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UP: चारधाम यात्रा का दिल्ली-दून हाईवे पर असर, मेरठ में सिवाया टोल पर जाम, 24 घंटे में गुजरे 50 हजार वाहन

Sun, 19 Apr 2026 04:44 PM IST
Mohd Mustakim अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ Published by: Mohd Mustakim Updated Sun, 19 Apr 2026 04:44 PM IST
सार

Meerut News: चारधाम यात्रा शुरू हो चुकी है और यात्री फास्टैग की जांच किए बिना ही वाहन लेकर निकल रहे हैं। इस कारण टोल प्लाजा पर वाहन अटक रहे हैं और धीमी रफ्तार से चल रहे हैं। वहीं सड़कों पर वाहनों की संख्या सामान्य से कहीं ज्यादा हो गई है। 
 

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UP: Impact of Chardham Yatra on Delhi-Doon Highway, jam at Sivaya toll in Meerut, 50 thousand vehicles passed
सिवाया टोल प्लाजा पर रेंगते वाहन। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

चारधाम यात्रा शुरू होते ही वीकेंड पर दिल्ली-दून हाईवे पर यातायात का दबाव अप्रत्याशित रूप से बढ़ गया है। इसका सबसे गंभीर असर मेरठ के सिवाया टोल प्लाजा पर देखा गया, जहां दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और गाड़ियां घंटों रेंग-रेंग कर आगे बढ़ती रहीं, जिससे यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा। 24 घंटे में 50 हजार से ज्यादा वाहन सिवाया टोल प्लाजा से गुजरे हैं, जबकि आम दिनों में यह संख्या 35 हजार तक होती है।
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टोल प्लाजा पर यातायात का भारी दबाव
टोल प्रशासन के अनुसार, शनिवार और रविवार को 24 घंटों में 50 हजार से अधिक वाहन सिवाया टोल प्लाजा से होकर गुजरे। यह संख्या सामान्य दिनों की तुलना में काफी अधिक है, जिस कारण टोल प्लाजा पर अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न हो गई। बढ़ते दबाव को नियंत्रित करने के लिए टोल कर्मियों को तीन लेन को विपरीत दिशा में खोलना पड़ा, तब जाकर कुछ हद तक राहत मिल सकी। इसके बावजूद दौराला की ओर से लगभग दो किलोमीटर लंबा जाम लगा रहा और यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में निर्धारित समय से कई घंटे अधिक लगे।
 
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फास्टैग की समस्या ने बढ़ाई मुश्किलें
यातायात जाम की समस्या को और बढ़ाने में खराब और ब्लैकलिस्टेड फास्टैग का बड़ा योगदान रहा। टोल प्लाजा पर स्कैनिंग के दौरान कई वाहनों के फास्टैग रीड नहीं हो पाए, जबकि कुछ टैग ब्लैकलिस्टेड पाए गए। ऐसे वाहनों को कैश लेन में भेजा गया, जिससे टोल पार करने में लगने वाला समय बढ़ गया और जाम और गहरा हो गया।
 
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यात्रियों की प्रतिक्रिया और व्यवस्था पर सवाल
यात्रियों ने इस बात पर चिंता व्यक्त की कि चारधाम यात्रा के दौरान हर साल यातायात बढ़ता है, लेकिन इस बार भीड़ की तुलना में व्यवस्थाएं कमजोर नजर आईं।
 

फास्टैग के नियम और महत्व
राष्ट्रीय राजमार्गों पर टोल वसूली के लिए फास्टैग प्रणाली को अनिवार्य किया गया है, जिसका उद्देश्य बिना रुके इलेक्ट्रॉनिक तरीके से भुगतान सुनिश्चित करना है। वाहन की विंडस्क्रीन पर लगे फास्टैग के स्कैन होते ही टोल राशि स्वचालित रूप से कट जाती है।
ब्लैकलिस्टेड फास्टैग: फास्टैग में बैलेंस कम होने पर वह ब्लैकलिस्ट हो जाता है और स्कैन नहीं होता।
जुर्माना: ब्लैकलिस्टेड या खराब फास्टैग की स्थिति में वाहन चालक से दोगुना टोल शुल्क वसूला जा सकता है।
वैधता: एक वाहन के लिए केवल एक ही वैध फास्टैग होना आवश्यक है।
समस्याएं: टैग के क्षतिग्रस्त होने या गलत तरीके से चिपकाने पर भी स्कैनिंग में समस्या आ सकती है।
 

प्रबंधन की अपील
प्रबंधन ने चारधाम यात्रा पर निकलने वाले श्रद्धालुओं से आग्रह किया है कि वे अपनी यात्रा शुरू करने से पहले अपने फास्टैग का बैलेंस, वैधता और स्थिति की जांच अवश्य कर लें। ऐसा करने से टोल प्लाजा पर अनावश्यक देरी और जाम की स्थिति से बचा जा सकेगा।

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