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यूपी: इंसास राइफल से लैस हुई मेरठ पुलिस, थानों में रखी गईं थ्री नॉट थ्री

Mon, 14 Jan 2019 03:01 PM IST
Dimple Sirohi मनु चौधरी, अमर उजाला, मेरठ
मनु चौधरी, अमर उजाला, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Mon, 14 Jan 2019 03:01 PM IST
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UP: Meerut police equipped with INSAS rifle three not three rifle in police stations
up police
मेरठ पुलिस अब पूरी तरह से इंसास राइफल से लैस हो गई है। पहले जिले के सभी थानों में सिर्फ चार- चार इंसास हीं थी। लेकिन उच्च अधिकारियों के निर्देश पर अब सभी थानों में इंसास दी गई हैं। थ्री नॉट थ्री की राइफल थानों में ही रखवा ली गई हैं। एसपी लाइन ने इंसास को लेकर सभी थाना प्रभारियों को जरूरी निर्देश दिए हैं, साथ ही पुलिस लाइन के आर्मरों से भी जानकारी ली है।
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थाना पुलिस के पास अभी तक पिस्टल, थ्री नॉट थ्री राइफल और एके 47 थीं। इंसास की संख्या कम थी। कई बार मुठभेड़ या संवेदनशील मामलों में सामने आया कि पुरानी राइफल एन वक्त पर नहीं चली। इसके बाद थाना प्रभारियों और सीओ द्वारा उच्च अधिकारियों से इंसास की मांग की गई।
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एसपी लाइन संजीव बाजपेई के अनुसार रोहटा और गंगानगर थानों को छोड़कर सभी थानों में इंसास दी गईं हैं। रोहटा में 14 और गंगानगर थाने को 20 इंसास दी जानी हैं। सभी थानों में 801 इंसास राइफल हैं, पुलिस लाइन में भी इंसास रिजर्व में रखी गई हैं।
 
जिन पुलिसकर्मियों की ड्यूटी हमराह में लगी हुई है, उनके पास एके 47 भी हैं। एसओ देहलीगेट विजय गुप्ता कहना है कि सुरक्षा की दृष्टि से थाना पुलिस के पास इंसास सबसे मजबूत हथियार है। फैंटम पर सिपाही और होमगार्ड रहते हैं, जहां बाइक चालक सिपाही को पिस्टल और होमगार्ड को इंसास दी गईं हैं।

यह है इंसास
1998 की गणतंत्र दिवस परेड में पहली बार भारत में बनी अत्याधुनिक इंसास राइफल्स प्रदर्शित की गई थी। इसका पहली बार प्रयोग 1999 में कारगिल युद्ध के दौरान सेना ने किया था। सेना के बेड़े से बाहर होने के बाद अब इंसास को पैरा मिलिट्री फोर्स और पुलिस को दिया गया है। इससे सिंगल या तीन राउंड मोड में भी फायर किया जा सकता है।

दूरबीन लगाई जा सकती है। 4.15 किलोग्राम वजन की इंसास में 5.56 एमएम कारतूस प्रयोग होती है। आगे एक चाकू भी जोड़ा जा सकता है। 400 मीटर की रेंज वाली इंसास का विकसित रूप लाइट मशीन गन है। इसकी रेंज 700 मीटर है और ऑटोमेटिक मोड पर भी फायर किया जा सकता है। इसमें 20 से 30 राउंड की मैग्जीन का प्रयोग किया जाता है। यह राइफल एक मिनट में 650 फायर कर सकती है।

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सुरक्षा की दृष्टि से है जरूरी
सुरक्षा की दृष्टि से सभी थानों में इंसास दी गई हैं, जो थाने बचे हैं, उनमें जल्द पहुंचा दी जाएंगी। सुरक्षा को देखते हुए पुलिस को रात्रि ड्यूटी पर भी अलर्ट रहकर ड्यूटी के निर्देश दिए गये हैं। थानों में थ्री नॉट थ्री राइफल रखवा दी गईं हैं। -संजीव बाजपेई, एसपी लाइन

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