UPSC: स्मृति भारद्वाज बोलीं- ग्रेजुएशन से ही करो तैयारी, टॉपर्स की कॉपियां और अखबार जरूर पढ़ो
स्मृति ने कहा कि किताबों के अलावा आजकल यूट्यूब पर भी बहुत कंटेंट है। टॉपर्स की वीडियो देखो, उनकी कॉपियां पढ़ो। मेंस के लिए लिखने का अभ्यास बहुत जरूरी है।
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अगर आप संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की सिविल सेवा परीक्षा में जाना चाहते हैं तो ग्रेजुएशन से ही तैयारी शुरू कर दें। टॉपर्स कैसे लिखते हैं, इसके लिए उनकी कॉपियां जरूर पढ़ो। जरूरी नहीं कि 10 से 12 घंटे पढ़ो, जो पढ़ो उसमें गुणवत्ता हो। ये कहना है सिविल सेवा परीक्षा-2021 में 176वीं रैंक प्राप्त करने वाली बिजनौर की स्मृति भारद्वाज का। स्मृति ने बुधवार को दिल्ली रोड पर मोहकमपुर स्थित अमर उजाला कार्यालय में मुख्यमंत्री अभ्युदय कोचिंग के विद्यार्थियों के साथ अपनी सफलता के सूत्र साझा किए।
बिजनौर की साहित्य विहार कालोनी निवासी स्मृति भारद्वाज ने विद्यार्थियों को सिविल सेवा परीक्षा में प्री, मेंस और इंटरव्यू में सफलता से संबंधित अपना अनुभव बताया। स्मृति ने कहा कि किताबों के अलावा आजकल यूट्यूब पर भी बहुत कंटेंट है। टॉपर्स की वीडियो देखो, उनकी कॉपियां पढ़ो। मेंस के लिए लिखने का अभ्यास बहुत जरूरी है। निबंध में आप अच्छी तैयारी से खूब नंबर ला सकते हैं। अभ्युदय कोचिंग के विद्यार्थियों ने उनसे सवाल किया कि सफलता के लिए क्या 12 घंटे रोजाना पढ़ना जरूरी है।
स्मृति ने बताया कि ऐसा नहीं है। अगर आप छह से सात घंटे पढ़ रहे हैं और लक्ष्य बनाकर चल रहे हैं तो भी सफलता मिलेगी। कब तक चैप्टर पूरा करना है, कितने दिन, कितने घंटे में पूरा करेंगे, ये तय करें। अगर लगता है कि खुद नहीं कर पा रहे हैं तो कोचिंग करें। हिंदी मीडियम के विद्यार्थियों को चयन में मुश्किल आती है, इस सवाल पर उन्होंने बताया कि ऐसा कुछ नहीं है। आज हिंदी में काफी सामग्री मौजूद है, हिंदी मीडियम वाले भी बेहतर कर रहे हैं।
मुझे तो एमएलए-मंत्री का अंतर नहीं पता था
जॉब में आने के बाद तैयारी के सवाल पर स्मृति ने बताया कि मैने सिविल सेवा के बारे में बहुत बाद में सोचा। बीएचयू से पढ़ाई करने के बाद जॉब शुरू की। उन्होंने बताया कि तैयारी से पहले उनको एमएलए और मंत्री का अंतर भी नहीं पता था, जब पढ़ना शुरू किया तो सारी जानकारी होती चली गई।
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परिवार का रोल सबसे अहम
स्मृति मूल रूप से बिजनौर के झालू निवासी स्वर्गीय जगन्नाथ प्रसाद शर्मा की पौत्री हैं। स्मृति ने बताया कि सफलता में परिवार का रोल बेहद अहम होता है। उन्होंने कहा कि उन्होंने माता सरिता शर्मा और पिता संजय कुमार शर्मा की इच्छा पर ही सिविल की तैयारी की। कई बार मायूस हुई तो छोटे भाई कुशाग्र ने हिम्मत बढ़ाई। चाचा राजीव शर्मा ने बताया कि स्मृति ने 10वीं और 12वीं बिजनौर से की और टॉपर रहीं।
जब इंटरव्यू में पूछा, सुल्ताना डाकू को जानती हो
स्मृति ने विद्यार्थियों को बताया कि इंटरव्यू सफलता में बेहद मायने रखता है। इसमें देश-दुनिया की जानकारी के अलावा आपके होम टाउन को लेकर भी पूछा जा सकता है। उन्होंने बताया कि मुझसे बिजनौर के बारे में पूछा तो मैने बताया कि हमारा जिला उत्तराखंड बॉर्डर से मिला है। यहां पर गंगा नदी बहती है। नगीना का वुडक्राफ्ट देश में पहचान रखता है। हैदरपुर वेटलैंड में दुनियाभर के पक्षी आते हैं। उन्होंने बताया कि मुझसे ये पूछा गया कि बिजनौर के सुल्ताना डाकू के बारे में जानती हो क्या।
अखबार जरूर पढ़ें, बहुत कुछ सीखा
स्मृति ने बताया कि रोजाना अखबार पढ़ने की आदत डालो। इससे जनरल नॉलेज बढ़ेगी। इससे आपको मेंस में लिखने में बहुत मदद मिलेगी। उन्होंने बताया कि अखबार का संपादकीय पेज पढ़ने से बहुत मदद मिली। अखबारों में समस्याएं देखीं तो लगा कि मुझे आईएएस बनकर इनको हल करना चाहिए। अखबार के जरिए मुझे एक ऐसी न्याय पंचायत का पता चला जहां सभी महिलाएं थी।
अभ्युदय कोचिंग के इन विद्यार्थियों ने पूछे सवाल
स्तुति रस्तोगी, तनु शर्मा, वर्षा शर्मा, अमीषा, रुमाना, आचंल, संचिता, अरुण, सोमेश, राजकुमार एव गौरव ने तैयारी के संबंध में स्मृति से सवाल किए।