तीन वर्ष एक महीने के इंतजार के बाद मेरठवासियों को आज दिल्ली आने-जाने के लिए एक्सप्रेसवे की सौगात मिल जाएगी। उद्घाटन की औपचारिकताओं के बगैर मेरठ से दिल्ली तक 82 किलोमीटर का सफर आसान होने वाला है। अहम बात यह है कि एक्सप्रेसवे पर टोल दरें तय होने में एक सप्ताह लग सकता है।
खुशखबर: आज से 45 मिनट में मेरठ से दिल्ली पहुंच जाएंगे आप, बिना टोल के भरें फर्राटा और फिर...
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मेरठ के यात्री परतापुर से डासना तक का सफर मात्र 25 मिनट में पूरा कर सकेंगे, जबकि दिल्ली-मेरठ के बीच की यात्रा 45 मिनट में पूरी हो सकेगी। यात्रियों को मोदीनगर और मुरादनगर में रोजाना लगने वाले जाम से भी निजात मिलेगी। दिल्ली-मेरठ की दूरी को कम करने के लिए 2008 में मंथन शुरू हुआ था। केंद्र में भाजपा की सरकार बनने पर दिसंबर, 2015 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रोजेक्ट की आधारशिला रखी थी। पहले प्रोजेक्ट को नवंबर 2019 में पूरा किया जाना था लेकिन तकनीकी कारणों और फिर कोरोना महामारी के चलते प्रोजेक्ट की समयसीमा करीब डेढ़ साल बढ़ गई। सांसद राजेंद्र अग्रवाल ने फेसबुक के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी को इसके लिए धन्यवाद दिया है।
एनएचएआई ने इसके लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। मेरठ से जाने वाले वाहनों को परतापुर फ्लाईओवर से नीचे उतरकर भूड़बराल रजबहे से यू-टर्न लेकर बाएं मुडकर एक्सप्रेस-वे पर चढ़ना होगा। वहीं, देहरादून से आने वाले वाहन सीधे रैंप पर चढ़कर एक्सप्रेसवे पर पहुंच जाएंगे।
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हापुड़ और मोदीनगर की यात्रा भी होगी आसान
अगर आप वाया मोदीनगर होकर मेरठ आ रहे हैं और आपको जाम मिल रहा हैं तो भी एक्सप्रेसवे का उपयोग कर सकते हैं। मोदीनगर-हापुड़ रोड पर आकर सीधे एक्सप्रेसवे पर मेरठ की ओर चढ़ सकते हैं। यहां भी टोल बूथ बनाए गए हैं। मेरठ से हापुड़ जाने के लिए भी एक ओर वैकल्पिक रास्ता भी तैयार हो गया है।
डासना में चढ़ने-उतरने के लिए पांच-पांच लेन
एक्सप्रेसवे पर चढ़ने-उतरने के लिए डासना में पांच-पांच लेन उपलब्ध होंगी। चढ़ते-उतरते वक्त जाम की स्थिति न बने, इसके लिए एक्सप्रेसवे के दोनों तरफ पांच-पांच लेने के टोल बूथ बनाए गए है, लेकिन टोल बूथों के बीच में करीब 100 मीटर का अंतर रखा गया है। पहले दो लेन के दो बूथ बनाएं गए। उसके बाद कुछ दूरी पर चलकर तीन लेन के टोल बूथ बनाए गए हैं।