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Meerut: दीपक का शव सड़क पर रखकर लगाया जाम, पुलिस से धक्का-मुक्की कर भगाया, खाकी के खिलाफ की नारेबाजी
Fri, 09 Sep 2022 10:16 PM IST
आकाश दुबे
संवाद न्यूज एजेंसी, मोदीपुरम
संवाद न्यूज एजेंसी, मोदीपुरम
Published by: आकाश दुबे
Updated Fri, 09 Sep 2022 10:16 PM IST
सार
दीपक का शव पोस्टमार्टम के बाद घर पहुंचने पर गुस्साए परिजन व ग्रामीणों ने शव गांव के मुख्य मार्ग पर रखकर जाम लगा दिया। पुलिस ग्रामीणों को समझाने का प्रयास करने लगी। जिस पर परिवार व ग्रामीण महिलाओं ने पुलिस मुर्दाबाद के नारे लगाते हुए पुलिस को गांव से भगा दिया।
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शव सड़क पर रख परिजनों ने लगाया जाम
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मेरठ के दुल्हैड़ा निवासी दीपक की चाकू से गोंदकर की गई हत्या के बाद शुक्रवार दोपहर शव पोस्टमार्टम होकर घर पहुंचा। जिसके बाद परिजन व ग्रामीणों ने शव गांव के मुख्य मार्ग पर रखकर जाम लगा दिया। पुलिस ग्रामीणों को समझाने का प्रयास करने लगी। जिस पर परिवार व ग्रामीण महिलाओं ने पुलिस मुर्दाबाद के नारे लगाते हुए पुलिस को गांव से भगा दिया।
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दीपक चौहान की गुरुवार देर रात रितिक व भोलू ने अपने साथियों के साथ मिलकर चाकू से गोंदकर हत्या कर दी थी। जिसके बाद ग्रामीणों ने आरोपियों के घर में आगजनी कर दी। तनाव की स्थिति देखते हुए गांव में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया। शुक्रवार दोपहर दीपक का शव पोस्टमार्टम के बाद घर पहुंचा। जिसके बाद परिजनों व ग्रामीणों ने शव को सड़क पर रखकर जाम लगा दिया। परिजन लगातार आरोपियों के घर बुलडोजर चलाने, परिवार को 50 लाख की आर्थिक सहायता दिए जाने व परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दिए जाने की मांग कर रहे थे।
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साथ ही ग्रामीण जिलाधिकारी को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़े थे। सीओ दौराला आशीष शर्मा, कंकरखेड़ा थाना प्रभारी उत्तम राठौर व पल्लवपुरम थाना प्रभारी ने ग्रामीणों व परिजनों को काफी समझाने का प्रयास किया। दो घंटे बाद भी जब जिलाधिकारी गांव नहीं पहुंचे तो परिजनों व ग्रामीणों ने पुलिस मुर्दाबाद के नारे लगाने शुरू कर दिए और सीओ, व दोनों थानों के प्रभारियों के साथ धक्का मुक्की करते हुए उन्हें गांव से भगा दिया। ग्रामीण महिलाओं का कहना था कि जब पुलिस के बस में कुछ नहीं तो उन्हें पुलिस की जरूरत नहीं है। जब तक जिलाधिकारी गांव में नहीं आयेंगे तब तक शव का अंतिम संस्कार नहीं किया जायेगा।
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