UP: मेरठ में फर्जी हाजिरी का खुलासा, निरीक्षण में कई कर्मचारी अनुपस्थित मिले, सुपरवाइजर निलंबित
मेरठ के वार्ड-40 जटौली में सफाई न होने और कर्मचारियों की फर्जी हाजिरी पाए जाने पर नगर निगम ने सुपरवाइजर को निलंबित कर दिया। निरीक्षण में कई कर्मचारी अनुपस्थित मिले।
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मेरठ महानगर में सफाई व्यवस्था को लेकर लगातार मिल रही शिकायतों के बाद नगर निगम ने सख्त कार्रवाई की है। नगर स्वास्थ्य अधिकारी अमर सिंह द्वारा वार्ड-40 जटौली का औचक निरीक्षण करने पर सफाई कर्मचारियों की लापरवाही सामने आई, जिसके बाद सुपरवाइजर को निलंबित कर दिया गया।
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निरीक्षण के दौरान पाया गया कि कई कर्मचारी सफाई करने नहीं पहुंचते थे, इसके बावजूद उनकी उपस्थिति पूरी दर्ज की जाती थी। बिना कार्य किए कर्मचारियों को वेतन दिलवाने के आरोप में संबंधित सुपरवाइजर पर कार्रवाई की गई।
छह अप्रैल को सुबह 9:37 बजे हुए निरीक्षण में जटौली क्षेत्र की नालियां कूड़े और सिल्ट से भरी मिलीं। कई गलियों में कूड़े के ढेर लगे थे, जिससे स्थानीय लोगों में नाराजगी थी। वार्ड-40 में तैनात 21 सफाई कर्मचारियों में से 10 कर्मचारी मौके पर अनुपस्थित पाए गए। इनमें से पांच कर्मचारियों की उपस्थिति फर्जी तरीके से दर्ज की गई थी।
नगर स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि इससे पहले भी सुपरवाइजर मनोज कुमार को क्षेत्र में गंदगी को लेकर चेतावनी दी गई थी, लेकिन इसके बावजूद सुधार नहीं हुआ।
नगर आयुक्त की सख्त चेतावनी
नगर स्वास्थ्य अधिकारी की रिपोर्ट के आधार पर नगर आयुक्त सौरभ गंगवार ने सुपरवाइजर मनोज कुमार को निलंबित कर दिया। निलंबन अवधि के दौरान उन्हें वित्तीय नियमों के अनुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा, जो अवकाश वेतन के बराबर होगा।
नगर आयुक्त ने स्पष्ट किया कि शहर की सफाई व्यवस्था में लापरवाही किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी कर्मचारियों के खिलाफ इसी तरह कार्रवाई जारी रहेगी।