वायर ही नहीं बोलार्ड में भी गड़बड़झाला, एक क्लिक में पढ़ें पूरी खबर
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साइकिल ट्रैक की विद्युत लाइन शिफ्टिंग में हुए वायर घोटाले में जहां बड़ी कार्रवाई हुई तो वहीं अन्य जांच भी शुरू हुई है। दरअसल, साइकिल ट्रैक के केवल वायर ही नहीं यहां लगाए गए बोलार्ड में भी भ्रष्टाचार हुआ है। गाजियाबाद में बने साइकिल ट्रैक पर लगे बोलार्ड से दोगुने दामों पर यहां कमजोर सरिया बोलार्ड में लगवाए गए हैं। यही कारण है कि कई जगह बोलार्ड टूट गए हैं। मेरठ में लगभग छह करोड़ रुपये की लागत से बने साइकिल ट्रैक में भ्रष्टाचार सामने आता जा रहा है। वायर घोटाले में कमिश्नर डॉ. प्रभात कुमार बड़ी कार्रवाई कर तीन अभियंताओं को गिरफ्तार करा चुके हैं।
बोलार्ड में कर डाला खेल
यहां ट्रैक पर बोलार्ड विद हैच लगाया गया, जिससे इस माध्यम से ट्रैक को मुख्य मार्ग से अलग किया गया है। मिनी पोल तथा हैच लगाए जा रहे हैं। साथ-साथ कलर भी किया गया है। लगभग साढ़े तीन किमी में यह काम हुआ है। इसके अलावा लाइट पोल लगे हैं। लोगों को लगा कि वास्तव में ट्रैक पर बेहतर काम हुआ है। लेकिन पोल खुल गई। वायर घोटाला तो सामने आ ही गया है, अब जगह-जगह बोलार्ड टूट गए। इसमें लगे सरिया बाहर झांकने लगे तो पाया कि मात्र ढाई सूत का सरिया इसमें प्रयोग किया गया है। कम से कम चार सूत का सरिया यहां प्रयोग होता तो कुछ मजबूती आती।
रेट में हुआ खेल
वायर घोटाले में भी रेट का खेल हुआ। वहां गाजियाबाद की बात कहकर ज्यादा रेट लगाए गए। इधर यहां गाजियाबाद से ज्यादा रेटों पर बोलार्ड बनवाए गए। जब बोलार्ड लगने का काम हो रहा था, उस समय प्रस्ताव बना तो रेट लिए गए। पाया कि गाजियाबाद में प्रति बोलार्ड 450 रुपये खर्च हो रहा है। मेरठ में यह रेट एक हजार प्रस्तावित किया गया था। बाद में नौ सौ रुपये प्रति बोलार्ड तय कर यह काम पूरा करा दिया गया। केवल इसी काम पर तीस लाख रुपये खर्च हुए।