रैपिड रेल के लिए मिली सदर तहसील की जमीन, निर्माण के रास्ते में एक बड़ी बाधा हुई पार
- 4246 वर्ग मीटर जमीन मिली रैपिड स्टेशन के लिए सदर तहसील की
- एनसीआरटीसी और एसडीएम सदर के बीच हुए करार पर हस्ताक्षर
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दिल्ली से मेरठ तक चलने वाली रैपिड रेल के लिए अच्छी खबर है। एनसीआरटीसी अधिकारियों और एसडीएम सदर संदीप भागिया के बीच हुए करार में तहसील सदर की 4246 वर्ग मीटर जमीन तीन वर्ष के लिए अस्थायी तौर पर रैपिड रेल के लिए मिल गई है।
इस जमीन के मिलने से निर्माण शुरू करने का भी रास्ता लगभग खुल गया है। अब एनसीआरटीसी की नजरें भैंसाली बस अड्डे की सात हजार वर्ग मीटर जमीन पर लगी हैं। इस जमीन को लेने के लिए भी बुधवार को प्रमुख सचिव आवास दीपक कुमार ने निर्देश दिए हैं।
तहसील सदर में रैपिड रेल के भूमिगत स्टेशन की खुदाई शुरू की जानी है। इस जमीन के मिलने के बाद यहां मशीन से शुरू होने वाले कार्य को रफ्तार मिल सकेगी। एनसीआरटीसी दीवाली के बाद बागपत चौराहे से रैपिड का शहर में काम शुरू कराने की तैयारी में है।
बागपत रोड से बेगमपुल तक रैपिड रेल के भूमिगत स्टेशन है। शताब्दीनगर में पिलर तेजी से खड़े करने के साथ रैपिड रेल के लिए शहर में भी कार्य शुरू किया जाना है। तहसील सदर में जो 12 आवास इसकी जद में आ रहे हैं उनमें से नौ आवासों में लोग रह रहे हैं। उनकी व्यवस्था खुद एनसीआरटीसी करेगा।
जल्द निपटाएं जमीन के मामले: प्रमुख सचिव
प्रमुख सचिव आवास दीपक कुमार ने रैपिड रेल को जल्द जमीन उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए। बुधवार को शाम चार बजे से 40 मिनट तक हुई वीडियो कांफ्रेंसिंग में गाजियाबाद और मेरठ जिले के अधिकारी जुड़े रहे। मेरठ में भैंसाली बस अड्डे की जमीन को लेकर वार्ता की गई। जिसमें एमडीए ने कहा कि हम सर्किल रेट पर रोडवेज को भूमि देने के लिए तैयार हैं। इसके लिए प्रमुख सचिव ने जिलाधिकारी को जल्द भूमि उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। वहीं, इसके अलावा अन्य स्थानों पर जहां-जहां भूमि की आवश्यकता है उन्होंने वहां भी भूमि देने के लिए कहा है।
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अभी यहां हैं जमीन की जरूरत
- भैंसाली बस अड्डा: इस अड्डे की 7534 वर्ग मीटर भूमि स्टेशन के लिए जरूरी है। इसके लिए प्रमुख सचिव ने जल्द कार्यशाला को स्थानांतरित करने के लिए जिलाधिकारी से जमीन की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। यह मामला लंबे समय से अटका है।
- जिला पंचायत : जिला पंचायत की 600 वर्गमीटर स्थायी और 114.78 वर्गमीटर अस्थायी भूमि की जरूरत है। केसरगंज स्कूल के पास एनसीआरटीसी को सुरंग के वेंटीलेशन के लिए जमीन की आवश्यकता है। हालांकि, इस पर जिला पंचायत की बोर्ड बैठक में जमीन को सर्किल रेट पर देने की सहमति बनी थी।
- खंड विकास अधिकारी: मेवला फ्लाईओवर के ठीक नीचे बने खंड विकास कार्यालय में ड्रेन का कार्य किया जाना है। स्थल उपलब्ध न होने के कारण स्थल पर अस्थायी रूप से बीडीओ कार्यालय परिसर स्थित ड्रेन को शिफ्ट किया जाना है।
- निजी भूमि का अर्जन: रैपिड रेल के प्रस्तावित नौ स्टेशनों के लिए निजी भूमि का प्रस्ताव है। एनसीआरटीसी ने प्रशासन को बताया कि भू-स्वामियों द्वारा भूमि दर पर सहमति नहीं दी गई है।
- दौराला : यहां रैपिड रेल के डिपो के लिए 3.09 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहण किया जाना है। जो अभी फिलहाल अटका है।
- भूड़बराल: यहां भी 0.047 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाना है।
हमने करार कर लिया है
हमने एनसीआरटीसी के साथ अस्थायी जमीन देने को लेकर करार कर लिया है। वहीं, हमारे जो 12 आवास इसके जद में आ रहे हैं उनकी जिम्मेदारी एनसीआरटीसी की होगी। - संदीप भागिया, एसडीएम सदर
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