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संसद में माइक बंद कर दिया जाता है, इससे बड़ा असत्य और कुछ नहीं हो सकता: उप राष्ट्रपति
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संसद में माइक बंद कर दिया जाता है, इससे बड़ा असत्य और कुछ नहीं हो सकता: उप राष्ट्रपति
उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने कहा कि लोकतंत्र के मंदिर की मर्यादा को कम करने की इजाजत नहीं दी जा सकती है। किसी का नाम लिए बिना कहा कि कुछ लोग आरोप लगाते हैं कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र की संसद में माइक बंद कर दिया जाता है, इससे बड़ा असत्य और कुछ नहीं हो सकता। हम लोकतंत्र के मंदिरों का इस तरह अनादर होते हुए नहीं देख सकते। लोकतंत्र के मंदिर की मर्यादा को कम करने की इजाजत नहीं दी जा सकती है। हम न केवल सबसे बड़े प्रजातंत्र हैं, हम लोकतंत्र की जननी भी हैं। हमारी संविधान सभा ने तीन वर्षों तक अनेक जटिल और विभाजनकारी मुद्दों पर बहस की, उन्हें सुलझाया। लेकिन तीन वर्ष के लंबे समय में, कोई व्यवधान नहीं हुआ, कोई अध्यक्ष के आसन्न के समक्ष में नहीं आया, किसी ने पोस्टर नहीं दिखाये। हमारा आचरण आज उसके विपरीत है। राज्यसभा, लोकसभा, विधानसभा जैसे लोकतंत्र के मंदिरों के सदस्यों का व्यवहार अनुकरणीय होना चाहिए। इसके लिए सभी को जनांदोलन करना होगा। उन लोगों को जवाबदेह बनाना होगा जो इस महान देश की उपलब्धियों का निरादर करते हैं। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने हाल ही में लंदन में कहा था कि लोकसभा में काम करने वाले माइक अक्सर विपक्ष के बोलने के दौरान बंद हो जाते हैं।
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हमारा इतिहास 5000 साल पुराना
उपराष्ट्रपति ने कहा कि हमारा इतिहास 5000 साल पुराना है। अब डिजिटल का युग है। पहले शादियां बिना वीसीआर के नहीं होती थी। अब वीडियो लाइब्रेरी सब खत्म हो गई है। भारत सबसे बड़ी बढ़ती हुई अर्थव्यवस्था है।
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उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने कहा कि लोकतंत्र के मंदिर की मर्यादा को कम करने की इजाजत नहीं दी जा सकती है। किसी का नाम लिए बिना कहा कि कुछ लोग आरोप लगाते हैं कि दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र की संसद में माइक बंद कर दिया जाता है, इससे बड़ा असत्य और कुछ नहीं हो सकता। हम लोकतंत्र के मंदिरों का इस तरह अनादर होते हुए नहीं देख सकते। लोकतंत्र के मंदिर की मर्यादा को कम करने की इजाजत नहीं दी जा सकती है। हम न केवल सबसे बड़े प्रजातंत्र हैं, हम लोकतंत्र की जननी भी हैं। हमारी संविधान सभा ने तीन वर्षों तक अनेक जटिल और विभाजनकारी मुद्दों पर बहस की, उन्हें सुलझाया। लेकिन तीन वर्ष के लंबे समय में, कोई व्यवधान नहीं हुआ, कोई अध्यक्ष के आसन्न के समक्ष में नहीं आया, किसी ने पोस्टर नहीं दिखाये। हमारा आचरण आज उसके विपरीत है। राज्यसभा, लोकसभा, विधानसभा जैसे लोकतंत्र के मंदिरों के सदस्यों का व्यवहार अनुकरणीय होना चाहिए। इसके लिए सभी को जनांदोलन करना होगा। उन लोगों को जवाबदेह बनाना होगा जो इस महान देश की उपलब्धियों का निरादर करते हैं। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने हाल ही में लंदन में कहा था कि लोकसभा में काम करने वाले माइक अक्सर विपक्ष के बोलने के दौरान बंद हो जाते हैं।
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हमारा इतिहास 5000 साल पुराना
उपराष्ट्रपति ने कहा कि हमारा इतिहास 5000 साल पुराना है। अब डिजिटल का युग है। पहले शादियां बिना वीसीआर के नहीं होती थी। अब वीडियो लाइब्रेरी सब खत्म हो गई है। भारत सबसे बड़ी बढ़ती हुई अर्थव्यवस्था है।
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