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Meerut News: ...जब कैंट विधायक ने डिप्टी रजिस्ट्रार चिट फंड दफ्तर में बुला ली पुलिस, जानें फिर क्या हुआ
Sat, 31 Dec 2022 04:42 PM IST
मेरठ ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ
अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ
Published by: मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 31 Dec 2022 04:42 PM IST
सार
Meerut News : कैंट विधायक ने डिप्टी रजिस्ट्रार चिट फंड दफ्तर में पुलिस बुला ली। जानिए फिर क्या हुआ।
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मेरठ पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मेरठ में बिना लेनदेन काम नहीं होने की शिकायत पर कैंट विधायक अमित अग्रवाल शुक्रवार को डिप्टी रजिस्ट्रार चिट फंड सोसाइटी दफ्तर पहुंचे। एक व्यक्ति को पांच-पांच सौ के दो नोट देते देख विधायक ने पकड़ लिया। विधायक ने तुरंत सीओ सिविल लाइन को बुला लिया। पुलिस पूछताछ में साफ हुआ कि दिए गए रुपये रिश्वत नहीं थी। वहीं, विजिलेंस टीम के छापे में रिश्वत लेते एक कर्मी पकड़े जाने की अफवाह फैल गई।
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कैंट विधायक अमित अग्रवाल को शिकायत मिली कि न्यू मोहनपुरी स्थित डिप्टी रजिस्ट्रार चिट फंड सोसाइटी के कार्यालय में बिना लेनदेन कोई काम नहीं होता है। कार्यालय के नीचे एक युवक खड़ा रहता है, जिससे संपर्क करने पर ही फाइल आगे बढ़ती है। युवक पहले चिट फंड कार्यालय में ही काम करता था, मगर अब लेनदेन करके काम करवाता है।
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सीओ सिविल लाइन अरविंद कुुमार चौरसिया ने बताया कि दोपहर करीब एक बजे विधायक अमित अग्रवाल डिप्टी रजिस्ट्रार कार्यालय पहुंचे। विधायक के सामने एक व्यक्ति अपनी फाइल की फोटोस्टेट कराने के पांच सौ रुपये दे रहा था। गलतफहमी हो गई कि रिश्वत दे रहा है। विधायक की सूचना पर तुरंत कार्यालय पहुंचे। पूछताछ में पता चला कि रिश्वत का कोई मामला नहीं है, बल्कि गाजियाबाद का एक व्यक्ति फोटो स्टेट कराने की एवज में रुपये दे रहा था।
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विधायक अमित अग्रवाल का कहना है कि वह कार्यक्रम से लौट रहे थे। रास्ते में देखा कि डिप्टी रजिस्ट्रार चिट फंड सोसाइटी के कार्यालय में कुछ लोगों में तेज बहस हो रही है। वह उनके पास पहुंचे। तभी एक व्यक्ति ने पांच-पांच सौ के दो नोट एक कर्मी को दिए। मैंने तुरंत रुपये लेने वाले का हाथ पकड़कर पुलिस बुला ली। पुलिस की जांच में पता चला कि रुपये फोटो काफी और सर्टिफाइड कॉपी के लिए दिए गए थे।
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