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81 किमी प्रति घंटे चली थी, छा गया था अंधेरा, फिर हुई बारिश
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81 किमी प्रति घंटे चली थी, छा गया था अंधेरा, फिर हुई बारिश
मेरठ। आंधी और बारिश ने रविवार को शहर से लेकर देहात को अस्तव्यस्त कर दिया। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार हवा की रफ्तार दो से 81 किमी प्रति घंटा रही। आंधी से बिजली का ढांचा चरमरा गया। कई जगह बिजली की लाइनें, खंभे, पेड़ और होर्डिंग उखड़ गए। कई जगह दीवारें ढह गईं। करीब आठ घंटे की मशक्कत के बाद बिजली आपूर्ति सुचारु हो पाई। वहीं, गेहूं और आम की फसलों को भी भारी नुकसान हुआ है। हालांकि मौसम में आए बदलाव से दिन का तापमान चार डिग्री तक गिर गया।
सुबह से सामान्य रहा मौसम का मिजाज पूर्वाह्न करीब 11:30 बजे से अचानक से बदल गया। आसमान में काले बादल छाने से दिन में ही अंधेरा छा गया। आंधी से पूरे शहर की बत्ती गुल हो गई। कई जगह फाल्ट होने के चलते बिजली गई तो कहीं एहतियातन बंद करा दी गई। आंधी के चलते मोदीपुरम, मेडिकल, शताब्दीनगर, गंगानगर, परतापुर आदि ट्रांसमिशन से शहर के 50 बिजलीघरों को आ रही 33 केवी लाइन के अलावा बिजलीघरों के फीडरों के लिए जा रही 11 केवी की लाइनों में फाल्ट हो गए। कहीं पेड़ गिरने तो कहीं डाल गिरने से बिजली लाइन और पोल जमींदोज हो गए। मलियाना क्षेत्र में 100 केवीए का ट्रांसफार्मर गिर कर क्षतिग्रस्त हो गया। बारिश बंद होने के बाद ही फाल्ट अटेंड होने शुरू हुए। चार घंटे की मशक्कत के बाद 42 बिजलीघरों की बिजली आपूर्ति तो सामान्य हो गई, लेकिन आठ बिजलीघरों की बिजली ठीक होने में करीब 8 घंटे का समय लग गया। अधीक्षण अभियंता एके सिंह ने बताया कि आंधी से दर्जनों बिजलीघरों की लाइन टूट गई। दो दर्जन से ज्यादा पोल टूट गए। सबसे ज्यादा नुकसान 33 केवी रघुनाथपुर, रोहटा, खिवाई, भोला, भटीपुरा, मेडिकल, किठौर, खरखौदा, पांचली कुंडा शताब्दी नगर आदि बिजलीघरों में हुआ। खेतों में पानी भरा होने के कारण लाइनों को उठाया नहीं जा सका है। सोमवार शाम तक ही वहां की बिजली आपूर्ति सामान्य हो सकेगी।
13 सूचनाएं हुईं दर्ज
आंधी के चलते पेड़ और होर्डिंग गिरने की 13 से ज्यादा सूचनाएं कंट्रोल रूम को दर्ज कराई गई। मवाना रोड, कमिश्नर आवास चौराहा, डेयरी फार्म कट आदि जगह होर्डिंग गिरने से लोग बाल-बाल बचे। मेरठ-पौड़ी मार्ग पर इंचौली व बहसूमा के पास और काली नदी के पेट टूटने से रास्ता बाधित हुआ। पुलिस ने होर्डिंग और पेड़ हटवाकर रास्ता खुलवाया।
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प्रभावित हुई नालों की सफाई
आंधी और बारिश से नाला सफाई भी प्रभावित हो गई। कुछ निचले इलाकों में नालों से निकाली गई सिल्ट बारिश के पानी के साथ वापस फिर से नाले में पहुंच गई। अमर उजाला ने 2 दिन पहले ही निगम प्रशासन को इस संबंध में जगाने का काम किया। जिसके बाद निगम ने नालों के बाहर सड़कों पर जमा सिल्ट के ढेरों को उठाने का काम शुरू किया था। नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. गजेंद्र कुमार के अनुसार नाला सफाई लगातार की जाएगी। सिल्ट को भी उठाया जाएगा।
मकान की छत गिरी, 3 घायल
लिसाड़ी गेट के ईदगाह गोल्डन कॉलोनी निवासी शोएब पुत्र इस्लाम के दोमंजिला मकान की छत की दीवार आंधी के चलते पड़ोसी सरताज की छत पर आ गिरी। इस दौरान मकान में मौजूद सरताज, उसका बेटा अयान और बेटी मुस्कान घायल हो गए। तीनों का उपचार कराया गया। सरताज ने शोएब के खिलाफ तहरीर दी है।
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मेरठ। आंधी और बारिश ने रविवार को शहर से लेकर देहात को अस्तव्यस्त कर दिया। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार हवा की रफ्तार दो से 81 किमी प्रति घंटा रही। आंधी से बिजली का ढांचा चरमरा गया। कई जगह बिजली की लाइनें, खंभे, पेड़ और होर्डिंग उखड़ गए। कई जगह दीवारें ढह गईं। करीब आठ घंटे की मशक्कत के बाद बिजली आपूर्ति सुचारु हो पाई। वहीं, गेहूं और आम की फसलों को भी भारी नुकसान हुआ है। हालांकि मौसम में आए बदलाव से दिन का तापमान चार डिग्री तक गिर गया।
सुबह से सामान्य रहा मौसम का मिजाज पूर्वाह्न करीब 11:30 बजे से अचानक से बदल गया। आसमान में काले बादल छाने से दिन में ही अंधेरा छा गया। आंधी से पूरे शहर की बत्ती गुल हो गई। कई जगह फाल्ट होने के चलते बिजली गई तो कहीं एहतियातन बंद करा दी गई। आंधी के चलते मोदीपुरम, मेडिकल, शताब्दीनगर, गंगानगर, परतापुर आदि ट्रांसमिशन से शहर के 50 बिजलीघरों को आ रही 33 केवी लाइन के अलावा बिजलीघरों के फीडरों के लिए जा रही 11 केवी की लाइनों में फाल्ट हो गए। कहीं पेड़ गिरने तो कहीं डाल गिरने से बिजली लाइन और पोल जमींदोज हो गए। मलियाना क्षेत्र में 100 केवीए का ट्रांसफार्मर गिर कर क्षतिग्रस्त हो गया। बारिश बंद होने के बाद ही फाल्ट अटेंड होने शुरू हुए। चार घंटे की मशक्कत के बाद 42 बिजलीघरों की बिजली आपूर्ति तो सामान्य हो गई, लेकिन आठ बिजलीघरों की बिजली ठीक होने में करीब 8 घंटे का समय लग गया। अधीक्षण अभियंता एके सिंह ने बताया कि आंधी से दर्जनों बिजलीघरों की लाइन टूट गई। दो दर्जन से ज्यादा पोल टूट गए। सबसे ज्यादा नुकसान 33 केवी रघुनाथपुर, रोहटा, खिवाई, भोला, भटीपुरा, मेडिकल, किठौर, खरखौदा, पांचली कुंडा शताब्दी नगर आदि बिजलीघरों में हुआ। खेतों में पानी भरा होने के कारण लाइनों को उठाया नहीं जा सका है। सोमवार शाम तक ही वहां की बिजली आपूर्ति सामान्य हो सकेगी।
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13 सूचनाएं हुईं दर्ज
आंधी के चलते पेड़ और होर्डिंग गिरने की 13 से ज्यादा सूचनाएं कंट्रोल रूम को दर्ज कराई गई। मवाना रोड, कमिश्नर आवास चौराहा, डेयरी फार्म कट आदि जगह होर्डिंग गिरने से लोग बाल-बाल बचे। मेरठ-पौड़ी मार्ग पर इंचौली व बहसूमा के पास और काली नदी के पेट टूटने से रास्ता बाधित हुआ। पुलिस ने होर्डिंग और पेड़ हटवाकर रास्ता खुलवाया।
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प्रभावित हुई नालों की सफाई
आंधी और बारिश से नाला सफाई भी प्रभावित हो गई। कुछ निचले इलाकों में नालों से निकाली गई सिल्ट बारिश के पानी के साथ वापस फिर से नाले में पहुंच गई। अमर उजाला ने 2 दिन पहले ही निगम प्रशासन को इस संबंध में जगाने का काम किया। जिसके बाद निगम ने नालों के बाहर सड़कों पर जमा सिल्ट के ढेरों को उठाने का काम शुरू किया था। नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. गजेंद्र कुमार के अनुसार नाला सफाई लगातार की जाएगी। सिल्ट को भी उठाया जाएगा।
मकान की छत गिरी, 3 घायल
लिसाड़ी गेट के ईदगाह गोल्डन कॉलोनी निवासी शोएब पुत्र इस्लाम के दोमंजिला मकान की छत की दीवार आंधी के चलते पड़ोसी सरताज की छत पर आ गिरी। इस दौरान मकान में मौजूद सरताज, उसका बेटा अयान और बेटी मुस्कान घायल हो गए। तीनों का उपचार कराया गया। सरताज ने शोएब के खिलाफ तहरीर दी है।