मौसम: जनवरी में बारिश ने तोड़ा 42 साल का रिकॉर्ड, खेतों में भरा पानी, गन्ने की छिलाई बंद
42 साल पहले इसी महीने में हुई थी 84.8 मिमी. बारिश, अब पांच दिन में ही 88.6 मिमी. हो गई
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रविवार को मौसम कार्यालय पर अधिकतम तापमान 18.8 डिग्री व न्यूनतम 11.0 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। बारिश 34.4 मिमी दर्ज की गई। भारतीय कृषि प्रणाली अनुसंधान के मौसम वैज्ञानिक डॉ. एन सुभाष का कहना है कि दिन का तापमान सामान्य से तीन डिग्री कम है, जबकि रात का तापमान सामान्य से पांच डिग्री ज्यादा है। सोमवार को सुबह के समय कोहरा छाएगा। 1995 में भी 54 मिमी. बारिश दर्ज की गई थी।
सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विवि के मौसम वैज्ञानिक डॉ. यूपी शाही का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ के निष्क्रिय होने से मौसम में बदलाव आएगा, बारिश का दौर रुकेगा और ठंड बढे़गी। बारिश और तेज हवा के चलने से सरसों की फसल को नुकसान पहुंचा है।
गेहूं की फसल के लिए बारिश लाभकारी होगी। गेहूं की पछेती फसल के लिए यह मौसम सबसे अच्छा है। बारिश के चलते मेरठ और एनसीआर का प्रदूषण भी कम हो गया है। पांच दिन पहले मेरठ का एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 350 से ऊपर चल रहा था।
खेतों में भरा पानी, गन्ने की छिलाई बंद
तीन दिन से हो रही बारिश से जहां गेहूं की फसल को लाभ मिला है। वहीं अन्य फसलें प्रभावित हुई हैं। खेतों में पानी भरने से गन्ना छिलाई बंद हो गई है। गन्ना क्रय केंद्रों में भी पानी भरने से उठान बंद हो गया है। मिलों पर गन्ने की पेराई प्रभावित हुई है। खेतों से गन्ना नहीं निकलने के चलते किसान गन्ना सेंटरों पर नहीं डाल सके हैं। किसानों ने गन्ना पर्ची की तिथि को आगे बढ़ाने की मांग की है। पिछले दो दिन से चल रही बारिश ने खेती-किसानी को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है।
हवा चलने से जहां सरसों की फसल गिर गई हैं वहीं गन्ना छिलाई और आपूर्ति प्रभावित हुई है। ईंधन भीगने से कोल्हू भी बंद हो गए हैं। उप गन्ना आयुक्त मेरठ परिक्षेत्र राजेश मिश्र का कहना है कि बारिश के चलते केंद्रों से गन्ना उठान प्रभावित हुआ है। जिला गन्ना अधिकारी डॉ. दुष्यंत कुमार ने बताया कि उन किसानों को घबराने की जरूरत नहीं है जिनकी गन्ना पर्ची बारिश की वजह से नहीं डल सकी है। उनकी पर्ची को आगे की तिथि में जारी करा दिया जाएगा।