सांसद के नाम से करते थे फर्जी कॉल, बड़े- बड़े अधिकरियों को बनाया निशाना, ऐसे हुआ पर्दाफाश
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भाजपा सांसद एवं पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ. संजीव बालियान के नाम से प्रदेश के मुख्यमंत्री कार्यालय, विभिन्न विभागों के प्रमुख सचिवों और ऊर्जा निगम के एमडी को फोन कॉल कर तबादला व तैनाती की सिफारिशें करने वाले दो युवकों को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। ये दोनों बागपत के रठौड़ा गांव के रहने वाले और बीए प्रथम वर्ष के छात्र हैं। इनसे पूछताछ के आधार पर पुलिस तबादला व तैनाती में लाभ हासिल करने वालों का पता लगा रही है।
एक पखवाड़े से डॉ. बालियान के नाम पर फोन कॉल की जा रही थीं। एक युवक पीए बनकर और दूसरा सांसद बनकर अधिकारियों से बात करता था। मामले का भांडा एक सप्ताह पूर्व तब फूटा, जब मुख्यमंत्री कार्यालय में तैनात एक अधिकारी को कॉल की गई और शक होने पर अधिकारी ने सांसद से फोन कर पुष्टि की।
इसके बाद मुख्यमंत्री कार्यालय ने कार्रवाई के आदेश दिए। सोमवार को एसपी सिटी ओमवीर सिंह ने मीडिया को बताया कि सिविल लाइंस थाना पुलिस ने जांच के बाद बागपत के छपरौली थानांतर्गत रठौड़ा गांव के हर्षवर्द्धन उर्फ मुन्ना और विकास उर्फ विक्की को जाट कॉलोनी से गिरफ्तार किया है। इनसे मोबाइल व सिम कार्ड भी बरामद कर लिया गया है। दोनों आरोपी फर्जीवाड़े को शौकिया अंजाम देने की बात कह रहे हैं। पता लगाया जा रहा है कि इनकी सिफारिश पर किस अधिकारी या कर्मचारी ने फायदा उठाया है। प्रथम दृष्टया ऐसा कोई मामला सामने नहीं आया है।
उल्लेखनीय है कि पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सांसद डॉक्टर संजीव बालियान के नाम से फर्जी कॉल कर सरकारी महकमों में तबादला-तैनाती कराए जाने के खेल का भंडाफोड़ हुआ है। इस संबंध में मुख्यमंत्री कार्यालय के आदेश पर सिविल लाइंस थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने आनन फानन में कार्रवाई करते हुए दो संदिग्ध युवकों को हिरासत में ले लिया है, जिनसे पूछताछ की जा रही है।
पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री व सांसद डॉक्टर संजीव बालियान के नाम से करीब एक पखवाड़े से मुख्यमंत्री कार्यालय, मुख्यमंत्री के सचिव व प्रमुख सचिव सहित ऊर्जा मंत्रालय में फर्जी फोन कॉल किए जा रहे थे। तीन दिन पूर्व मुख्यमंत्री कार्यालय में तैनात एक अधिकारी को फोन कर एक कर्मचारी का ट्रांसफर करने के लिए कहा गया था, वह अधिकारी संजीव बालियान की आवाज पहचानते थे। उन्होंने संजीव बालियान को पुष्टि के लिए फोन किया तो उन्होंने कोई कॉल करने से इंकार किया।
इसके बाद स्पष्ट हो गया कि कॉल फर्जी थी। मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से सीधे जिले के आला अफसरों को गोपनीय पत्र भेजकर कार्रवाई के आदेश दिए गए, जिस पर सिविल लाइंस थाने में अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। माना जा रहा है कि पुलिस बहुत जल्द इसमें बड़ा खुलासा कर सकती है।
ऐसे करते थे फर्जी फोन
पहले एक युवक खुद को सांसद का पीए बताकर अधिकारी से बात करता था, इसके बाद बाद सांसद से बात करने की बात कहते हुए दूसरे युवक को फोन थमा देता। दूसरा युवक संजीव बालियान बनकर अधिकारी से बात करता था। उसके बाद तबादला या तैनाती की सिफारिश की जाती थी।
कुछ दिन से उनके नाम से सूबे के आला अधिकारियों को फोन कर अधिकारियों व कर्मचारियों की तबादला-तैनाती कराने संबंधी सिफारिशें की जा रहीं थीं। तीन दिन पूर्व मुख्यमंत्री कार्यालय से इसकी पुष्टि के लिए उनके पास फोन आया, जिसके बाद उन्हें भी इस मामले की जानकारी हुई है। मामले में जो भी कार्रवाई होगी, मुख्यमंत्री कार्यालय की तरफ से ही की जाएगी।
-डाक्टर संजीव बालियान, सांसद, मुजफ्फरनगर
पुलिस-प्रशासन व पावर कारपोरेशन अधिकारियों को किए फोन
पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री व सांसद डॉ. संजीव बालियान के फर्जी फोन कॉल करने वालों के निशाने पर मुख्यत: पुलिस-प्रशासन व ऊर्जा विभाग अधिकारी थे। सबसे अधिक फोन कॉल तबादला व पोस्टिंग के लिए किए गए। सूबे के आला अधिकारी बड़ी आसानी से उनके शिकार बन रहे थे। अब तक आरोपी कई दर्जन फोन कॉल विभिन्न अधिकारियों को कर चुके थे। आरोपी इसी तरह से काल कर एक डीआईजी से भी तबादला-पोस्टिंग संबंधित आदेश करा चुके थे। इस खुलासे से विभागीय अधिकारियों व कर्मचारियों में हड़कंप मचा हुआ है।
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