यूपी: गोकशी नहीं हुई बंद, इंस्पेक्टर ने अपने ही खिलाफ डाला तस्करा, सब फंसे
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यूपी में मेरठ जिले के खरखौदा थाना इंस्पेक्टर राजेंद्र त्यागी ने अपने ही खिलाफ उसी थाने की जीडी में तस्करा डाल दिया, इसके लिए जहां उनकी चारों तरफ वाहवाही हो रही है साथ ही इंस्पेक्टर ने मामले में अपने खिलाफ भी कार्रवाही कर एक मिसाल पेश की है। राजेंद्र जिस थाने में प्रभारी इंस्पेक्टर हैं।
इंस्पेक्टर ने अपने अलावा चार दरोगाओं समेत आठ पुलिसकर्मियों के नाम तस्करे में खोले हैं। एक तरफ 19 गोकशों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ वहीं इंस्पेक्टर ने खुद को शामिल करते हुए दो दारोगा व बीट कांस्टेबल के खिलाफ तस्करा डाल दिया। इंस्पेक्टर के मुताबिक घटना नहीं रुकी इसके लिए वह भी जिम्मेदार हैं।
आइए जानते हैं आखिर क्या था पूरा मामला :-
इस तरह निभाई जिम्मेदारी
खरखौदा थाने में राजेंद्र त्यागी बतौर इंस्पेक्टर तैनात हैं। उनका कहना है कि थाना क्षेत्र में बीट सिपाही से लेकर थाना प्रभारी तक की जिम्मेदारी होती है। किसी भी गांव में यदि चोरी हुई और चोर पकड़े नहीं गए तो इसमें बीट सिपाही की लापरवाही सामने आती है। लूट जैसे मामले में चौकी इंचार्ज या उस क्षेत्र के हल्का इंचार्ज दरोगा की लापरवाही आती है। जिसमें उनके खिलाफ खुद कार्रवाई भी करते हैं। लेकिन यदि थाना क्षेत्र में एलान के बाद हत्या, डकैती या गोकशी की घटना हुई तो इसमें थाना प्रभारी की भी जिम्मेदारी तय होती है।
इंस्पेक्टर का कहना है कि जब उन्होंने लापरवाही करने वाले सिपाहियों के खिलाफ जीडी में तस्करा डाला तो वह कार्रवाई थी। दो या तीन बार तस्करा डालने पर रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेज दी जाएगी। शनिवार को गोकशी की घटना हुई तो इंस्पेक्टर ने अपनी भी लापरवाही मानी। बकौल इंस्पेक्टर, उच्च अधिकारी गोकशी जैसी घटनाओं में थाना प्रभारी को ही हटाते हैं। लेकिन तस्करा डालने से जो भी उस समय क्षेत्र में थे वह भी जिम्मेदार हैं, चाहे इंस्पेक्टर ही क्यों न हों। गौरतलब है कि पुलिस की जीडी में किसी के भी खिलाफ लापरवाही के बारे मे लिखा जाता है तो वह तस्करा कहा जाता है।
इनके खिलाफ डाला गया तस्करा
क्षेत्र में हुई गोकशी को लेकर इंस्पेक्टर राजेंद्र त्यागी ने अपने खिलाफ, हल्का इंचार्ज एसआई प्रेम प्रकाश सिंह, एसआई चंद्र किशोर और बीट सिपाही अनिल तेवतिया, नाइट अफसर एसआई सुनील कुमार, कांस्टेबल आजाद, नीलेश सभी के खिलाफ जीडी में तस्करा डाला। साथ ही इंस्पेक्टर ने सभी के खिलाफ लापरवाही मानते हुए गोकशी की घटना के बारे में बताया।
इंस्पेक्टर का कहना है कि पूरे स्टाफ की लापरवाही को कारण मानते हुए मैंने जीडी में तस्करा डलवाया है। जिससे स्वयं सहित पूरे स्टाफ की कार्यशैली को बदलने की जरूरत है। गोकशी, हत्या और डकैती पर इंस्पेक्टर खरखौदा ने सिपाही से लेकर इंस्पेक्टर तक की जिम्मेदारी तय की। स्थानीय पुलिस अफसरों ने इंस्पेक्टर की इस कार्रवाई को जहां सराहनीय कदम बताया है वहीं यह मामला लखनऊ तक पहुंच गया है।
यह था मामला
शनिवार सुबह खरखौदा के छतरी-खड़खड़ी पर कृपाल सिंह के खेत में इंस्पेक्टर राजेंद्र त्यागी को गोकशी की सूचना मिली थी। इंस्पेक्टर के नेतृत्व में पुलिस टीम मौके पर पहुंची तो आरोपी मौके पर मांस छोड़कर भाग निकले। वे गोवंश को पूरी तरह काट नहीं पाए थे। पुलिस ने मीट, अवशेष और औजार बरामद किए थे। लेकिन गोवंश की पुष्टि कर दी। बाद में पुलिस ने मौके पर ही गड्ढा खुदवाकर मीट को दबवा दिया। पुलिस ने 19 लोगों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज की।
यह सराहनीय कदम
एसपी देहात राजेश कुमार के अनुसार खरखौदा इंस्पेक्टर द्वारा अपने और अन्य के खिलाफ थाने की जीडी में तस्करा डाला गया है। यह इंस्पेक्टर का सराहनीय कदम है जिन्होंने अपनी भी जिम्मेदारी तय की है। उच्चाधिकारियों को मामले से अवगत करा दिया गया है।