बारिश में जलसंकट: साढ़े तीन लाख लोगों को नहीं मिला गंगाजल, पहाड़ों से बहकर आई सिल्ट, आज भी आपूर्ति मुश्किल
मेरठवासियों के तकरीबन साढ़े तीन लाख लोगों का गंगाजल की आपूर्ति के लिए आज भी इंतजार करना पड़ सकता है। दरअसल, पहाड़ों से बारिश के साथ आई सिल्ट से गंगाजल की आपूर्ति बाधित हो गई है। शनिवार शाम को शहर में नलकूपों से आपूर्ति कराई।
विस्तार
भोले की झाल पर लगे ट्रीटमेंट प्लांट से शहर में गंगाजल की आपूर्ति होती है। कई दिन से लगातार बारिश होने के कारण नहर में पानी के साथ अधिक सिल्ट आ गई है। इस कारण शनिवार सुबह गंगाजल ट्रीटमेंट प्लांट बंद कर दिया गया। यही कारण है कि शहर को गंगाजल की आपूर्ति नहीं मिल पाई।
पहले तो भूमिगत जलाशयों में जमा गंगाजल की आपूर्ति दी गई, लेकिन शाम की जलापूर्ति के लिए निगम के नलकूपों से जलाशयों को भरा गया। शहर में टाउन हॉल, पीएल शर्मा स्मारक, विकासपुरी, सर्किट हाउस, बच्चा पार्क सहित अन्य जलाशयों को गंगाजल से भरा जाता है। इन जलाशयों से जुड़े क्षेत्रों में गंगाजल की आपूर्ति की जाती है। शनिवार शाम से गंगाजल आपूर्ति प्रभावित हो गई है।
नलकूपों से कराई आपूर्ति
गंगनहर में सिल्ट अधिक आने के कारण शनिवार सुबह प्लांट नहीं चल पाया। इस कारण गंगाजल आपूर्ति प्रभावित हो गई। इसके चलते नलकूपों से आपूर्ति कराई गई। - ममता मालवीय, अपर नगरायुक्त
पहले चरण में तीन जोन की बनाई गई कार्य योजना, डीपीआर की जा रही है तैयार
शहर के प्रत्येक घर को पाइप लाइन से पानी देने की तैयारी है। शहर के बाहरी इलाकों की करीब पांच लाख की आबादी को पाइप लाइन से पानी देने की तैयारी है। अमृत-2 योजना के तहत जल निगम ने कार्य योजना तैयार कर ली है। डीपीआर बनाने पर काम चल रहा है। अगले माह यह डीपीआर शासन को भेजी जाएगी।
शहर की आबादी बढ़ती जा रही है। बाहरी इलाकों में कालोनियां विकसित हो रही हैं। शहर के बाहर ही नहीं बल्कि अंदर भी काफी इलाके ऐसे हैं जहां पर हर घर तक पाइप लाइन से जलापूर्ति नहीं हो रही है। ऐसे सभी घरों तक गंगाजल और ट्यूबवेल का पानी पहुंचाने के लिए सरकार ने अमृत-2 योजना संचालित की है। नगर निगम और जल निगम के इंजीनियरों की संयुक्त टीम ने शहर के तीन जोन में जलापूर्ति की व्यवस्था के अनुसार कार्य योजना तैयार की है।
नौ जोन में बंटा शहर
नगर निगम और जल निगम ने शहर को नौ जोन में बांटा हुआ है। सभी जोन में रहने वाली जनता को पाइप लाइन से पानी दिए जाने की तैयारी है।
पहले चरण में
जोन सात : यादगारपुर, अजंता कॉलोनी, जयभीमनगर, जागृति विहार सेक्टर तीन, तेजगढ़ी, जागृति विहार सेक्टर आठ, भोपाल सिंह रोड, सूरजकुंड।
जोन पांच : शाहजहां कॉलोनी, फखरुददीनअली अहमदनगर, लक्खीपुरा, जाकिर हुसैन कॉलोनी उत्तरी, जाकिर हुसैन कालोनी दक्षिणी, फतेहउल्लापुर, श्यामनगर पूर्वी, श्यामनगर पश्चिम, आठ लिसाड़ी, एल ब्लॉक शास्त्रीनगर, काजीपुर, जाकिर हुसैन कॉलोनी।
जोन छह
शाहपीरगेट, सुभाषनगर, सूरजकुंड रोड, प्रहलादनगर, दक्षिणी इस्लामाबाद, पूर्वी इस्लामाबाद, किदवई नगर, कैलाशपुरी, जयदेवी नगर, मंजूर नगर, करीमनगर, एल ब्लॉक शास्त्रीनगर, चार शेरगढ़ी, शास्त्रीनगर 7ए, सेक्टर तीन, शास्त्रीनगर एल दो, तेजगढ़ी, जागृति विहार सेक्टर 8, काजीपुर, मोहनपुरी।
पूरी तैयारी है
तीन जोन की कार्य योजना बाद अब डीपीआर बनाई जा रही है। इसके उपरांत शासन के आदेशानुसार अन्य छह जोन का निरीक्षण करके कार्य योजना बनाई जाएगी। पूरी तैयारी कर ली है। - मोहित वर्मा, परियोजना प्रबंधक, जल निगम