यूपी एनकाउंटर रिकॉर्ड : पांच साल में 183 बदमाश ढेर, मेरठ पुलिस लगा चुकी इतने कुख्यातों को ठिकाने
यूपी एनकाउंटर रिकॉर्ड : योगी सरकार के पांच साल में पुलिस पूरे प्रदेश में बड़ी संख्या में कुख्यात बदमाशों को ढेर कर चुकी हैं। पूरे प्रदेश का ये आंकड़ा चौंका देगा।
विस्तार
माफिया अतीक के बेटे असद और शूटर गुलाम का झांसी में एनकाउंटर होने के बाद पूरे प्रदेश में मारे गए बदमाशों की संख्या 183 पहुंच गई है, जो साल 2017 से 2023 तक की है। इसमें अगर मेरठ पुलिस का आंकड़ा देखें तो वह भी कम नहीं है। मेरठ पुलिस भी अभी तक 20 कुख्यात बदमाशों को एनकाउंटर में ढेर कर चुकी है।
इसके अलावा 200 से अधिक ऐसे अपराधी रहे, जो मुठभेड में गोली लगने के बाद पकड़े गए। हाल ही में भी पलड़ा गांव में हुए विशु हत्याकांड के मामले में भी पुलिस ने दो आरोपी पुलिस की गोली लगने के बाद ही हत्थे चढ़े थे।
इन्हें कर चुकी एनकाउंटर में ढेर
2017 में 50 हजारी के इनामी मंसूर, 15 हजार के इनामी वसीम और 50 हजारी नूर मोहम्मद उर्फ हसीन मोटा को एनकाउंटर में मारा गया था। साल 2018 में 50 हजारी सुजीत, 2019 में 50 हजारी जुबैर, अमित उर्फ शेरू, रविंद्र उर्फ कालिया, पंकज, शहजाद, एक लाख के इनामी शकील और 25 हजार के इनामी भूरा को ढेर किया गया था।
वहीं साल 2020 में डेढ़ लाख के इनामी चांद उर्फ काले, दो लाख के इनामी शिव शक्ति नायडू और 50 हजारी दीपक सिधू एनकाउंटर में मारे गए थे। साल 2021 में 25 हजारी धीरज, हिमांशु और इरशाद का पुलिस ने एनकाउंटर किया था। 2023 में मेरठ पुलिस ने अभी तक 50 हजारी इनामी साजन उर्फ कल्लू को मुठभेड़ में ढेर कर चुकी है।
अधिकतर मुठभेड़ रात में हुई
पुलिस और बदमाशों की अधिकतर मुठभेड़ रात के अंधेरे में हुई है। इक्का-दुक्का मामलों को छोड़ दें तो सभी का पुलिस से सामना रात में ही हुआ। कोई पुलिस के एनकाउंटर में मारा गया तो कोई गोली लगने से घायल हुआ। इससे अपराधियों में भी दहशत का आलम है। स्थिति यह है कि 50 से अधिक आरोपी पुलिस के डर से सरेंडर भी कर चुके हैं।