डीजीपी से मिलने से रोका, जमकर बखेड़ा, पीड़ित महिला ने दी आत्मदाह की चेतावनी
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जानलेवा हमले के मामले में महिला ने बेटे को निर्दोष बताकर डीजीपी से शिकायत करने की कोशिश की तो पुलिस अफसरों ने मिलने नहीं दिया। महिला ने पुलिस लाइन के गेट पर ही बखेड़ा कर दिया। हंगामा होने पर पुलिस अफसरों ने महिला इंस्पेक्टर को बुलाकर पीड़िता को महिला थाने भिजवा दिया।
मेरठ में मवाना के काबली गेट मोहल्ला निवासी सतीश की पत्नी संजो का आरोप है कि पड़ोस में एक युवक को गोली मारने की घटना में पुलिस ने उसके बेटे सोनू को फर्जी तरह से जेल भेज दिया। गोली तमंचा चेक करते समय चली थी। रंजिश के चलते पुलिस ने बिना जांच कर उसे जेल भेज दिया। इस मामले में पीड़िता एसपी देहात और एसएसपी से भी मिली। लेकिन निष्पक्ष जांच नहीं हुई। मंगलवार को महिला को पता चला कि पुलिस लाइन में डीजीपी आ रहे हैं। जैसे ही महिला पुलिस लाइन के गेट पर पहुंची तो वहां मौजूद सीओ एलआईयू और सीओ सिविल लाइन ने रोक लिया।
पीड़िता ने कहा कि उसे डीजीपी से मिलना है। लेकिन पुलिस अफसरों ने महिला को अंदर नहीं घुसने दिया। पीड़िता ने चेतावनी दे दी कि वह बीच सड़क पर आत्मदाह कर लेगी। महिला ने सीओ मवाना पर परेशान करने का आरोप लगाया।
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विवेचना को किसी दूसरे थाने की पुलिस से कराया जाए। बाद में एसपी देहात राजेश कुमार ने मवाना इंस्पेक्टर को कड़ी फटकार लगाई। महिला इंस्पेक्टर ने बताया कि महिला को थाने से मवाना पुलिस ले गई।
डीजीपी से मिले वकील
मेरठ बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह जानी व महामंत्री देवकी नंदन शर्मा के नेतृत्व में जिला बार एसोसिएशन हापुड़ एवं बार एसोसिएशन गढ़मुक्तेश्वर के पदाधिकारियों के साथ वकीलों ने डीजीपी से मुलाकात की। वकीलों ने गढ़ बार एसोसिएशन के वकीलों के खिलाफ पुलिस द्वारा दर्ज कराए फर्जी मुकदमे की सही विवेचना कराने और मुकदमा खत्म कराने संबंधी ज्ञापन दिया। जिस पर डीजीपी ने उक्त मुकदमे को समाप्त किए जाने का आश्वासन दिया।
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