर अधीक्षक को मौके पर जाकर जांच कर रिपोर्ट देने के लिए कहा था लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होने से अवैध रूप से पैंठ लगवाने वालों के हौंसले बुलंद है। बीते चार सप्ताह से प्राइवेट स्थान पर साप्ताहिक पैंठ लगवाई जा रही है। जहां पालिका एसडीएम को अवैध रूप से पैंठ के संबंध में पत्र भेजने की बात कहते हुए इतिश्री कर लेती है।
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अवैध रूप से लगने वाली साप्ताहिक पैंठ पर नगर पालिका, पुलिस प्रशासन चुप्पी साधे है। अब इस चुप्पी पर लोग सवाल खड़ा कर रहे हैं कि किस कारण और किसको लाभ पहुंचाने के लिए अवैध पैंठ के लिए चुप्पी साध रखी है। क्योंकि पालिका द्वारा साप्ताहिक पैंठ नहीं लगवाए जाने से पालिका को लाखों रुपये के राजस्व की हानि हो रही है।
नगर पालिका चेयरमैन अखिल कौशिक का कहना है कि पालिका द्वारा कोई पैंठ नहीं लगवाई जा रही है। अवैध रूप से लग रही साप्ताहिक पैंठ गैर कानूनी है। इसके संबंध में एसडीएम को पत्र दिया है, जिसमें अवैध रूप से लगने वाली साप्ताहिक पैंठ को रुकवाने के लिए पुलिस फोर्स उपलब्ध कराने की मांग की है। वहीं उनका कहना है कि पहले कुछ व्यापारियों द्वारा पालिका द्वारा लगवाई जा रही साप्ताहिक पैंठ का विरोध किया गया था लेकिन अब कोई विरोध नहीं कर रहा है। शीघ्र इस संबंध में निर्णय लिया जाएगा।
उपजिलाधिकारी संतोष कुमार सिंह का कहना है कि उन्होंने नगर पालिका के ईओ को कॉल कर कड़े दिशा निर्देश अवैध रूप से लग रही साप्ताहिक पैंठ के संबंध में दिए हैं। पैंठ लगने से टैक्स की चोरी हो रही है। ईओ को नोटिस करने के कड़े निर्देश दिए हैं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
मवाना। बीते चार सप्ताह से प्राइवेट स्थल पर अवैध रूप से संचालित हो रही साप्ताहिक पैंठ पर नगर पालिका, पुलिस प्रशासन की चुप्पी के कारण अब लोग सवाल उठा रहे हैं। किसे लाभ पहुंचाने के लिए अवैध रूप से संचालित पैंठ पर चुप्पी साध रखी है। साप्ताहिक पैंठ से नगर पालिका को प्रति सप्ताह लाखों रुपये की राजस्व हानि हो रही है।
लोगों के विरोध के चलते नगर पालिका द्वारा इस बार रविवार को लगने वाली साप्ताहिक पैंठ का ठेका नहीं छोड़ा गया था लेकिन इसके बावजूद कभी गली मोहल्ले तो कभी नगर पालिका के पास स्थित मैदान में ही रविवार को साप्ताहिक पैंठ लगाई जा रही थी।
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बीते चार रविवार से एक निजी जगह पर पूरी तरह से साप्ताहिक पैंठ लगवाई जा रही है। शुरुआत में इस संबंध में कुछ लोगों ने एसडीएम संतोष कुमार सिंह को पत्र देकर अवैध रूप से लग रही साप्ताहिक पैंठ रुकवाने और पैंठ लगाने वालों के खिलाफ जांच कराकर कार्रवाई की मांग की थी। इस पर एसडीएम नगर पालिका के कर अधीक्षक को मौके पर जाकर जांच कर रिपोर्ट देने के लिए कहा था लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होने से अवैध रूप से पैंठ लगवाने वालों के हौंसले बुलंद है। बीते चार सप्ताह से प्राइवेट स्थान पर साप्ताहिक पैंठ लगवाई जा रही है। जहां पालिका एसडीएम को अवैध रूप से पैंठ के संबंध में पत्र भेजने की बात कहते हुए इतिश्री कर लेती है।
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अवैध रूप से लगने वाली साप्ताहिक पैंठ पर नगर पालिका, पुलिस प्रशासन चुप्पी साधे है। अब इस चुप्पी पर लोग सवाल खड़ा कर रहे हैं कि किस कारण और किसको लाभ पहुंचाने के लिए अवैध पैंठ के लिए चुप्पी साध रखी है। क्योंकि पालिका द्वारा साप्ताहिक पैंठ नहीं लगवाए जाने से पालिका को लाखों रुपये के राजस्व की हानि हो रही है।
नगर पालिका चेयरमैन अखिल कौशिक का कहना है कि पालिका द्वारा कोई पैंठ नहीं लगवाई जा रही है। अवैध रूप से लग रही साप्ताहिक पैंठ गैर कानूनी है। इसके संबंध में एसडीएम को पत्र दिया है, जिसमें अवैध रूप से लगने वाली साप्ताहिक पैंठ को रुकवाने के लिए पुलिस फोर्स उपलब्ध कराने की मांग की है। वहीं उनका कहना है कि पहले कुछ व्यापारियों द्वारा पालिका द्वारा लगवाई जा रही साप्ताहिक पैंठ का विरोध किया गया था लेकिन अब कोई विरोध नहीं कर रहा है। शीघ्र इस संबंध में निर्णय लिया जाएगा।
उपजिलाधिकारी संतोष कुमार सिंह का कहना है कि उन्होंने नगर पालिका के ईओ को कॉल कर कड़े दिशा निर्देश अवैध रूप से लग रही साप्ताहिक पैंठ के संबंध में दिए हैं। पैंठ लगने से टैक्स की चोरी हो रही है। ईओ को नोटिस करने के कड़े निर्देश दिए हैं।

अवैध रुप से लग रही साप्ताहिक पैंठ में सामान बेचते दुकानदार। (मवाना)