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मरीज को एंबुलेंस में न ले जाने पर हंगामा, वीडियो वायरल
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सड़क पर पड़े व्यक्ति को एंबुलेंस में ले जाने से इनकार, हंगामा
मेरठ। गढ़ रोड पर औरंगशाहपुर डिग्गी के सामने सड़क पर पड़े एक व्यक्ति को 102 एंबुलेंस चालक ने अस्पताल ले जाने से मना कर दिया। इस पर लोगों ने हंगामा किया और वीडियो बनाकर उसे वायरल कर दिया। इसकी शिकायत सीएमओ से की गई है।
वीडियो में एक व्यक्ति एंबुलेंस चालक से गुहार लगा रहा है कि घायल व्यक्ति है, यह मर जाएगा, इसे तत्काल इलाज की जरूरत है। वहीं, एंबुलेंस चालक कह रहा है कि 102 एंबुलेंस गर्भवती महिलाओं के लिए होती है, दुर्घटना वालों के लिए 108 एंबुलेंस है। उसी में ले जाना पड़ेगा। काफी प्रयास के बाद भी एंबुलेंस चालक उसे ले जाने की बजाय वहां से चला जाता है।
इस बारे में सीएमओ डॉ. अखिलेश मोहन का कहना है कि उन्होंने मामले की जांच कराई तो पता चला कि व्यक्ति घायल नहीं, नशे की हालत में था, उसे 108 एंबुलेंस चालक थोड़ी देर बाद ही अस्पताल लेकर पहुंच गया था। अगर इमरजेंसी के हालात हैं तो उसमें दूसरी एंबुलेंस का इंतजार नहीं करना चाहिए। एंबुलेंस इंचार्ज से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
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वहीं, एंबुलेंस इंचार्ज सुनील चौधरी का कहना है कि एंबुलेंस में जीपीएस लगे हैं। अगर बिना सूचना के वह गर्भवती के अलावा किसी और मरीज को ले जाता तो चालक को जवाब देना पड़ता, वहां 108 एंबुलेंस भी थी, इसलिए दूसरी एंबुलेंस में बैठाने के लिए कहा गया था।
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मेरठ। गढ़ रोड पर औरंगशाहपुर डिग्गी के सामने सड़क पर पड़े एक व्यक्ति को 102 एंबुलेंस चालक ने अस्पताल ले जाने से मना कर दिया। इस पर लोगों ने हंगामा किया और वीडियो बनाकर उसे वायरल कर दिया। इसकी शिकायत सीएमओ से की गई है।
वीडियो में एक व्यक्ति एंबुलेंस चालक से गुहार लगा रहा है कि घायल व्यक्ति है, यह मर जाएगा, इसे तत्काल इलाज की जरूरत है। वहीं, एंबुलेंस चालक कह रहा है कि 102 एंबुलेंस गर्भवती महिलाओं के लिए होती है, दुर्घटना वालों के लिए 108 एंबुलेंस है। उसी में ले जाना पड़ेगा। काफी प्रयास के बाद भी एंबुलेंस चालक उसे ले जाने की बजाय वहां से चला जाता है।
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इस बारे में सीएमओ डॉ. अखिलेश मोहन का कहना है कि उन्होंने मामले की जांच कराई तो पता चला कि व्यक्ति घायल नहीं, नशे की हालत में था, उसे 108 एंबुलेंस चालक थोड़ी देर बाद ही अस्पताल लेकर पहुंच गया था। अगर इमरजेंसी के हालात हैं तो उसमें दूसरी एंबुलेंस का इंतजार नहीं करना चाहिए। एंबुलेंस इंचार्ज से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
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वहीं, एंबुलेंस इंचार्ज सुनील चौधरी का कहना है कि एंबुलेंस में जीपीएस लगे हैं। अगर बिना सूचना के वह गर्भवती के अलावा किसी और मरीज को ले जाता तो चालक को जवाब देना पड़ता, वहां 108 एंबुलेंस भी थी, इसलिए दूसरी एंबुलेंस में बैठाने के लिए कहा गया था।