यूपी: परीक्षा में छात्रा की चालाकी देख हर कोई हैरान, मोबाइल से आधा पेपर कर चुकी थी हल, पकड़े जाने पर खुल गई पोल
परीक्षा के दौरान छात्रा की चालाकी देखकर हर कोई हैरान रह गया। छात्रा आधा पेपर हल कर चुकी थी लेकिन, बाद में पूरी पोल खुल गई।
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डिप्लोमा इन एलिमेंट्री एजुकेशन (डीएलएड) की परीक्षा को लेकर मंगलवार को कंकरखेड़ा के सुभाषपुरी स्थित एक इंटर कॉलेज को परीक्षा केंद्र बनाया गया था। बागपत जिले के जोहड़ी गांव निवासी एक छात्रा कपड़ों में मोबाइल छिपाकर, ईयरफोन को मास्क से कवर कर परीक्षा देने पहुंची। एक घंटे से अधिक के बाद कक्ष निरीक्षक को छात्रा पर शक हुआ। जिसके बाद महिला शिक्षिका ने तलाशी ली तो छात्रा के पास मोबाइल निकला। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया।
कंकरखेड़ा के सुभाषपुरी स्थित सनातन धर्म इंटर कॉलेज में मंगलवार को डीएलएड की परीक्षा को लेकर केंद्र बनाया गया था। परीक्षा के दौरान कक्ष संख्या 34 में बागपत निवासी छात्रा परीक्षा दे रही थी। परीक्षा के 65 मिनट बाद कक्ष निरीक्षक को छात्रा पर शक हुआ। दरअसल, छात्रा ने मास्क से पूरे मुंह को कवर किया हुआ था और उसकी हरकत किसी से लगातार बात करने की लग रही थी। इस पर कक्ष निरीक्षक ने महिला शिक्षिका को बुलाया। छात्रा ने जब मास्क हटाया तो उसके कानों में ईयर फोन मिला। इसके बाद महिला शिक्षिका छात्रा को अलग कमरे में ले गई। छात्रा ने कपड़ों में मोबाइल छिपाकर रखा था। इसके बाद कॉलेज प्रशासन ने पुलिस को जानकारी दी।
वहीं सूचना मिलने के बाद पुलिस अधिकारी महिला कांस्टेबल को साथ लेकर पहुंचे और छात्रा को हिरासत में ले लिया। पूछताछ के बाद पुलिस छात्रा को थाने ले आई। पुलिस ने तहरीर के आधार पर छात्रा के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
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65 मिनट तक बात कर प्रश्नों को करती रही हल
कक्ष 34 में मोबाइल के साथ पकड़ी गई छात्रा 65 मिनट तक लगातार फोन पर बात करती रही। इस दौरान उस पर किसी को शक नहीं हुआ। लेकिन, 65 मिनट बाद उसकी हरकत को देख कक्ष निरीक्षक को शक हुआ। इन 65 मिनटों में छात्रा ने कई प्रश्नों को हल कर लिया था। पकड़ी गई छात्रा ने पुलिस पूछताछ में बताया कि वह अपने छात्र दोस्त से बात कर रही थी। वह भी डीएलएड की तैयारी कर रहा है। उसने उससे परीक्षा को लेकर कोई बात नहीं की।
थाना प्रभारी सुबोध कुमार सक्सेना का कहना है कि छात्रा के मोबाइल से बात करने वाले छात्र का नंबर ले लिया गया है। जांच की जा रही है। जांच के बाद ही पता लग सकेगा कि छात्रा झूठ बोल रही है या सच।
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रात में ही जमानत पर छोड़ा
मोबाइल व ईयर फोन बरामद होने के बाद पुलिस छात्रा को थाने ले आई। मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने परिजनों को जानकारी दी। शाम में ही परिजन कंकर खेड़ा थाने पहुंचे। पुलिस ने छात्रा को थाने से ही जमानत देकर परिजनों के सुपुर्द कर दिया। परिजनों को जब पुलिस ने जानकारी दी तो उन्होंने अपनी बेटी की गलती मानी है। पुलिस का कहना है कि छात्रा का अपराध सात साल की सजा से कम का था। इसलिए, नियमानुसार थाना से जमानत दे दी गई।
चेकिंग के दौरान भी पकड़ में नहीं आई
परीक्षा शुरू होने से पहले केंद्र के बाहर सभी छात्र-छात्राओं की शिक्षक-शिक्षिकाओं ने तलाशी ली। लेकिन, छात्रा चेकिंग के दौरान पकड़ में नहीं आई। दरअसल, एनसीआर क्षेत्र में लगातार कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए कॉलेज में मास्क लगाकर पहुंचना अनिवार्य कर दिया है। छात्रा ने इसका फायदा उठाते हुए ईयरफोन को मास्क से इस तरीके से ढका हुआ था कि वह दिखी नहीं। लीड के तारों को कपड़ों के अंदर से मोबाइल में लगा रखा था। जिस कारण चेकिंग के दौरान छात्रा पकड़ में नहीं आई। छात्रा की इस चालाकी को देख कक्ष निरीक्षक से लेकर अन्य शिक्षक-शिक्षिकाएं भी हैरान थे।