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UP: मेरठ के इस हॉस्पिटल में की जा रही थी वसूली, सीएमओ ने सस्पेंड कर दिया लाइसेंस, जानें क्या है मामला

Fri, 28 Nov 2025 10:10 PM IST
मोहम्मद मुस्तकीम अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ Published by: मोहम्मद मुस्तकीम Updated Fri, 28 Nov 2025 10:10 PM IST
सार

Meerut News: मंगलपांडे नगर स्थित अल्फा हॉस्पिटल में लकवा ग्रस्त मरीज को मेडिकल अस्पताल से लाया गया था। यहां अवैध वसूली का आरोप हॉस्पिटल पर लगाया गया। सीएमओ ने जांच की तो प्रथम दृष्टया आरोप सही पाया गया, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई। 

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UP: Recovery was being done in this hospital of Meerut, CMO suspended the license, know what is the matter
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : Freepik

विस्तार

मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) ने शुक्रवार को मंगलपांडे नगर स्थित अल्फा हॉस्पिटल का लाइसेंस निलंबित कर दिया है। आरोप है कि लाला लाजपत राय मेडिकल कॉलेज में भर्ती लकवा ग्रस्त मरीज का इलाज 20-25 हजार में कराने की बात कहकर निजी हॉस्पिटल भर्ती कराया गया। इसके बाद हॉस्पिटल में 90 हजार रुपये लेने की बात कही। लापरवाही और अवैध वसूली के आरोप में यह कार्रवाई की गई है।
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दरअसल, गाजियाबाद निवासी हरद्वारी लाल ने लकवा ग्रस्त बेटे मुकेश कुमार को 15 नवंबर को गंभीर हालत में मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया था। आरोप है कि एंबुलेंस चालक तुषार ने 16 नवंबर को कथित तौर पर 20 से 25 हजार रुपये में संपूर्ण इलाज का झांसा देकर मरीज को अल्फा अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में मरीज के इलाज के नाम पर 90 हजार रुपये से अधिक खर्च हो गए, लेकिन मरीज की हालत में कोई भी सुधार नहीं हुआ।
 
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इस मामले में शिकायत मिलने के बाद सीएमओ द्वारा गठित टीम के नोडल अधिकारी ने 26 नवंबर को अल्फा अस्पताल का निरीक्षण किया। मरीज की फाइल की जांच में डॉ. देवेंद्र सैनी, डॉ. राहुल गोयल और डॉ. अरुण कुमार न्यूरो द्वारा इलाज की जानकारी मिली। 
 
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जांच में पाया गया कि अस्पताल प्रबंधन न तो मरीज को मेडिकल कॉलेज से निजी अस्पताल में किस आधार पर शिफ्ट किया और न ही स्पष्ट जवाब दिया। न ही एंबुलेंस चालक की पहचान संबंधी कोई जानकारी उपलब्ध करा सका। रिपोर्ट में अस्पताल पर अधिक वसूली, गलत बिलिंग और मरीज को बिना अनुमति रेफर करने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
 

लाइसेंस निलंबित, अब अगली कार्रवाई की तैयारी
सीएमओ डॉ. अशोक कटारिया ने इस मामले में मेडिकल थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई। वहीं, अल्फा अस्पताल का लाइसेंस निलंबित किया है। अब सीएमओ ने चेतावनी दी है कि किसी भी निजी अस्पताल को मरीजों से अवैध वसूली या गलत तरीके से रेफर करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता और मरीजों के अधिकारों के उल्लंघन को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। संबंधित अधिकारियों को प्रकरण की गहन जांच कर रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। सीएमओ ने कहा कि निलंबन के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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