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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   UP News: Shishram of Meerut has received Padma Shri award on 26 January

गर्व का पल: मेरठ का नाम रोशन करने वाले शीशराम को सैल्यूट, पद्मश्री पुरस्कार से हुए सम्मानित, सांसद ने घर जाकर दी बधाई

Thu, 27 Jan 2022 11:47 PM IST
कपिल kapil अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ
अमर उजाला ब्यूरो, मेरठ Published by: कपिल kapil Updated Thu, 27 Jan 2022 11:47 PM IST
सार

मेरठ के शीशराम ने पद्मश्री पुरस्कार पाकर गांव और जिले का नाम रोशन किया है। उनकी इस कामयाबी पर हर कोई सैल्यूट कर रहा है। वहीं सांसद राजेंद्र अग्रवाल ने भी उनके घर जाकर शुभकामनाएं और बधाई दी।

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UP News: Shishram of Meerut has received Padma Shri award on 26 January
शीशराम से मिलने पहुंचे सांसद राजेंद्र अग्रवाल - फोटो : amar ujala

विस्तार

पहले देश सेवा फिर अंतरर्राष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर कलाकृति से लोगों का दिल जीतने वाले मेरठ स्थित बेगमबाग निवासी शीशराम ने पद्मश्री पाकर जिले का नाम रोशन कर दिया है। उनको हर शहरवासी सेल्यूट कर रहा है। सांसद राजेंद्र अग्रवाल ने उनके घर पहुंचकर शुभकामनाएं एवं बधाई दी। शीशराम भारतीय थल सेना में भी 40 वर्षों तक रहे। उन्होंने थल सेना की कोर ऑफ ईएमई में सेवा दी। वर्ष 1971 के भारत-पाक युद्ध में टैंक और गाड़ियों को ठीक करने में उनका अहम योगदान रहा। वर्ष 2007 में सेना से सेवानिवृत्त हुए।

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सेना के मैडल का डिजाइन शीशराम ने बनाया
आजादी की 50वीं वर्षगांठ पर शीशराम को सेना द्वारा मेडल डिजाइन करने का कार्य दिया गया। उनके बनाए गए डिजाइन को सेना के उच्च अधिकारियों ने पसंद किया। इसके बाद से आज तक भारतीय थल सेना, एयरफोर्स, नेवी, और पैरा मिलिट्री फोर्स को ये मेडल सम्मान में दिए जाते हैं। 22 जून 2002 को उन्होंने भारत के पूर्व राष्ट्रपति केआर नारायण और उनकी पत्नी ऊषा नारायण का ऑयल पोट्रेट पेंटिंग सिल्वर पर बनाई।
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मेरठ कॉलेज से जुड़ी हैं स्मृतियां
शीशराम के पिता होराम सिंह मेरठ कॉलेज में कार्यरत थे। उनके पिता हेड ऑफिस में कार्यरत रहे। उस समय शीशराम दस वर्ष की आयु में पिता का टिफिन लेकर मेरठ कॉलेज जाते थे। उसी समय कॉलेज के ड्राइंग विभाग में पिता ने उनकी मुलाकात इंचार्ज शिव कुमार शर्मा से कराई। भारतीय थल सेना में जाने का जज्बा भी मेरठ कॉलेज से आया। वर्ष 1964 में शीशराम ने कला कुंज, स्कूल ऑफ आर्ट आरजी इंटर कॉलेज के सामने से चित्रकला का प्रशिक्षण लिया। वहीं 1965 में छात्र संघ अध्यक्ष सतपाल मलिक के साथ छात्र संघ एकता के जुलूस में सक्रिय रहे।

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अब भी बना रहे कलाकृतियां
1. भारत के नक्शे में तिरंगे झंडे को कोरोना वायरस के बारण तकनीकी जैविक हथियार को तेल चित्र द्वारा बनाया गया।
2. सभी देशों में कोरोना वायरस का मानव जाति पर अटैक, जान-माल का भारी संख्या में नुकसान, कोरोना वायरस पर अंकुश चित्रकला द्वारा प्रस्तुत।
3. 11 वर्षों में 30 कलाकृति बना चुके हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विचारों से संबंधित बनाई लॉकडाउन संध्या पांच अप्रैल नौ मिनट पर अंधकार से प्रकाश की तरफ तिरंगे झंडे में चित्रकला द्वारा प्रदर्शित।

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