UP: कोचिंग सेंटर से शुरू हुआ था फर्जीवाड़े का खेल, देहरादून में हिस्ट्रीशीटर इमलाख ने 10 साल से बिछाया था जाल
फर्जी प्रमाणपत्र बनाने का मामले में मुजफ्फरनगर के सगे भाई इमरान और इमलाख को एसटीएफ ने गिरफ्तार किया है। देहरादून के रूड़की चुंगी पर लंबे समय तक कोचिंग सेंटर चलाया और इसके बाद बरला के निकट बाबा ग्रुप के कॉलेज खोले।
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एसटीएफ के जाल में फंसे शेरपुर के सगे भाई इमरान और इमलाख ने शहर के रूड़की चुंगी पर कोचिंग से फर्जीवाड़े का खेल शुरू किया था। सेंटर के जरिए फर्जी प्रमाण पत्रों के बनाने का सिलसिला शुरू हुआ तो फिर नहीं रुका। इमरान पर 14 साल पहले मुकदमा दर्ज हुआ था। देहरादून में दोनों भाई 10 साल पहले सक्रिय हुए थे।
बरला के निकट बसेड़ा रोड पर बनाए गए बाबा ग्रुप ऑफ कॉलेज के परिसर में कई कॉलेज संचालित किए जा रहे हैं। पिछले साल ही यहां पर डिग्री कॉलेज की शुरूआत हुई है। पिछले डेढ़ दशक में शेरपुर के दोनों भाइयों ने फर्जी प्रमाणपत्रों के खेल से खूब रुपये कमाए।
पुलिस बार-बार दोनों को पकड़ती रही, लेकिन जेल से छूटते ही दोनों फिर से फर्जी प्रमाणपत्र बनाने के खेल में जुट जाते थे। कोचिंग सेंटर पर आने वाले छात्र-छात्राओं के प्रमाण पत्र भी बनाते थे। इस बार देहरादून में एसटीएफ ने शिकंजा कसा तो बीएएसएस की डिग्री की दलाली में उनका नाम सामने आया है।
देहरादून में 10 साल से बिछा रखा है जाल
शेरपुर के सगे भाई इमरान और इमलाख देहरादून में पिछले दस साल से सक्रिय है। मुजफ्फरनगर में सख्ती बढ़ने और पोल खुलने के बाद दोनों ने देहरादून में जड़े जमानी शुरू की थी।
शहर कोतवाली का हिस्ट्रीशीटर है इमलाख
शेरपुर निवासी इमलाख पुत्र इलियास शहर कोतवाली का हिस्ट्रीशीटर भी है। पुलिस पर 2017 में किए गए हमले के बाद इमलाख के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया और उसकी हिस्ट्रीशीट खोली गई थी।
जिले में जांच कराई जाएगी
जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डॉ. ईशम सिंह का कहना है कि देहरादून के मामले में दोनों भाई पकड़े गए हैं। शिकायत या शासन के आदेश पर जिले में भी जांच कराई जाएगी।
मोबाइल की लोकेशन के आधार पर पकड़ा गया इमरान
पहले मुजफ्फरनगर और बाद में देहरादून में फर्जी डिग्री का धंधा चलाने वाले दोनों शातिर भाईयों इमलाख व इमरान की गिरफ्तारी के लिए एसटीएफ टीम ने मंगलवार की रात से छपार व शहर कोतवाली क्षेत्र में डेरा डाला हुआ था। टीम आरोपी इमरान को मोबाइल नंबर की लोकेशन की मदद से गिरफ्तार कर ले गई और क्षेत्र की पुलिस को जानकारी तक नहीं हो सकी।
देहरादून एसटीएफ ने अम्लीवाला प्रेम नगर महेंद्र चौक निवासी प्रीतम सिंह व सुमनपुर अधोईवाला रायपुर निवासी मनीष को फर्जी डिग्री के आधार पर क्लीनिक चलाने के मामले में गिरफ्तार किया गया। बताया गया कि दोनों को गिरफ्तार करने से पहले गहनता के साथ पूछताछ की थी। दोनों का कहना था कि उन्हें बीएएमएस की डिग्री दोनों इमलाख व इमरान ने दिलाई थी। एक से छह व दूसरे से आठ लाख रुपये वसूले थे। दोनों शातिर भाईयों के गोरखधंधे की जानकारी मिलने के बाद एसटीएफ दोनों गिरफ़्तार फर्जी डाक्टरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करते हुए इमलाख व इमरान को भी मुकदमे में आरोपी बनाया था।
बताया गया कि देहरादून के नेहरू कालोनी थाने में यह मुकदमा दस जनवरी की रात 10 बजकर 53 मिनट पर दर्ज करने के बाद एसटीएफ की टीम ने दोनों भाईयों की तलाश में छपार-शहर कोतवाली थाना क्षेत्र में डेरा डाल लिया था। कई घंटे की मशक्कत के बाद इमलाख तो नहीं लेकिन उसका भाई इमरान टीम के हत्थे चढ़ गया था। उसकी निशानदेही पर टीम ने कई फर्जी डिग्री, कई यूनिवर्सिटी, मेडिकल व रजिस्ट्रार की मोहरे भी बरामद की थी।
उधर, फर्जी डिग्री के सहारे प्रक्टिस करने वाले दोनों फर्जी डाक्टरों ने पूछताछ के दौरान एसटीएफ को इमलाख व इमरान के मोबाइल नंबर भी दिए थे। इन मोबाइल नंबर की मदद से ही कई घंटे की मशक्कत के बाद टीम इमरान को शेरपुर क्षेत्र से पकड़ कर अपने साथ देहरादून ले गई थी। एसटीएफ देहरादून प्रभारी निरीक्षक अब्दुल कलाम ने बताया कि दोनों भाईयों के अपराधिक इतिहास की जानकारी की जा रही है।
फरार इमलाख के खिलाफ दर्ज है यह मुकमदे
मुकदमा नंबर 2327/08- धारा 420,467,468,471, 506-सिविल लाइन थाना मुजफ्फरनगर।
मुकदमा नंबर 1081/17-धारा 147,148,149,332,333,353,354,307,504,427,435,336,341 व 7सीएलए-शहर कोतवाली मुजफ्फरनगर
मुकदमा नंबर 346/18- गैंगस्टर एक्ट-शहर कोतवाली मुजफ्फरनगर
मुकदमा नंबर 32/18- धारा 307,386 शहर कोतवाली मुजफ्फरनगर।
मुकदमा नंबर 195/21- धारा 147,148,149,188,307,323,353-शहर कोतवाली मुजफ्फरनगर
मुकदमा नंबर 202/21- आयुध अधिनियम-शहर कोतवाली मुजफ्फरनगर
मुकदमा नंबर 242/20- धारा 341, 506 -सिविल लाइन मुजफ्फरनगर
मुकदमा नंबर 27/21- धारा-307,324,394,411, 420-सिविल लाइन मुजफ्फरनगर।