फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Victoria Park Fire Case anniversary: when 65 people were burnt to death in Meerut, read full story

Victoria Park Fire Case: जब छिन गईं 226 परिवारों की खुशियां, तड़प-तड़पकर मर गए थे लोग, इंसाफ की जंग जारी

Mon, 10 Apr 2023 11:20 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Mon, 10 Apr 2023 11:20 AM IST
सार

विक्टोरिया पार्क में हुए खौफनाक अग्निकांड को 17 वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन इन 226 परिवारों की आंखों के सामने आज भी वह खौफनाक मंजर तैरता है। किसी ने पत्नी को खोया तो किसी के सिर से माता-पिता का साया उठ गया। अपनों को याद कर हर कोई भावुक हो जाता है।

विज्ञापन
Victoria Park Fire Case anniversary: when 65 people were burnt to death in Meerut, read full story
विक्टोरिया पार्क अग्निकांड का फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दिल को झकझोर देने वाले विक्टोरिया पार्क अग्निकांड की 10 अप्रैल को 17वीं बरसी है। इसमें 226 परिवारों की खुशियां छिन गई थीं। अग्निकांड के पीड़ितों के जख्म आज भी हरे हैं। उस मनहूस मंजर का जिक्र आते ही पीड़ित परिवारों की आंखें नम हो जाती हैं। लब कंपकंपाने लगते हैं और वो खौफनाक शाम जहन में ताजा हो जाती है। 
विज्ञापन


चेहरे पर अपनों से बिछड़ने का गम साफ झलकता है। दर्द बयां करने के लिए अल्फाज कम पड़ने लगते हैं। अभी इंसाफ के लिए पीड़ित लड़ रहे हैं। मुआवजे की लड़ाई कोर्ट में चल रही है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर नियुक्त किए गए न्यायाधीश हर्ष अग्रवाल (अपर जिला जज) इस मामले की सुनवाई कर रहे हैं। इस अग्निकांड के मृतकों की आत्मा की शांति की लिए हर साल की तरह सोमवार को विक्टोरिया पार्क में यज्ञ और श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया जाएगा। 
विज्ञापन

Victoria Park Fire Case anniversary: when 65 people were burnt to death in Meerut, read full story
विक्टोरिया पार्क में बना स्तंभ - फोटो : amar ujala
ऐसे हुआ था यह दर्दनाक हादसा 
विक्टोरिया पार्क में 10 अप्रैल 2006 को कंज्यूमर मेला गुलजार था। दिन ढलने लगा था। लोग घरों की तरफ निकलने वाले थे, तभी शाम 5:40 बजे  पंडाल में आग लगी और बदहवास लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर दौड़ने लगे। देखते ही देखते करीब 1500 वर्ग मीटर में लगा पंडाल शोलों में बदल गया।

लोहे के मजबूत फ्रेम मोम की तरह पिघलकर गिरने लगे। इस भीषण अग्निकांड में 65 जिंदगियां चलीं गईं। करीब 81 लोग गंभीर रूप से झुलस गए और 80 अन्य आग की चपेट में आए।

इस प्रकरण पर पीड़ितों ने सुप्रीम कोर्ट में गुहार लगाई थी कि मृतकों को उपहार कांड की तर्ज पर 20-20 लाख रुपये मुआवजा दिया जाए। अभी तक मृतकों के आश्रितों को पांच-पांच लाख रुपये और झुलसे हुए लोगों को दो-दो लाख रुपये मुआवजा सरकार की तरफ से मिल चुका है। 

Victoria Park Fire Case anniversary: when 65 people were burnt to death in Meerut, read full story
मेरठ विक्टोरिया पार्क अग्निकांड। - फोटो : अमर उजाला
शौहर को खोने के बाद की दो बेटियों की परवरिश 
वैली बाजार में रहने वाली फराह जाफरी ने शौहर अतहर को इस अग्निकांड में खोया था। फराह बताती हैं कि पति तीन दिन तक अस्पताल में जिंदगी के लिए लड़ाई लड़ते रहे। बाद में हार गए। उनकी मौत के बाद तमाम परेशानियां झेलते हुए उन्होंने दो बेटियों की परवरिश की। 

पीड़ा झेली पर, हताश नहीं हुए 
विक्टोरिया पार्क अग्निकांड आहत कल्याण समिति के महामंत्री संजय गुप्ता के परिवार के पांच सदस्य इस हादसे का शिकार हुए थे। संजय ने न सिर्फ पीड़ित परिवारों के लिए हक की लड़ाई लड़ी, बल्कि अपने परिवार के बाकी सदस्यों को भी संभाला। संजय गुप्ता ने बताया कि मुआवजे की लड़ाई अंतिम दौर में है। आने वाले तीन चार माह में निर्णय हो जाएगा। 

यह भी पढ़ें: निकाय चुनाव 2023: मेरठ-बागपत में 11 मई को दूसरे चरण में होगा मतदान, 17 से 24 अप्रैल तक नामांकन दाखिल होंगे
विज्ञापन

Victoria Park Fire Case anniversary: when 65 people were burnt to death in Meerut, read full story
मेरठ विक्टोरिया पार्क अग्निकांड। - फोटो : amar ujala

लंबा संघर्ष किया 
मनोरंजन पार्क निवासी नरेश तायल बताते हैं कि उनकी मां मालती तायल और पिता रमेश चंद्र तायल की जान इसी अग्निकांड में गई थी। मां का शव नहीं मिला। शव इस कदर जले हुए थे मां को पहचान नहीं पाए। उनका शव बदल गया था। प्रशासन ने तो नहीं माना, संघर्ष किया। बाद में कोर्ट ने माना कि उनकी मौत इसी अग्निकांड में हुई थी।  

-6 अप्रैल 2006 : विक्टोरिया पार्क में कंज्यूमर मेले का उद्घाटन।
-10 अप्रैल 2006 : शाम को विक्टोरिया पार्क में अग्निकांड।
-65 लोग मारे गए।
-81 लोग गंभीर रूप से झुलसे। 
-80 अन्य आग की चपेट में आए। 
-6 साल बाद सुप्रीम कोर्ट में संजय गुप्ता की रिट हुई थी स्वीकार
-4 मई 2012 को हुई सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने कहा उपहार की तर्ज पर मुआवजा दे सरकार।
-9 मई 2012 को सरकार ने मुआवजे के लिए सुप्रीम कोर्ट से मांगी थी दो महीने की मोहलत।
-वर्ष 2016 सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये मुआवजा दिया।
-22 मार्च 2022: सुप्रीम कोर्ट में मुआवजे को लेकर लगातार सुनवाई के आदेश।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed