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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bijnor News ›   UPSC Topper: Shruti Sharma welcomed by officers, these 10 important tips for success given to students

UPSC Topper: श्रुति शर्मा का ढोल नगाड़ों से स्वागत, छात्रों को दिए सफलता के ये 10 जरूरी टिप्स

Wed, 08 Jun 2022 09:43 PM IST
कपिल kapil संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर Published by: कपिल kapil Updated Wed, 08 Jun 2022 09:43 PM IST
सार

यूपीएससी टॉपर श्रुति शर्मा जिले में पहुंचीं तो ढोल नगाड़ों से जोरदार स्वागत किया गया। उन्होंने छात्र-छात्राओं को सफलता के ये 10 जरूरी टिप्स दिए।

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UPSC Topper: Shruti Sharma welcomed by officers, these 10 important tips for success given to students
श्रुति शर्मा - फोटो : amar ujala

विस्तार

यूपीएससी टॉपर बनी बिजनौर की बेटी श्रुति शर्मा जिले में पहुंचीं तो ढोल नगाड़ों से जोरदार स्वागत किया गया। महिलाओं ने मंगल आरती उतारी। कलक्ट्रेट में डीएम और अन्य अफसरों ने बुके भेंट कर स्वागत किया। वहीं वर्धमान कॉलेज में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र-छात्राओं से श्रुति ने संवाद किया। उन्हें सफलता का मूल मंत्र दिया और सफल होने तक तैयारी की बारीकियों से रूबरू कराया। कहा कि लक्ष्य को पाने के लिए जुनून जरूरी है।

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बुधवार को यूपीएससी टॉपर श्रुति शर्मा ने मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के तहत वर्धमान कॉलेज में संचालित फ्री कोचिंग सेंटर में कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के समक्ष सीडीओ केपी सिंह के साथ दीप प्रज्ज्वलित कर किया। डीएम उमेश मिश्रा, एसपी डॉ. धर्मवीर सिंह, सीडीओ केपी सिंह, प्रधानाचार्य सीएम जैन ने पुष्प गुच्छ भेंट किए। संचालन शिक्षा विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर रेशु शर्मा ने किया। कार्यक्रम में श्रुति शर्मा के पिता सुनील शर्मा व माता रचना शर्मा का भी सम्मान किया गया। 
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श्रुति ने कहा कि बिजनौर तपोभूमि है। यहां के विद्यार्थियों में प्रतिभा की कमी नहीं है। युवा अपने जीवन का लक्ष्य तय करें। कहा कि सफलता के लिए जुनून जरूरी है। श्रुति ने कहा कि सपनों को साकार करने के लिए ईमानदारी से पढ़ें। जरूरी नहीं है कि डेढ़ लाख की फीस वाले कोचिंग सेंटर में पढ़कर सफलता मिल जाए। सफलता के लिए सेल्फ स्टडी अधिक करें। आज घर बैठे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए आसानी से ऑनलाइन, यू-ट्यूब पर शिक्षण सामग्री मिल जाती है। शिक्षाविदों की गाइडलाइंस को फोलो करें।

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श्रुति बोलीं, सफलता के ये 10 टिप्स जरूरी
- विषय की बेसिक पुस्तकें जरूर पढ़ें
- सफलता के लिए परीक्षा माध्यम बाधक नहीं
- एनसीईआरटी पुस्तकों से तैयारी करें
- प्रतिदिन अखबारों को पढ़ें
- परीक्षा की तैयारी सिलेबस के अनुसार करें
- पहले यह तय करें कि सिलेबस में क्या नहीं पढ़ना है
- विषयवार खुद के नोट्स बनाएं
- तैयारी के लिए खुद को जवाबदेह बनाएं
- पढ़ाई में निरंतरता बनाए रखें
- ग्रुप डिस्कशन जरूरी है, पढ़ाई एक-दूसरे से शेयर करें।

छात्राओं की अधिक संख्या से श्रुति गदगद
श्रुति के कार्यक्रम में बालिकाओं की संख्या अधिक रही। कार्यक्रम में बालिकाओं की अधिक संख्या से श्रुति गदगद थी। कहा कि बालिकाओं को कमतर नहीं आंका जाए। ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान रंग ला रहा है। बेटी हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही है। माता-पिता बेटी व बेटे को आगे बढ़ने के लिए समान रूप से प्रेरित करें। छात्राएं लक्ष्य बनाकर मेहनत करें सफलता निश्चित है। आईएएस टॉप टेन में बालिकाओं की संख्या अधिक है। छात्राएं भी श्रुति के उद्बोधन से प्रभावित नजर्र आइं। 

विषय चयन में रुचि का रखें ध्यान
कार्यक्रम में श्रुति शर्मा ने छात्र-छात्राओं से कहा कि वह अपनी बात कहने के साथ आपकी बात सुनने आई हैं। अपने मन की बात खुलकर रखें। इस पर छात्र-छात्राओं ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी को लेकर सवाल किए।

सवाल - ऑप्शनल विषय का चयन कैसे करें।
जवाब - विषय चयन में रुचि का ध्यान रखें। उसने स्वयं कठिन माने जाने वाले इतिहास विषय का चयन किया।
सवाल - यह कैसे तय करें कि क्या नहीं पढ़ना है।
जवाब - इसके लिए पिछले वर्षों के पेपरों का अध्ययन करें।
सवाल - हैंड राइटिंग खराब है क्या करें।
जवाब - बेहतर यही है कि प्रेक्टिस करके हैंड राइटिंग सुधारें। लेकिन परीक्षा में हैंड राइटिंग का बहुत अधिक असर नहीं पड़ता है। सवाल के जवाब के मुख्य बिंदुओं को अंडर लाइन कर दें। 
सवाल - कितने समय पढ़ें।
जवाब - जरूरी नहीं है कि आठ-दस या 18 घंटे पढ़ें। जितना पढ़ें एकाग्रता से लगातार पढ़ें। पढ़ाई में गेप नहीं आने दें। 
सवाल - अखबारों को पढ़ने को कितना समय दें।
जवाब - यह तय करता है कि आप सिलेबस के किस टॉपिक को लेकर अखबार पढ़ रहे हैं।
सवाल - परीक्षा की तैयारी कैसे करें।
जवाब - आईएएस परीक्षा में चार पेपर होते हैं। सबसे पहले जरूरी है कि हर विषय का सिलेबस गंभीरता से पढ़ लिया जाए। 
सवाल - परीक्षा में पेपर हल करने के लिए सुझाव।
जवाब - पेपर हल करने के लिए टाइम मैनेजमेंट जरूरी है। इसकी तैयारी के समय से ही प्रेक्टिस करें। 
सवाल - परीक्षा में सफलता निश्चित करने का फार्मूला बताएं।
जवाब - सबसे पहला और जरूरी आत्मविश्वास बनाए रखें। धैर्य बनाए रखें। नियमित पढ़ाई करें।

डीएम बोले, आपका अंतिम पड़ाव नहीं, क्षमता बेहतर उपयोग करें
डीएम उमेश मिश्रा ने श्रुति शर्मा को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह आपका अंतिम पड़ाव नहीं है। आगे चलकर आप अपनी क्षमता का बेहतर उपयोग करें। जरुरतमंद तथा वंचितों की सेवा को प्राथमिकता दें। पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम को उद्धृत करते हुए डीएम ने कहा कि सपने वे हैं जो सोने न दें। लक्ष्य के लिए जीना ही जीवन की सफलता है। युवाओं से महान कवि दुष्यंत की कविता को उद्धृत करते हुए कहा कि हर लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है जरूरत है प्रयास करने की। भगवान राम के जीवन चरित्र की चर्चा करते हुए कहा कि समस्याओं से घिरे होने के बाद भी कर्तव्य का निर्वाह करना व्यक्ति को महान बनाता है। कहा कि जन्मभूमि स्वर्ग से महान है। 

एसपी ने लोगों की संवेदनाओं से जुड़ने की सीख दी
एसपी डॉ. धर्मवीर सिंह ने श्रुति शर्मा को लोगों की संवेदनाओं से जुड़ने की सलाह दी। कहा कि गरीबों के आंसू पोंछने का यह सबसे अच्छा प्लेटफार्म है। टॉपर होना ही काफी नहीं है, बल्कि जीवन में संतुलन होना जरूरी है। कार्य ही पूजा को जीवन में उतारें। जमीन से जुड़ें। सेवा का संकल्प लेकर आगे बढ़ें। कार्य में पारदर्शिता व पवित्रता जरूरी है। बिजनौर की गौरवशाली परंपरा है। आपके माता-पिता व पूर्वजों के पुण्य कार्यों ने आपको शिखर तक पहुंचाया है। उम्मीद है कि युवा श्रुति शर्मा की उपलब्धि से प्रेरित होंगे। 

डीएम कार्यालय में हुआ सम्मान
डीएम उमेश मिश्रा ने श्रुति शर्मा का अपने कार्यालय में पुष्प गुच्छ व शॉल ओढ़ाकर सम्मान किया। डीएम ने श्रुति को कर्मयोगी भगवान कृष्ण की प्रतिमा भेंट की। उनकी उपलब्धि पर बधाई दी। कहा कि जिले को आप पर गर्व है। डीएम ने श्रुति के माता-पिता को भी बधाई दी। इस दौरान सीडीओ केपी सिंह मौजूद रहे। 

बधाई देने वालों का लगा रहा तांता
श्रुति शर्मा के फुफेरे ताऊ पुरुषोत्तम शर्मा साकेत कॉलोनी में रहते हैं। श्रुति के पिता सुनील शर्मा ने पुरुषोत्तम शर्मा व उनकी पत्नी कौशल शर्मा के संरक्षण में रहकर ही पढ़ाई की है। श्रुति सपरिवार मंगलवार देर रात उनके आवास पर पहुंचीं। गौरव भारद्वाज की अगुवाई में ढोल नगाड़ों से स्वागत हुआ। श्रुति शर्मा से मिलने वालों में प्रमुख रूप से वरिष्ठ पत्रकार डॉ. सूर्यमणि रघुवंशी, पूर्व प्रधान समाज सेवी ब्रह्मपाल सिंह, आरजेपी इंटर कॉलेज के प्रवक्ता व शिक्षक नेता सुधांशु वत्स, स्टेट बैंक से सेवानिवृत्त अधिकारी नरेंद्र शर्मा, एडवोकेट प्रतिनिधि गौरव भारद्वाज, साकेत महिला मंडल प्रमुख एकता भारद्वाज आदि मौजूद रहे।

फोटो खिंचवाने की रही होड़
श्रुति के साथ फोटो खिंचवाने की होड़ लगी रही। अधिकारियों, पत्रकारों तथा डीएम कार्यालय में ड्यूटी पर तैनात महिला व पुरुष पुलिस कर्मियों ने खूब फोटो खिंचवाए। वर्धमान कॉलेज बिजनौर में भी कार्यक्रम के बाद फोटो सेशन हुआ। श्रुति शर्मा ने भी किसी को निराश नहीं किया।

अस्पताल देखा, जहां जन्म लिया
श्रुति शर्मा का जन्म बिजनौर में प्रकाश हास्पिटल में हुआ था। श्रुति अपने माता-पिता के साथ प्रकाश अस्पताल पहुंचीं। अस्पताल के संचालक डॉ. प्रकाश व बीना प्रकाश से मिलीं। कर्मचारियों से भी भेंट कीं।

उत्तर प्रदेश सर्विस चयन की पहली प्राथमिकता
श्रुति शर्मा ने बताया कि आईएएस चयन में सर्विस के लिए प्रदेश की प्राथमिकता देनी होती है। कहा कि बिजनौर उत्तर प्रदेश उनकी जन्मस्थली है। वह उत्तर प्रदेश को ही अपनी कर्मस्थली बनाना चाहती हैं। सूबे की सामाजिक व भौगोलिक परिस्थितियों से वह अच्छी तरह परिचित हैं। उत्तर प्रदेश उनकी  प्राथमिकता है। प्रदेश का विकास ही उनकी पहली इच्छा है।

बास्टा में चला रही विद्यार्थियों के लिए काउंसलिंग संस्थान
श्रुति शर्मा ने बताया कि उनके पूर्वज बास्टा चांदपुर के गांव बताई के रहने वाले थे। परिवार का गांव से संबंध बना है। बास्टा में एक काउंसलिंग संस्थान चला रखा है। जिसमें क्षेत्र के विभिन्न बोर्ड के इंटर पास छात्र-छात्राओं को आगे की पढ़ाई या नौकरी के लिए गाइडलाइंस दी जाती है। वह स्वयं भी संस्थान में छात्रों की काउंसलिंग के लिए आती रहती हैं। ग्रामीण युवा इसका लाभ भी उठा रहे हैं।

उत्तर प्रदेश में चल रही योजनाओं को सराहा
श्रुति शर्मा ने प्रदेश में चल रही विकास योजनाओं की खूब सराहना की है। श्रुति ने विशेष रूप से महिला सशक्तिकरण के लिए चल रहे कार्यक्रमों को सराहा। ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान के सकारात्मक रिजल्ट आ रहे हैं। लिंगानुपात बराबर होने की ओर है। महिलाओं को रोजगार उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिससे महिला स्वावलंबी बन रही हैं।

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