विधानसभा चुनाव की तैयारी, प्रत्याशियों से मांगे आवेदन पत्र, समाजवादी पार्टी में हलचल तेज
- दिग्गजों के साथ युवा कार्यकर्ता भी कर रहे मैदान में कूदने की तैयारी
- टिकट के लिए आवेदन मांगने से सपा में सरगर्मी बढ़ी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
समाजवादी पार्टी ने 2022 के विधानसभा चुनाव के लिए प्रत्याशियों की कवायद शुरू कर दी है। चुनाव के लिए 26 जनवरी तक संभावित प्रत्याशियों से आवेदन पत्र मांगे जाने से पार्टी में हलचल बढ़ा दी है। मेरठ में दिग्गजों के साथ युवा कार्यकर्ता भी आवेदन की तैयारी में जुट गए हैं। विधानसभा चुनाव के साथ ही सपा की नजर आने वाले पंचायत चुनावों पर भी है।
सपा 2017 विधानसभा चुनाव में मेरठ जिले में सात में से शहर की एक विधानसभा सीट पर ही जीती थी। मेरठ दक्षिण और मेरठ कैंट सीट गठबंधन में कांग्रेस के पास थी, जबकि अन्य चार सीटों पर उसे हार का सामना करना पड़ा था। शहर से विधायक रफीक अंसारी एकमात्र जीते थे। इसलिए उनकी दावेदारी इस बार भी मजबूत है। इस बार सपा का रालोद से गठबंधन है, ऐसे में इस बार भी इनमें से दो सीटें रालोद के खाते में जाने की उम्मीद है।
पुराने दिग्गज, जो अपनी किस्मत आजमाने की कोशिश करेंगे, उनमें हस्तिनापुर सीट से दो बार जीत चुके प्रभुदयाल वाल्मीकि, तीन बार किठौर से जीते पूर्व कैबिनेट मंत्री शाहिद मंजूर और सिवालखास से विधायक रह चुके गुलाम मोहम्मद प्रमुख हैं।
सरधना से अतुल प्रधान पिछला चुनाव हार गए थे लेकिन अखिलेश यादव के करीबी होने के कारण फिर से टिकट के लिए दावेदारी करेंगे। नए चेहरों में रिहानउद्दीन, गौरव प्रधान, प्रशांत गौतम, विपिन मनोठिया, निजाम चेयरमैन, मुनकाद अली, आदिल चौधरी, परविंदर ईशु, संजीव गुप्ता, महेश चावला, प्रदीप गुर्जर और संजय यादव भी दावेदार माने जा रहे हैं।
यह भी पढ़ें: बेटियों के नाम से होगी घरों की पहचान, अधिकारियों ने गांवों में शुरू की नई पहल, तस्वीरें
अभी नहीं किया आवेदन
अभी किसी ने आवेदन नहीं किया है। जो आवेदन करेगा, उसे जिलाध्यक्ष से नो ड्यूज प्रमाणपत्र लेना होगा। आवेदक के लिए जरूरी है कि वह समाजवादी बुलेटिन का मेंबर और पार्टी का सक्रिय सदस्य हो। -राजपाल सिंह, जिलाध्यक्ष, सपा
सपा में इस बार नए चेहरों को मिल सकता है मौका
सपा इस बार नए और युवा चेहरों पर दांव खेल सकती है। आवेदन मांगने के पीछे यही वजह मानी जा रही है। हालांकि सपा ने जिलाध्यक्ष के लिए भी आवेदन मांगे थे मगर पूर्व जिलाध्यक्ष राजपाल सिंह को ही फिर कमान सौंप दी थी। अभी कार्यकारिणी का भी गठन नहीं किया गया है। महानगर अध्यक्ष की भी घोषणा नहीं हुई है।
कांग्रेस-बसपा और आप की सक्रियता से बेचैनी
पिछले दिनों जिस तरह से विभिन्न मुद्दों को लेकर कांग्रेस यूपी में मुखर रही है और सड़क पर उतरी है इससे सपा में बेचैनी है। भाजपा का विकल्प साबित करने के लिए पार्टी ने संघर्ष शुरू कर दिया है।
उधर, बसपा भी सक्रिय हो रही है और संगठन पर काम शुरू कर चुकी है। दोनों के अलावा आम आदमी पार्टी ने भी यूपी में अपनी सक्रियता बढ़ा दी है।
नोट- इन खबरों के बारे आपकी क्या राय हैं। हमें फेसबुक पर कमेंट बॉक्स में लिखकर बताएं।
शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें
https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/