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अपनाें की याद में नम हुईं आंखें
अमर उजाला ब्यूरो/मेरठ
Updated Mon, 11 Apr 2016 01:53 AM IST
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हवन-यज्ञ करते विक्टोरिया पार्क अग्निकांड के पीड़ितों के परिजन।
- फोटो : अमर उजाला
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विक्टोरिया पार्क अग्निकांड को दस साल हो गए, लेकिन आज भी अपनों को खोने का जख्म पीड़ितों के जहन में ताजा है। रविवार को अग्निकांड की दसवीं बरसी पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान पीड़ित परिवारों की आंखें नम नजर आईं। वहीं पीड़ितों ने जब कोल्लम की घटना के बारे में सुना तो अपने दुख के साथ उनकी संवेदनाएं कोल्लम पीड़ितों के साथ भी जुड़ गईं।
विक्टोरिया पार्क में लगे कंज्यूमर मेले में 10 अप्रैल 2006 को आग लगने से 64 लोगों की मृत्यु हो गई थी। जबकि सैकड़ों घायल हुए थे। तब से विक्टोरिया पार्क अग्निकांड आहत कल्याण समिति अग्निकांड की बरसी पर विक्टोरिया पार्क में अग्निकांड स्थल पर बनाए स्मारक पर शांति यज्ञ का आयोजन करती है। इसके अलावा शाम को डीएम आवास के पास से स्मारक स्थल तक कैंडल मार्च का आयोजन होता है।
रविवार को भी सुबह शांति यज्ञ हुआ। जिसमें समिति के सचिव संजय गुप्ता, अपूर्व गुप्ता सहित कई पीड़ित परिवार मौजूद रहे। इस दौरान सीडीओ नवनीत सिंह चहल, एडीएम सिटी एसके दूबे, एमएलसी डॉ. सरोजनी अग्रवाल, दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री चौ. राजपाल सिंह और मेरठ बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रोहिताश्व अग्रवाल श्रद्धांजली देने पहुंचे।
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शाम को डीएम आवास से कैंडल मार्च का आयोजन हुआ। जिसमें सांसद राजेंद्र अग्रवाल, महापौर हरिकांत अहलूवालिया, पार्षद विजय आनंद अग्रवाल, सहंसरपाल, एडको ग्रुप के एमडी वरुण अग्रवाल, संयुक्त व्यापार संघ के मंत्री संदीप रेवड़ी, हर्ष गोयल, आलोक सिसौदिया, विशाल बिंदल, आशीष बंसल, वीरेंद्र कुमार, विपिन गोयल, कमल रस्तोगी आदि मौजूद रहे।
फ्रीजर का नहीं हो रहा उपयोग
विक्टोरिया पार्क अग्निकांड आहत कल्याण समिति की तरफ से पिछले साल जिला प्रशासन को मोर्चरी में आने वाले लावारिस शवों को रखने के लिए दो फ्रीजर दिए गए थे। एक फ्रीजर में दो शव रखने की व्यवस्था है। लेकिन प्रशासन ने इन फ्रीजर को मेडिकल कॉलेज को दे दिए। जहां पर उनका अब तक कोई उपयोग नहीं हुआ है, जबकि मोर्चरी में लावारिस शव सड़ते रहते हैं। समिति के सचिव संजय गुप्ता ने बताया कि वह इस संबंध में जिलाधिकारी से बात करेंगे।
प्रशासनिक लापरवाही से होती हैं अग्निकांड
केरल के कोल्लम में मंदिर में हुए भीषण अग्निकांड पर विक्टोरिया पार्क अग्निकांड के पीड़ित सिहर उठे। पीड़ितों से जब अमर उजाला ने बात की तो उन्होंने कहा कि इन हादसों पर अंकुश लगाया जा सकता है, यदि प्रशासन और संबंधित विभाग अपनी जिम्मेदारियों को ईमानदारी से निभाए।
स्पोर्ट्स कारोबारी संजय गुप्ता का कहना है कि कोल्लम में आतिशबाजी के कारण अग्निकांड हुआ। प्रशासन को नजर रखनी चाहिए थी कि विस्फोटक पदार्थों का इतना बड़ा जखीरा वहां कैसे पहुंचा। यही नहीं स्वीकृति देने के दौरान जो प्रतिबंध लगाए गए थे, उनका पालन क्यों नहीं कराया गया। यदि प्रशासन सजगता से अपनी ड्यूटी निभाता तो ऐसा हादसा नहीं होता।
लाला का बाजार निवासी कमल रस्तोगी ने कहा कि विक्टोरिया पार्क अग्निकांड रहा हो या अब कोल्लम की घटना। सभी जगह एक बात सामने आई है कि वहां सुरक्षा बंदोबस्त नहीं थे। हादसों के बाद जांच बैठती है और जांच में पीड़ित का न्याय फंस जाता है। ऐसे हादसों के लिए सीधे प्रशासन और संबंधित विभाग को दंडित किए जाने का प्रावधान होना चाहिए।
साकेत निवासी वीरेंद्र कुमार का कहना है कि इस तरह के सार्वजनिक आयोजन पर पुलिस प्रशासन को पैनी नजर रखनी चाहिए। आयोजकों के साथ ही स्वयं के स्तर से भी पूरे बंदोबस्त रखने चाहिए, ताकि समय रहते राहत दी जा सके। गंगानगर निवासी विपिन जिंदल के अनुसार इस तरह के हादसों पर यदि अंकुश लगाना है तो नियम कानून सख्त करने के साथ उनका सख्ती से पालन भी कराना होगा। दोषियों पर तत्काल कड़ी कार्रवाई हो जाए तो पूरा तंत्र सजग हो जाएगा।
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विक्टोरिया पार्क में लगे कंज्यूमर मेले में 10 अप्रैल 2006 को आग लगने से 64 लोगों की मृत्यु हो गई थी। जबकि सैकड़ों घायल हुए थे। तब से विक्टोरिया पार्क अग्निकांड आहत कल्याण समिति अग्निकांड की बरसी पर विक्टोरिया पार्क में अग्निकांड स्थल पर बनाए स्मारक पर शांति यज्ञ का आयोजन करती है। इसके अलावा शाम को डीएम आवास के पास से स्मारक स्थल तक कैंडल मार्च का आयोजन होता है।
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रविवार को भी सुबह शांति यज्ञ हुआ। जिसमें समिति के सचिव संजय गुप्ता, अपूर्व गुप्ता सहित कई पीड़ित परिवार मौजूद रहे। इस दौरान सीडीओ नवनीत सिंह चहल, एडीएम सिटी एसके दूबे, एमएलसी डॉ. सरोजनी अग्रवाल, दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री चौ. राजपाल सिंह और मेरठ बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रोहिताश्व अग्रवाल श्रद्धांजली देने पहुंचे।
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शाम को डीएम आवास से कैंडल मार्च का आयोजन हुआ। जिसमें सांसद राजेंद्र अग्रवाल, महापौर हरिकांत अहलूवालिया, पार्षद विजय आनंद अग्रवाल, सहंसरपाल, एडको ग्रुप के एमडी वरुण अग्रवाल, संयुक्त व्यापार संघ के मंत्री संदीप रेवड़ी, हर्ष गोयल, आलोक सिसौदिया, विशाल बिंदल, आशीष बंसल, वीरेंद्र कुमार, विपिन गोयल, कमल रस्तोगी आदि मौजूद रहे।
फ्रीजर का नहीं हो रहा उपयोग
विक्टोरिया पार्क अग्निकांड आहत कल्याण समिति की तरफ से पिछले साल जिला प्रशासन को मोर्चरी में आने वाले लावारिस शवों को रखने के लिए दो फ्रीजर दिए गए थे। एक फ्रीजर में दो शव रखने की व्यवस्था है। लेकिन प्रशासन ने इन फ्रीजर को मेडिकल कॉलेज को दे दिए। जहां पर उनका अब तक कोई उपयोग नहीं हुआ है, जबकि मोर्चरी में लावारिस शव सड़ते रहते हैं। समिति के सचिव संजय गुप्ता ने बताया कि वह इस संबंध में जिलाधिकारी से बात करेंगे।
प्रशासनिक लापरवाही से होती हैं अग्निकांड
केरल के कोल्लम में मंदिर में हुए भीषण अग्निकांड पर विक्टोरिया पार्क अग्निकांड के पीड़ित सिहर उठे। पीड़ितों से जब अमर उजाला ने बात की तो उन्होंने कहा कि इन हादसों पर अंकुश लगाया जा सकता है, यदि प्रशासन और संबंधित विभाग अपनी जिम्मेदारियों को ईमानदारी से निभाए।
स्पोर्ट्स कारोबारी संजय गुप्ता का कहना है कि कोल्लम में आतिशबाजी के कारण अग्निकांड हुआ। प्रशासन को नजर रखनी चाहिए थी कि विस्फोटक पदार्थों का इतना बड़ा जखीरा वहां कैसे पहुंचा। यही नहीं स्वीकृति देने के दौरान जो प्रतिबंध लगाए गए थे, उनका पालन क्यों नहीं कराया गया। यदि प्रशासन सजगता से अपनी ड्यूटी निभाता तो ऐसा हादसा नहीं होता।
लाला का बाजार निवासी कमल रस्तोगी ने कहा कि विक्टोरिया पार्क अग्निकांड रहा हो या अब कोल्लम की घटना। सभी जगह एक बात सामने आई है कि वहां सुरक्षा बंदोबस्त नहीं थे। हादसों के बाद जांच बैठती है और जांच में पीड़ित का न्याय फंस जाता है। ऐसे हादसों के लिए सीधे प्रशासन और संबंधित विभाग को दंडित किए जाने का प्रावधान होना चाहिए।
साकेत निवासी वीरेंद्र कुमार का कहना है कि इस तरह के सार्वजनिक आयोजन पर पुलिस प्रशासन को पैनी नजर रखनी चाहिए। आयोजकों के साथ ही स्वयं के स्तर से भी पूरे बंदोबस्त रखने चाहिए, ताकि समय रहते राहत दी जा सके। गंगानगर निवासी विपिन जिंदल के अनुसार इस तरह के हादसों पर यदि अंकुश लगाना है तो नियम कानून सख्त करने के साथ उनका सख्ती से पालन भी कराना होगा। दोषियों पर तत्काल कड़ी कार्रवाई हो जाए तो पूरा तंत्र सजग हो जाएगा।