मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मेरठ आगमन को लेकर प्रशासनिक अमले में हलचल तेज, हस्तिनापुर पहुंचे अफसर
- हस्तिनापुर पहुंचे डीएम और एसएसपी, पौधरोपण समेत अन्य तैयारियों का जायजा लिया
- कमिश्नर कार्यालय से मेरठ मंडल के सभी जिलों से मांगी गयी योजनाओं की रिपोर्ट
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पांच जुलाई के मेरठ आगमन को लेकर प्रशासनिक अमले में हलचल तेज हो गई है। मंगलवार सुबह ही डीएम और सीडीओ हस्तिनापुर पहुंच गए, जहां पौधरोपण और अन्य तैयारियों का जायजा लिया। वहीं, कमिश्नर कार्यालय से सभी विभागों से योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट मांग ली गई है।
मुख्यमंत्री कोरोना के साथ-साथ विकास कार्यों की समीक्षा भी करेंगे, इसके लिए सभी विभागों को आदेश दिए गए हैं कि वे अपने यहां चल रहीं योजनाओं की रिपोर्ट दो जुलाई तक भेज दें। कमिश्नर कार्यालय से मंडल के सभी जिलों के लिए ये आदेश जारी किया गया है।
इसमें 71 योजनाओं को शामिल किया गया है, जिनकी रिपोर्ट मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुत करनी होगी। वहीं, मेरठ में सीडीओ कार्यालय की तरफ से भी सभी विभागों को दो जुलाई तक डाटा भेजने के निर्देश दे दिए गए हैं।
रोजगार पर रहेगा मुख्यमंत्री का फोकस
समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री का फोकस रोजगार और गरीबों को अनाज देने की तरफ होगा। प्रधानमंत्री की नवंबर तक मुफ्त अनाज देने की घोषणा के बाद जिला प्रशासन पर भी जिम्मेदारी बढ़ेंगी। वहीं, रोजगार के लिए मनरेगा के जरिये अन्य विभागों के होने वाले कार्यों की समीक्षा भी मुख्यमंत्री करेंगे। ऐसे लगभग 20 विभाग है जिनके कार्य मनरेगा से किए जा रहे हैं।
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मेडिकल कॉलेज का भी निरीक्षण कर सकते हैं सीएम
चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुरेश खन्ना और प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा रजनीश दुबे ने मंगलवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से अधिकारियों को हिदायत दी। कहा कि मुख्यमंत्री मेडिकल कॉलेज का भी निरीक्षण कर सकते हैं। ऐसे में साफ सफाई का खास ध्यान रखें।
कहा कि कोरोना के मरीजों को समय पर खाना और दवाई मिले, उनका पूरा ख्याल रखा जाए। जिन मरीजों का कोरोना की जांच की वजह से इलाज नहीं हो पाता है, उनकी जांच एंटीजन किट से कराकर उनको इलाज दिया जाए। मरीजों से बेहतर व्यवहार किया जाए।
इस दौरान प्राचार्य ने पीपीई किट की क्वालिटी का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने बेहतर क्वालिटी की किट का अनुरोध किया। वीडियो कांफ्रेंसिंग में मेडिकल प्राचार्य डॉ. एसके गर्ग, डॉ. विनय अग्रवाल, डॉ. सुधीर राठौर, डॉ. रचना चौधरी, डॉ. धीरज बालियान मौजूद रहे।