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मौसम: जनवरी में बारिश ने तोड़ा 42 साल का रिकॉर्ड, खेतों में भरा पानी, गन्ने की छिलाई बंद

Mon, 10 Jan 2022 12:23 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Mon, 10 Jan 2022 12:23 PM IST
सार

42 साल पहले इसी महीने में हुई थी 84.8 मिमी. बारिश, अब पांच दिन में ही 88.6 मिमी. हो गई

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Weather: In January, the rain broke the record of the year 1980, water filled the fields, sugarcane peeling stopped
rain in meerut - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

झमाझम बारिश ने जनवरी में 42 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। 1980 में पूरे जनवरी में 84.8 मिमी. बारिश हुई थी, जबकि 2022 के पांच दिनों में ही 88.6 मिमी. बारिश हो चुकी है। सर्दी का असर बढ़ गया है। सोमवार से मौसम साफ होने की उम्मीद है। सुबह कोहरा पड़ सकता है। 
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रविवार को मौसम कार्यालय पर अधिकतम तापमान 18.8 डिग्री व न्यूनतम 11.0 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। बारिश 34.4 मिमी दर्ज की गई। भारतीय कृषि प्रणाली अनुसंधान के मौसम वैज्ञानिक डॉ. एन सुभाष का कहना है कि दिन का तापमान सामान्य से तीन डिग्री कम है, जबकि रात का तापमान सामान्य से पांच डिग्री ज्यादा है। सोमवार को सुबह के समय कोहरा छाएगा। 1995 में भी 54 मिमी. बारिश दर्ज की गई थी। 
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सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विवि के मौसम वैज्ञानिक डॉ. यूपी शाही का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ के निष्क्रिय होने से मौसम में बदलाव आएगा, बारिश का दौर रुकेगा और ठंड बढे़गी। बारिश और तेज हवा के चलने से सरसों की फसल को नुकसान पहुंचा है।
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गेहूं की फसल के लिए बारिश लाभकारी होगी। गेहूं की पछेती फसल के लिए यह मौसम सबसे अच्छा है। बारिश के चलते मेरठ और एनसीआर का प्रदूषण भी कम हो गया है। पांच दिन पहले मेरठ का एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 350 से ऊपर चल रहा था।

खेतों में भरा पानी, गन्ने की छिलाई बंद 
तीन दिन से हो रही बारिश से जहां गेहूं की फसल को लाभ मिला है। वहीं अन्य फसलें प्रभावित हुई हैं। खेतों में पानी भरने से गन्ना छिलाई बंद हो गई है। गन्ना क्रय केंद्रों में भी पानी भरने से उठान बंद हो गया है। मिलों पर गन्ने की पेराई प्रभावित हुई है। खेतों से गन्ना नहीं निकलने के चलते किसान गन्ना सेंटरों पर नहीं डाल सके हैं। किसानों ने गन्ना पर्ची की तिथि को आगे बढ़ाने की मांग की है। पिछले दो दिन से चल रही बारिश ने खेती-किसानी को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है।

हवा चलने से जहां सरसों की फसल गिर गई हैं  वहीं गन्ना छिलाई और आपूर्ति प्रभावित हुई है। ईंधन भीगने से कोल्हू भी बंद हो गए हैं। उप गन्ना आयुक्त मेरठ परिक्षेत्र राजेश मिश्र का कहना है कि बारिश के चलते केंद्रों से गन्ना उठान प्रभावित हुआ है। जिला गन्ना अधिकारी डॉ. दुष्यंत कुमार ने बताया कि उन किसानों को घबराने की जरूरत नहीं है जिनकी गन्ना पर्ची बारिश की वजह से नहीं डल सकी है। उनकी पर्ची को आगे की तिथि में जारी करा दिया जाएगा।

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