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बारिश से फिर जलभराव, टूटी सड़कों पर भरा पानी, निगम में हंगामा
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मेरठ। महानगर में बारिश ने एक बार फिर लोगों का टूटी सड़क से निकलना दुश्वार कर दिया। गड्ढों में पानी भरा तो दोपहिया वाहन पर सवार लोग परेशान हो गए। कई जगह जलभराव होने के चलते यातायात प्रभावित हो गया। नगर निगम परिसर में भी जलभराव होने पर लोगों ने अधिकारियों के खिलाफ हंगामा किया। आरोप लगाया कि करोड़ों रुपया खर्च करने के बावजूद शहर के नाले ओवरफ्लो चल रहे हैं, इसके चलते ही जलभराव की स्थिति है।
बुढ़ाना गेट, शास्त्रीनगर, मलियाना, साकेत, दिल्ली रोड और बेगमपुल सहित कई इलाकों में जलभराव के चलते सड़कों से गुजरना शनिवार को मुश्किल हो गया। सुबह तेज धूप और दोपहर के बाद बारिश ने अव्यवस्था के हालात बना दिए। कई जगह तो पैदल चलना लोगों को भारी पड़ गया। टूटी सड़कों पर भरे गंदे पानी ने गड्ढों को ढक दिया, इससे दोपहिया वाहन चालक बार-बार फंसते नजर आए। स्थानीय लोगों ने बताया कि शिकायत करने के बावजूद भी नगर निगम की टीम मौके पर नहीं पहुंची। निगम परिसर में भरे पानी में चलकर लोगों ने अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी की। लोगों का कहना है कि नगर निगम जब अपने कार्यालय में ही जलभराव नहीं रोक पा रहा तो शहर की व्यवस्था क्या संभाल पाएगा।
निगम कार्यालय में पानी भरने से हंगामा
दोपहर करीब 2:45 बजे झमाझम बारिश शुरू हो गई। जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, गृहकर या अन्य कार्य से संबंध में निगम पहुंचे लोगों के घुटनों तक पानी था। लोगों ने हंगामा कर निगम अफसरों की कार्यशैली पर प्रश्नचिह्न लगाया। लोगों ने कहा कि शहर की गलियों और मोहल्लों की सुध निगम नहीं ले रहा हैं, इससे लोगों में आक्रोश है। नाले-नालियों की सफाई, टूटी सड़कों की मरम्मत नहीं की गई तो वे आंदोलन करेंगे।
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बुढ़ाना गेट, शास्त्रीनगर, मलियाना, साकेत, दिल्ली रोड और बेगमपुल सहित कई इलाकों में जलभराव के चलते सड़कों से गुजरना शनिवार को मुश्किल हो गया। सुबह तेज धूप और दोपहर के बाद बारिश ने अव्यवस्था के हालात बना दिए। कई जगह तो पैदल चलना लोगों को भारी पड़ गया। टूटी सड़कों पर भरे गंदे पानी ने गड्ढों को ढक दिया, इससे दोपहिया वाहन चालक बार-बार फंसते नजर आए। स्थानीय लोगों ने बताया कि शिकायत करने के बावजूद भी नगर निगम की टीम मौके पर नहीं पहुंची। निगम परिसर में भरे पानी में चलकर लोगों ने अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी की। लोगों का कहना है कि नगर निगम जब अपने कार्यालय में ही जलभराव नहीं रोक पा रहा तो शहर की व्यवस्था क्या संभाल पाएगा।
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निगम कार्यालय में पानी भरने से हंगामा
दोपहर करीब 2:45 बजे झमाझम बारिश शुरू हो गई। जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, गृहकर या अन्य कार्य से संबंध में निगम पहुंचे लोगों के घुटनों तक पानी था। लोगों ने हंगामा कर निगम अफसरों की कार्यशैली पर प्रश्नचिह्न लगाया। लोगों ने कहा कि शहर की गलियों और मोहल्लों की सुध निगम नहीं ले रहा हैं, इससे लोगों में आक्रोश है। नाले-नालियों की सफाई, टूटी सड़कों की मरम्मत नहीं की गई तो वे आंदोलन करेंगे।
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