Video Viral: रिश्वत लेते कैमरे में कैद हुआ लेखपाल, पीड़ितों ने सुनाया दर्द
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
केंद्र व राज्य सरकार भले ही भ्रष्टाचार खत्म करने की बात करती हो, लेकिन ऐसा होना अंसभव है। क्योंकि आये दिन किसी न किसी शहर में रिश्वत लेते अधिकारी या कर्मचारी कैमरे में कैद हो जाते हैं। ऐसा ही एक मामला मेरठ से सामने आया है। मवाना तहसील में तैनात रहे एक लेखपाल का रिश्वत लेते हुए वीडियो वायरल हो गया है। इस वीडियो में एक दूसरा लेखपाल भी उसके साथ नजर आ रहा है। इस वीडियो की जब पड़ताल की गई तो पता चला कि लेखपाल ने गंगा किनारे खरबूजा, तरबूज आदि की खेती करने वालों से यह उगाही की थी। फरवरी में की गई इस उगाही के वीडियो और पीड़ितों के अब आये बयान की सीडी तैयार कर एसडीएम मवाना ने मेरठ भेजने की बात कही है।
ये है मामला
मवाना तहसील के खादर क्षेत्र के ग्राम भीकुंड के कुछ ग्रामीण गंगा किनारे जनवरी-फरवरी माह में ककड़ी, खीरा, खरबूजा और तरबूज की खेती करते हैं। इस जमीन को वह क्षेत्रीय बड़े किसानों से ही ठेके पर ले लेते हैं। ऐसे ही कुछ किसानों ने स्टांप पेपर पर ठेकानामा तैयार कराकर कई सौ एकड़ जमीन पर फसल बो दी। इसके बाद हलका लेखपाल गांव पहुंचा और उक्त किसानों से कहा कि उन्होंने सरकारी जमीन पर फसल बोई है। इसका लगान दो, नहीं तो फसल जुतवा दी जाएगी। किसानों ने लेखपाल को काफी समझाया, लेकिन वह नहीं माना और 500 रुपये प्रति एकड़ पर बात बनी। इसके बाद किसानों ने लेखपाल को पैसा दे दिया।
दो किसानों से लिया पैसा
जब लेखपाल किसानों के बीच बैठकर पैसा ले रहा था, तभी किसी ने चुपके से वीडियो तैयार कर ली। लेकिन डर के कारण किसान चुप रहे। अब यह वीडियो वायरल हुआ है। जिसमें लेखपाल जहां पैसे लेता साफ नजर आ रहा है, तो किसान से बकाया होने की भी बात कह रहा है। इस वीडियो में लेखपाल ने दो किसानों से पैसा लिया है।
अब मेरठ में तैनात है लेखपाल
उक्त लेखपाल इस समय मेरठ तहसील में तैनात है। इस मामले में जब एसडीएम मवाना अरविंद कुमार से बात हुई तो उन्होंने पहले पुरानी वीडियो होने की बात कही, लेकिन जब पीड़ितों के बयान वाली वीडियो दिखाई गई तो उन्होंने सभी वीडियो की सीडी बनाकर एसडीएम मेरठ को जांच कराकर कार्रवाई के लिए भेजने की बात कही।
पड़ताल में दोनों किसान आये सामने
इस वीडियो की जब पड़ताल की गई तो दोनों किसान सामने आ गये। इनमें गांव भीकुंड के मुन्नू और किशन चंद ने पैसा देना स्वीकार किया। दोनों ने आरोप लगाया कि लेखपाल ने उनसे 3500-3500 रुपये लिये थे। जबकि चार अन्य किसानों से भी उसी समय पैसे लेकर गया था और बाकी के पैसे बाद में दिए गए।
शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरों को पढ़ने के लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें
https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/