फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Vande Mataram starts dispute again BJP warns

वंदेमातरम को लेकर फिर विवाद शुरू, भाजपाईयों ने दी चेतावनी

Tue, 05 Dec 2017 01:50 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ Updated Tue, 05 Dec 2017 01:50 PM IST
विज्ञापन
Vande Mataram starts dispute again BJP warns
प्रेस वार्ता करती मेयर सुनीता वर्मा - फोटो : अमर उजाला

यूपी के मेरठ में नगर निगम के नए बोर्ड ने अभी शपथ भी नहीं ली है और वंदेमातरम् को लेकर विवाद शुरू हो गया है। बसपा महापौर को मुस्लिमों का समर्थन होने के कारण सदन में वंदेमातरम् को लेकर भाजपाई अभी से परेशान हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर नगर निगम सदन में वंदेमातरम् नहीं गाया गया तो वह इसका विरोध करेंगे। वहीं मेयर सुनीता वर्मा ने कहा कि संविधान में राष्ट्रीय गीत की व्यवस्था नहीं है।

विज्ञापन


सदन में वंदेमातरम् का गायन भाजपा का बड़ा मुद्दा रहा है। पूर्व महापौर हरिकांत अहलूवालिया के समय में सदन की कार्रवाई वंदेमातरम् से शुरू होती थी। इस दौरान मुस्लिम पार्षद विरोध करते हुए सदन छोड़ देते थे। एक बार सपा और भाजपाई भिड़ भी गए थे। यह मामला पूरे देश में गूंजा था। चूंकि नगर निगम में इस बार भाजपा की नहीं बल्कि बसपा की सरकार है। यह मुस्लिमों के वोट बैंक से बनी है। इसलिए भाजपाई मानकर चल रहे हैं कि बसपा की नवनिर्वाचित महापौर सुनीता वर्मा कहीं न कहीं मुस्लिम पार्षद एवं नेताओं के दबाव में वंदेमातरम् गायन पर प्रतिबंध लगा सकती हैं। इसको लेकर भाजपाइयों ने अभी से तैयारी शुरू कर दी है। भाजपा नेता एवं पूर्व पार्षद विजय आनंद अग्रवाल का कहना है कि अगर सदन में वंदेमातरम् नहीं गाया गया तो हम पूरे शहर में सड़कों पर वंदेमातरम् गाएंगे। इतना ही नहीं सदन में पहुंचे भाजपा के सभी पार्षद सदन में वंदेमातरम् का गायन करेंगे। भाजपा पार्षद संदीप रेवड़ी का कहना है कि अगर संविधान की अनदेखी करके वंदेमातरम् का गायन महापौर नहीं कराती हैं तो हम इसका विरोध करेंगे। पार्षद राकेश शर्मा का कहना है कि वंदेमातरम् का गायन सदन में न होना देश के संविधान का अपमान होगा। ऐसा किसी भी कीमत पर नहीं होने दिया जाएगा।
विज्ञापन


पढ़ें : देवबंदी उलमा बोले, वंदेमातरम गाना शरीयत के खिलाफ

विज्ञापन
विज्ञापन

संविधान में राष्ट्रीय गीत की व्यवस्था नहीं : सुनीता वर्मा

Vande Mataram starts dispute again BJP warns
मेयर सुनीता वर्मा

निगम सदन में वंदे मातरम गायन पर महापौर सुनीता वर्मा ने कहा कि संविधान में राष्ट्रीय गान गायन का प्रावधान है न कि राष्ट्रीय गीत का। सोमवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि वंदे मातरम पर विवाद ही नहीं होना चाहिए। इसका गायन संविधान में भी नहीं है। निगम संविधान में भी स्पष्ट है कि सदन की शुरुआत राष्ट्रीय गान जन गण मन से हो। वही होगा। उन्होंने शहर का संपूर्ण विकास कराने की बात कही। कहा कि सभी को साथ लेकर शहर का विकास करेंगे। मीट की दुकानों को नियमानुसार लाइसेंस दिलाया जाएगा ताकि किसी का रोजगार न छिने। इस मौके पर पूर्व विधायक योगेश वर्मा, जिला अध्यक्ष मोहित कुमार, जिला प्रभारी शाहजहां सैफी, जिला प्रभारी अमित शर्मा, मुरारीलाल केन, पवन वर्मा,  पूर्व कॉर्डिनेटर दिनेश काजीपुर, कमल सिंह राज, सतपाल पेपला, राजन वर्मा आदि मौजूद रहे। 

पढ़ें : भाजपा विधायक ने फिर दिया विवादित बयान, ये क्या बोल गए नेता जी

सांसद राजेंद्र अग्रवाल ने कहा कि वंदेमातरम् पर तो विवाद होना ही नहीं चाहिए। निगम सदन में वंदेमातरम् गाने पर हमेशा ही विवाद होता रहा है। हर सूरत में बैठक में इसे गाया जाना चाहिए। यह गीत हमें सच्ची राष्ट्रभक्ति सिखाता है।

विधायक सोमेंद्र तोमर का कहना है कि वंदेमातरम् गाया जाना चाहिए। सभी भारतीयों को इसे रोज गाना चाहिए। निगम सदन में भी जो इसके गायन के समय वाकआउट करता है तो इससे ही पता चल जाएगा कि देश के प्रति उनकी सोच क्या है?  

पूर्व मंत्री हाजी याकूब कुरैशी ने कहा कि निगम सदन में दलगत राजनीति से ऊपर उठकर सभी को विकास के मुद्दों पर बात करनी चाहिए। वंदेमातरम् पर विवाद जैसी बात नहीं होनी चाहिए। जिसे गाना है वह गाए, जिसे नहीं गाना है वह नहीं गाए।

शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें

https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed