गंगा का जलस्तर कम होने के बावजूद मुजफ्फरनगर के मोरना क्षेत्र के खादर में बसे चार गांवों में पानी भर गया है। गांवों के रास्तों और कई घरों में जलभराव होने से लोगों को परेशानियों को सामना करना पड़ रहा है। सोलानी और गंगा के खादर में बसे मोरना क्षेत्र के गांवों में अभी भी हालात खराब हैं। उत्तराखंड की सीमा पर बसे गांव मजलिसपुर तौफीर, महाराज नगर, खैरनगर एवं सिताबपुरी के रास्ते जलमग्न हैं।
खतरे के निशान पर बह रही यमुना, यहां कई गांवों में भरा पानी, जानें- क्या है पश्चिमी यूपी के हालात
उधर, रामराज क्षेत्र के गांवों में पानी घट रहा है। खादर क्षेत्र के चूहापुर, शाहपुर, अहमदवाला, नीला जलालपुर समेत छह गांवों में जलभराव हो गया था। इन गांवों में भी पानी कम हो रहा है।
यमुना के किनारे बसें गांवों में दहशत का माहौल, सड़कों तक पहुंचा पानी, प्रशासनिक टीम मौके पर मौजूद
वहीं शामली में उफनी यमुना से मंगलवार को भी लोग दहशत में रहे। जलस्तर खतरे के निशान से डेढ़ मीटर ऊपर रहा। यूपी-हरियाणा बॉर्डर पर यमुना पुल के नीचे पानी अधिक होने के कारण कैराना प्रशासन ने हरियाणा की ओर जाने वाले वाहनों को रोक दिया था। हालांकि हरियाणा की ओर से वाहन चलते रहे। शाम को डीएम और एसपी ने भी प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। मंगलवार को जलस्तर और अधिक बढ़ गया। सुबह नौ बजे करीब 232.6 मीटर तक पहुंचा, लेकिन अधिकृत तौर पर 232.5 मीटर की पुष्टि ड्रेनेज विभाग ने की है। पानी का बहाव बहुत तेज था। जिससे पुल के पास हरियाणा की सड़क में दरार पड़ गई।
बागपत में यमुना नदी में पानी खतरे के निशान पर बह रहा है। दिनभर यमुना में पानी देखने के लिए लोगों का किनारे पर जमावड़ा लगा रहा। छपरौली के टांडा, जागोस के अलावा बड़ौत में कोताना और बागपत में निवाड़ा, पक्का घाट और काठा में दिनभर यमुना का जलस्तर देखने के लिए लोगों की आवाजाही रही। प्रशासन ने चेतावनी बोर्ड लगा दिए हैं। लोगों को यमुना की तरफ जाने से रोका गया। कई जगह तैराक भी तैनात किए गए। यमुना के पानी से चारे, ईख और सब्जियों की फसल पूरी तरह डूब गई है। खेतों तक पानी पहुंच जाने के कारण किसानों का काफी नुकसान हुआ है।
पश्चिमी यूपी में मंडराया बाढ़ का खतरा, उफान पर यमुना और गंगा, तबाह हो गई हजारों बीघा फसलें
सहारनपुर में यमुना के जलस्तर में कमी आई, जिससे लोगों ने राहत की सांस ली है, लेकिन रविवार को हथिनीकुंड बैराज से आठ लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने से हालात काफी खराब हो गए थे। कई इलाकों में जलभराव की वजह से फसलें बर्बाद हो गईं। जिसको लेकर किसान काफी परेशान हैं। बिजनौर में भी गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया था। रामपुर ठकरा गांव में पानी भर गया था। जलीलपुर से सलेमपुर, दत्तियाना, रायपुर आदि गांवों और संपर्क मार्गों को जोड़ने वाले मार्गों पर पानी बह रहा है। सड़कों पर एक से तीन फीट तक पानी है।