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Meerut News: गलघोटू से बचाव को वर्षा से पहले कराएं पशुओं का टीकाकरण
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गलघोटू से बचाव को वर्षा से पहले कराएं पशुओं का टीकाकरण
संवाद न्यूज एजेंसी
मोदीपुरम। कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय और पशुपालन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में सोफीपुर में विशेष पशु रोग नियंत्रण शिविर का आयोजन किया गया। इसमें पशुओं को गलघोटू रोग से बचाने के लिए बरसात से पहले टीकाकरण कराने की सलाह दी गई।
कुलपति डॉ. त्रिवेणी दत्त ने कहा कि गलघोटू जैसे संक्रामक रोगों से पशुओं की सुरक्षा के लिए नियमित स्वास्थ्य परीक्षण और समय पर टीकाकरण बेहद जरूरी है। उन्होंने किसानों से वैज्ञानिक पशुपालन पद्धतियां अपनाने का आह्वान किया। वेटरिनरी मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. अमित वर्मा ने बताया कि गलघोटू रोग से प्रभावित पशुओं में तेज बुखार, गले और गर्दन में सूजन, सांस लेने में कठिनाई, अत्यधिक लार गिरना, सुस्ती और चारा-पानी छोड़ने जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। ऐसे पशुओं को तुरंत अलग कर पशु चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए। शिविर में डॉ. अफरोज, डॉ. तरुण कुमार, डॉ. शुभमदीप, डॉ. आशुतोष राय, डॉ. स्नेहा गुप्ता और डॉ. ईशान की टीम ने 105 से अधिक पशुओं का परीक्षण किया। पशु चिकित्साधिकारी डॉ. संजीव कुमार ने पशुपालकों से वर्षा ऋतु से पहले अनिवार्य रूप से टीकाकरण कराने की अपील की। पशुधन प्रसार अधिकारी सुशील कुमार, अमित मलिक सहित अन्य मौजूद रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
मोदीपुरम। कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय और पशुपालन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में सोफीपुर में विशेष पशु रोग नियंत्रण शिविर का आयोजन किया गया। इसमें पशुओं को गलघोटू रोग से बचाने के लिए बरसात से पहले टीकाकरण कराने की सलाह दी गई।
कुलपति डॉ. त्रिवेणी दत्त ने कहा कि गलघोटू जैसे संक्रामक रोगों से पशुओं की सुरक्षा के लिए नियमित स्वास्थ्य परीक्षण और समय पर टीकाकरण बेहद जरूरी है। उन्होंने किसानों से वैज्ञानिक पशुपालन पद्धतियां अपनाने का आह्वान किया। वेटरिनरी मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. अमित वर्मा ने बताया कि गलघोटू रोग से प्रभावित पशुओं में तेज बुखार, गले और गर्दन में सूजन, सांस लेने में कठिनाई, अत्यधिक लार गिरना, सुस्ती और चारा-पानी छोड़ने जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। ऐसे पशुओं को तुरंत अलग कर पशु चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए। शिविर में डॉ. अफरोज, डॉ. तरुण कुमार, डॉ. शुभमदीप, डॉ. आशुतोष राय, डॉ. स्नेहा गुप्ता और डॉ. ईशान की टीम ने 105 से अधिक पशुओं का परीक्षण किया। पशु चिकित्साधिकारी डॉ. संजीव कुमार ने पशुपालकों से वर्षा ऋतु से पहले अनिवार्य रूप से टीकाकरण कराने की अपील की। पशुधन प्रसार अधिकारी सुशील कुमार, अमित मलिक सहित अन्य मौजूद रहे।
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