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वोकेशनल विषय लेकर बना टॉपर तो मचा हल्ला  

Thu, 31 May 2018 01:12 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Thu, 31 May 2018 01:12 AM IST
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vocational vishey lekar bana topper to macha hulla
फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
सीबीएसई 10वीं बोर्ड परीक्षा परिणाम में वोकेशनल विषय से टॉपर आया तो स्कूलों में हल्ला मच गया। इंफोरमेशन टेक्नालॉजी के अंक जोड़कर बोर्ड ने कैसे एक छात्र को टॉपर घोषित किया। प्रिंसिपलों ने बोर्ड के इस नियम पर आपत्ति जताई। आलम यह कि रीजनल ऑफिस से लेकर दिल्ली हेडक्वार्टर तक फोन घनघनाने शुरू हो गए। नामचीन स्कूलों के प्राचार्यों को भी सीबीएसई के इस दो साल पुराने नियम की जानकारी नहीं थी। स्कूलों ने सीधे बोर्ड के निर्णय पर ही सवाल खड़े कर दिए। देर शाम स्कूल  संचालकों व प्रिंसिपलों को जब इस नियम की सही जानकारी मिली तो उन्होंने अपनी गलती मानी। 
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मंगलवार को दसवीं बोर्ड परीक्षा परिणाम में जिले में तीन छात्र संयुक्त रूप से जिले में टॉपर आए हैं। इसमें आर्मी पब्लिक स्कूल के छात्र उत्कर्ष सिंह के परीक्षा परिणाम में आईटी (402) के अंक जुड़े हैं। स्कूलाें के सामने जब छात्र के अंक आए तो उन्होंने आपत्ति जताई कि कैसे आईटी के नंबर जोड़कर टॉपर बना दिया। किसी ने यह नहीं देखा कि ये वोकेशनल विषय के अंक हैं। विषय के सामने साफ तौर पर वोकेशनल लिखा था। बल्कि स्कूल बोर्ड कार्यालय में तर्क देने लगे कि ऐसे तो हमारा छात्र भी टॉपर है। जब रीजनल कार्यालय में बात हुई और नियम का पता चला तो आपत्ति करने वाले अपनी ही भूल पर पछताते नजर आए। 
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नियमानुसार एक छात्र तीनों मुख्य विषयों गणित, एसएसटी, विज्ञान के स्थान पर एक, दो या तीनों वोकेशनल विषय लेकर नवमी, दसवीं की पढ़ाई कर सकता है। उसके वोकेशनल विषय क ो मुख्य विषय ही माना जाएगा। नवमी में ही छात्र यह विषय चुन सकता है। 
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इस वर्ष ग्राफ और ऊंचा जाएगा
साल 2016 में लागू बोर्ड के  इस नियम की जानकारी अधिकांश स्कूलों को बाद में हुई। स्कूलों ने बाद में वोकेशनल विषय की अनुमति ली। इस वर्ष शहर के अधिकांश विद्यालयों में 60 प्रतिशत छात्रों ने मुख्य विषयों के स्थान पर वोकेशनल विषय लिए हैं। इस साल दसवीं का जो परीक्षा परिणाम होगा, उसमें सफलता का स्तर और अधिक होगा। स्कूलों ने रिजल्ट सुधारने व सभी छात्रों को पास कराने के लिए उन्हें वोकेशनल विषय अधिक दिया है। बेसिक विषय गणित, एसएसटी और विज्ञान के बजाय वोकेशनल विषय दिए हैं। 


ये हैं वोकेशनल विषय
विषय- कोड

. डायनेमिक्स ऑफ रिटेलिंग- 401
. इंफारमेशनल टेक्नोलॉजी- 402
. सिक्योरिटी- 403
. ऑटोमोबाइल टेक्नॉलाजी - 404
. इंट्रोडक्शन टू फाइनेंशियल मार्केट्स- 405
. इंट्रोडक्शन टू टूरिज्म- 406
. ब्यूटी एंड वेलनेस- 407
. बेसिक एग्रीकल्चर- 408
. फूड प्रोडक्शन- 409
. फ्रंट ऑफिस ऑपरेशन- 410
. बैकिंग एंड इंश्योरेंस- 411
. मार्केटिंग एंड सेल्स- 412
. हेल्थ केयर सर्विस- 413
 

वोकेशनल से रिप्लेस कर सकता है
सीबीएसई देहरादून रीजन के चेयरमैन रणवीर सिंह का कहना है कि सीबीएसई पहले ही यह नियम लागू कर चुका है। छात्र मुख्य विषय को वोकेशनल से रिप्लेस कर सकता है। स्कूलों ने इसके लिए सीबीएसई से अनुमति भी ली है। वोकेशनल विभाग की अनुमति के बाद ही विद्यालयों ने अपने यहां विषय लिए हैं। जिन स्कूलों को जानकारी नहीं है, वो ही इस पर आपत्ति लगाएंगे। वैकल्पिक विषय में एफआइटी 165 कोड वाला विषय है। वैकल्पिक विषय रिप्लेस नहीं हो सकते। लेकिन 401 से 413 कोड नंबर के सभी वोकेशनल विषयों को छात्र गणित, एसएसटी या विज्ञान के स्थान पर चुन सकता है। एक छात्र एक, दो या तीनों वोकेशनल विषय लेकर पढ़ाई कर सकता है। 

 सभी का रिजल्ट अच्छा आया
आर्मी पब्लिक स्कूल की प्रिंसिपल डॉ. रीटा गुप्ता के अनुसार साल 2016 में ही सीबीएसई द्वारा जारी गाइडलाइन के अनुसार छात्रों को वोकेशनल विषय का विकल्प दिया था। अधिकांश छात्रों ने 402 इंफारमेशन टेक्नालॉजी आप्ट किया। कुछ छात्रों ने होमसाइंस और पेंटिंग भी लिया। सभी का रिजल्ट अच्छा आया है। इस वर्ष से बोर्ड ने 12वीं में भी यह सुविधा छात्रों को दी है। 
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