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ग्राम प्रधान : पांच साल पूरे, विकास कार्य अधूरे
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ग्राम प्रधान : पांच साल पूरे, विकास कार्य अधूरे
- 22 जनवरी तक मतदाता सूची तैयार करने का अल्टीमेटम
- चहेतों की प्राथमिकता के अनुरूप ही हुए पंचायतों में कार्य
रविन्द्र चौहान
हस्तिनापुर। ग्राम प्रधानों का कार्यकाल शुक्रवार आधी रात समाप्त हों गया। इस बीच गांवों में चल रही विकास योजनाओं को पूरा करने के लिए अब प्रशासनिक अधिकारियों को जिम्मेदारी दी जाएगी, हालांकि अभी तक इसकी पुष्टि नहीं हुई है। वहीं, ग्राम प्रधानों का कार्यकाल पूरा होने पर ग्रामपंचायतों में विकास कार्य अभी भी अधूरे हैं। ग्राम पंचायतों में कार्य अधिक दिनों तक प्रभावित न हो इसे लेकर सरकार की मार्च से पहले ही पंचायत चुनाव कराने की तैयारी है। खंड विकास हस्तिनापुर के अंतर्गत लगभग 46 ग्राम पंचायत शामिल हैं। 2011 के आंकड़ों के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों की आबादी लगभग दो लाख है।
मंसूबों पर खरे नहीं उतरे ग्राम प्रधान
कुछ ग्राम प्रधानों ने लगातार अपने पांच सालों में विकास कार्य किए तो कुछ ने जनता की नजरों में अपनी छवि को बेहतर बनाने के लिए राजनीति लोगों का सहरा लेकर विकास कार्य कराए। कुछ ग्राम प्रधानों का यह कार्यकाल ऐसा भी रहा जो जनता के मंसूबों पर खरे नहीं उतरे और ग्राम पंचायतों में वह विकास कार्य नहीं करा पाए जो होने चाहिए थे। कुछ प्रधानों ने अपने चहेतों को ही प्राथमिकता दी और उन्हीं की सुविधाओं के लिए पंचायतों में कार्य कराए।
लाइट के लिए आज भी भटक रहे लोग
आज भी विकास खंड की कई ग्राम पंचायत ऐसी मिल जाएंगी, जिनमें आज तक भी पानी की निकासी, टूटी फूटी सड़क लाइट व्यवस्था से लेकर गरीब लोगों के आवास वृद्ध लोगों की पेंशन को लेकर हुईं बड़ी परेशानी और लोग इसके लिए दर-दर भटक रहे हैं। जानकारी के अनुसार चुनाव आयोग द्वारा 22 जनवरी 2021 तक मतदाताओं की सूची हरहाल में तैयार कर लेने का अल्टीमेटम दिया है। इस बार पंचायत के चारों पदों के लिए एक साथ चुनाव भी हो सकते है जिसकी सभी तैयारी पूर्ण की जा रही है। इनमें क्षेत्र पंचायत सदस्य, जिला पंचायत सदस्य, ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत सदस्य शामिल हैं। गांव के विकास के लिए एवं ग्रामीण सुविधाओं के लिए शासन द्वारा कई योजनाएं चलाकर निर्माण कार्य चलाए गए लेकिन पंचायतों में स्थिति यह है कि कई कार्य स्वीकृत होने के बावजूद भी नहीं हुए तो कोई सालों से अधूरे पड़े है। गांव में विकास कार्य कराए जाने के लिए 14वां, 15वां, वित्त व राज्य वित्त से बजट दिया गया। संवाद
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- 22 जनवरी तक मतदाता सूची तैयार करने का अल्टीमेटम
- चहेतों की प्राथमिकता के अनुरूप ही हुए पंचायतों में कार्य
रविन्द्र चौहान
हस्तिनापुर। ग्राम प्रधानों का कार्यकाल शुक्रवार आधी रात समाप्त हों गया। इस बीच गांवों में चल रही विकास योजनाओं को पूरा करने के लिए अब प्रशासनिक अधिकारियों को जिम्मेदारी दी जाएगी, हालांकि अभी तक इसकी पुष्टि नहीं हुई है। वहीं, ग्राम प्रधानों का कार्यकाल पूरा होने पर ग्रामपंचायतों में विकास कार्य अभी भी अधूरे हैं। ग्राम पंचायतों में कार्य अधिक दिनों तक प्रभावित न हो इसे लेकर सरकार की मार्च से पहले ही पंचायत चुनाव कराने की तैयारी है। खंड विकास हस्तिनापुर के अंतर्गत लगभग 46 ग्राम पंचायत शामिल हैं। 2011 के आंकड़ों के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों की आबादी लगभग दो लाख है।
मंसूबों पर खरे नहीं उतरे ग्राम प्रधान
कुछ ग्राम प्रधानों ने लगातार अपने पांच सालों में विकास कार्य किए तो कुछ ने जनता की नजरों में अपनी छवि को बेहतर बनाने के लिए राजनीति लोगों का सहरा लेकर विकास कार्य कराए। कुछ ग्राम प्रधानों का यह कार्यकाल ऐसा भी रहा जो जनता के मंसूबों पर खरे नहीं उतरे और ग्राम पंचायतों में वह विकास कार्य नहीं करा पाए जो होने चाहिए थे। कुछ प्रधानों ने अपने चहेतों को ही प्राथमिकता दी और उन्हीं की सुविधाओं के लिए पंचायतों में कार्य कराए।
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लाइट के लिए आज भी भटक रहे लोग
आज भी विकास खंड की कई ग्राम पंचायत ऐसी मिल जाएंगी, जिनमें आज तक भी पानी की निकासी, टूटी फूटी सड़क लाइट व्यवस्था से लेकर गरीब लोगों के आवास वृद्ध लोगों की पेंशन को लेकर हुईं बड़ी परेशानी और लोग इसके लिए दर-दर भटक रहे हैं। जानकारी के अनुसार चुनाव आयोग द्वारा 22 जनवरी 2021 तक मतदाताओं की सूची हरहाल में तैयार कर लेने का अल्टीमेटम दिया है। इस बार पंचायत के चारों पदों के लिए एक साथ चुनाव भी हो सकते है जिसकी सभी तैयारी पूर्ण की जा रही है। इनमें क्षेत्र पंचायत सदस्य, जिला पंचायत सदस्य, ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत सदस्य शामिल हैं। गांव के विकास के लिए एवं ग्रामीण सुविधाओं के लिए शासन द्वारा कई योजनाएं चलाकर निर्माण कार्य चलाए गए लेकिन पंचायतों में स्थिति यह है कि कई कार्य स्वीकृत होने के बावजूद भी नहीं हुए तो कोई सालों से अधूरे पड़े है। गांव में विकास कार्य कराए जाने के लिए 14वां, 15वां, वित्त व राज्य वित्त से बजट दिया गया। संवाद
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