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गुरुजो के बताए मार्ग पर चलना चाहिए : आलोक
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सरधना। जैन धर्म के पर्वाधिराज पर्युषण महापर्व के छठे दिन अष्ट प्रकारी पूजन विधि-विधानपूर्वक संप
- फोटो : संवाद
पर्युषण महापर्व के छठे दिन श्रद्धा और भक्ति के साथ किया अष्ट प्रकारी पूजन
संवाद न्यूज एजेंसी
सरधना। जैन धर्म के पर्वाधिराज पर्युषण महापर्व के छठे दिन सोमवार को श्री शांतिनाथ जैन श्वेतांबर मूर्ति पूजक ट्रस्ट संघ के तत्वावधान में अष्ट प्रकारी पूजन विधि-विधानपूर्वक संपन्न हुआ। संघ अध्यक्ष आलोक जैन ने कहा कि सभी को अपने गुरुओं का स्मरण करते हुए उनके बताए मार्ग पर चलना चाहिए।
दिन की शुरुआत भक्ताम्बर स्तोत्र के पाठ से हुई, जिसके पश्चात स्नात्र पूजन और अष्ट द्रव्यों से पूजन किया गया। पूजन के उपरांत प्रभु की आरती, शांति धारा और चैत्य वंदन किया गया। सोमवार के पूजन के लाभार्थी विनेश जैन, सुनीता जैन, नवनीत जैन डाहर परिवार रहे। पूजन आयोजन में सहयोग सुंदरी जैन, रमेश चंद जैन और भूमि जैन ने किया। संघ अध्यक्ष आलोक जैन ने सामूहिक पूजन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि धर्म की प्रभावना सामूहिक प्रयासों से ही संभव है, जहां व्यक्तिगत धार्मिक आचरण आत्मकल्याण का मार्ग प्रशस्त करता है, वहीं सामूहिक प्रयासों से धर्म का प्रचार-प्रसार होता है।
आचार्य विजय वल्लभ सूरी, आचार्य विजय चंद्रसेन, आचार्य विजय इंद्रसेन, आचार्य विजय हर्षिल सेन और गणि महासेन विजय समेत सभी पूज्य गुरुओं को नमन करते हुए उनके प्रति श्रद्धा प्रकट की। इस दौरान सतेंद्र जैन, संजय जैन, अमित जैन, गिरीश जैन, सुरेश जैन, सोहन लाल, आदित्य जैन, प्रमोद जैन, शानू जैन, पिंकी जैन, गरिमा जैन, दर्शिका जैन, सुनैना जैन, दीपा जैन, लक्ष्मी जैन, कोमल जैन, रजनी जैन, प्रियंका जैन, सुनीता जैन रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
सरधना। जैन धर्म के पर्वाधिराज पर्युषण महापर्व के छठे दिन सोमवार को श्री शांतिनाथ जैन श्वेतांबर मूर्ति पूजक ट्रस्ट संघ के तत्वावधान में अष्ट प्रकारी पूजन विधि-विधानपूर्वक संपन्न हुआ। संघ अध्यक्ष आलोक जैन ने कहा कि सभी को अपने गुरुओं का स्मरण करते हुए उनके बताए मार्ग पर चलना चाहिए।
दिन की शुरुआत भक्ताम्बर स्तोत्र के पाठ से हुई, जिसके पश्चात स्नात्र पूजन और अष्ट द्रव्यों से पूजन किया गया। पूजन के उपरांत प्रभु की आरती, शांति धारा और चैत्य वंदन किया गया। सोमवार के पूजन के लाभार्थी विनेश जैन, सुनीता जैन, नवनीत जैन डाहर परिवार रहे। पूजन आयोजन में सहयोग सुंदरी जैन, रमेश चंद जैन और भूमि जैन ने किया। संघ अध्यक्ष आलोक जैन ने सामूहिक पूजन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि धर्म की प्रभावना सामूहिक प्रयासों से ही संभव है, जहां व्यक्तिगत धार्मिक आचरण आत्मकल्याण का मार्ग प्रशस्त करता है, वहीं सामूहिक प्रयासों से धर्म का प्रचार-प्रसार होता है।
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आचार्य विजय वल्लभ सूरी, आचार्य विजय चंद्रसेन, आचार्य विजय इंद्रसेन, आचार्य विजय हर्षिल सेन और गणि महासेन विजय समेत सभी पूज्य गुरुओं को नमन करते हुए उनके प्रति श्रद्धा प्रकट की। इस दौरान सतेंद्र जैन, संजय जैन, अमित जैन, गिरीश जैन, सुरेश जैन, सोहन लाल, आदित्य जैन, प्रमोद जैन, शानू जैन, पिंकी जैन, गरिमा जैन, दर्शिका जैन, सुनैना जैन, दीपा जैन, लक्ष्मी जैन, कोमल जैन, रजनी जैन, प्रियंका जैन, सुनीता जैन रहे।
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