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यूपी में महताब का एनकाउंटर: कार्बाइन का मतलब 'मोटा माल', पिस्टल यानी 'जेब खाली', तस्करी का था कोड वर्ड; खुलासा
Sat, 27 Jun 2026 01:00 PM IST
Sharukh Khan
अमर उजाला नेटवर्क, शामली
अमर उजाला नेटवर्क, शामली
Published by: Sharukh Khan
Updated Sat, 27 Jun 2026 01:00 PM IST
सार
शामली में पुलिस से मुठभेड़ में इनामी बदमाश महताब ढेर हो गया। महताब के मारे जाने के बाद कई बड़े खुलासे हुए हैं। गिरोह ने हथियारों की खरीद-फरोख्त के लिए कोड वर्ड बना रखे थे। कार्बाइन के लिए 'मोटा माल', पिस्टल के लिए 'जेब खाली' और तमंचे के लिए 'खुद की सुरक्षा' जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया जाता था, ताकि बातचीत संदिग्ध न लगे।
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UP Encounter
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
मुकीम काला गिरोह के 50 हजार रुपये के इनामी बदमाश महताब के शामली में पुलिस मुठभेड़ में मारे जाने के बाद हथियार तस्करी के बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है। पुलिस की जांच में पता चला है कि वेस्ट यूपी, हरियाणा, दिल्ली और उत्तराखंड के अपराधी दिल्ली से हथियार खरीदने के बजाय नेपाल, महाराष्ट्र और बंगलूरू के जरिए कार्बाइन, 9- एमएम पिस्टल समेत आधुनिक हथियार मंगाते रहे हैं।
पुलिस को महताब के साथी पानीपत के शाहरूख के उस व्हाट्सएप ग्रुप की जानकारी मिली है, जिस पर हथियारों की खरीद-फरोख्त और सप्लाई की डील होती रही है। जांच में पता चला है कि 50 हजार से एक लाख रुपये तक में अत्याधुनिक हथियार उपलब्ध कराए जा रहे थे।
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पुलिस को महताब के साथी पानीपत के शाहरूख के उस व्हाट्सएप ग्रुप की जानकारी मिली है, जिस पर हथियारों की खरीद-फरोख्त और सप्लाई की डील होती रही है। जांच में पता चला है कि 50 हजार से एक लाख रुपये तक में अत्याधुनिक हथियार उपलब्ध कराए जा रहे थे।
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एसपी नरेंद्र प्रताप सिंह के मुताबिक जांच में कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं। बदमाश लूट, डकैती और बड़ी वारदातों को अंजाम देने के लिए व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से हथियारों की मांग करते थे। ऑर्डर मिलने के बाद महाराष्ट्र के बुरहानपुर, बंगलूरू और नेपाल से जुड़े नेटवर्क के जरिए हथियारों की सप्लाई की जाती थी।
यह नेटवर्क शामली, बागपत, सहारनपुर, मेरठ, मुजफ्फरनगर, दिल्ली और हरियाणा के रोहतक, करनाल, हिसार, सोनीपत, पानीपत और गुरुग्राम तक सक्रिय बताया जा रहा है।
कार्बाइन के लिए 'मोटा माल' कोड
जांच में यह भी पता चला है कि हथियारों की खरीद-फरोख्त के लिए गिरोह ने कोड वर्ड बना रखे थे। कार्बाइन के लिए 'मोटा माल', पिस्टल के लिए 'जेब खाली' और तमंचे के लिए 'खुद की सुरक्षा' जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया जाता था, ताकि बातचीत संदिग्ध न लगे। हथियारों की सप्लाई कराने वाले दलाल हर सौदे पर 20 हजार रुपये तक अतिरिक्त वसूलते थे।
जांच में यह भी पता चला है कि हथियारों की खरीद-फरोख्त के लिए गिरोह ने कोड वर्ड बना रखे थे। कार्बाइन के लिए 'मोटा माल', पिस्टल के लिए 'जेब खाली' और तमंचे के लिए 'खुद की सुरक्षा' जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया जाता था, ताकि बातचीत संदिग्ध न लगे। हथियारों की सप्लाई कराने वाले दलाल हर सौदे पर 20 हजार रुपये तक अतिरिक्त वसूलते थे।
वारदात के बाद महाराष्ट्र बंगलूरू में लेते थे शरण
एसपी के अनुसार गिरोह के सदस्य लूट और अन्य संगीन वारदातों को अंजाम देने के बाद पहले की तरह हरियाणा या वेस्ट यूपी में नहीं रुकते थे। पुलिस से बचने के लिए अब वे महाराष्ट्र और बंगलूरू में मौजूद अपने साथियों के पास चले जाते थे। वहां वह आपराधिक गतिविधियों में शामिल होते थे। गिरोह को लगता था कि दूसरे राज्यों में रहने से पुलिस की पकड़ से आसानी से बचा जा सकता है।
एसपी के अनुसार गिरोह के सदस्य लूट और अन्य संगीन वारदातों को अंजाम देने के बाद पहले की तरह हरियाणा या वेस्ट यूपी में नहीं रुकते थे। पुलिस से बचने के लिए अब वे महाराष्ट्र और बंगलूरू में मौजूद अपने साथियों के पास चले जाते थे। वहां वह आपराधिक गतिविधियों में शामिल होते थे। गिरोह को लगता था कि दूसरे राज्यों में रहने से पुलिस की पकड़ से आसानी से बचा जा सकता है।
सोशल मीडिया अकाउंट का करता था इस्तेमाल
पुलिस के अनुसार महताब मोबाइल फोन का उपयोग बेहद कम करता था। वह अपनी पत्नी के मोबाइल और सोशल मीडिया अकाउंट के जरिए गिरोह के सदस्यों से संपर्क बनाए रखता था। कई बार उसने इंस्टाग्राम और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से भी अपने साथियों से बातचीत की। पुलिस का कहना है कि इसी डिजिटल ट्रेल ने आरोपी तक पहुंचने में मदद की।
पुलिस के अनुसार महताब मोबाइल फोन का उपयोग बेहद कम करता था। वह अपनी पत्नी के मोबाइल और सोशल मीडिया अकाउंट के जरिए गिरोह के सदस्यों से संपर्क बनाए रखता था। कई बार उसने इंस्टाग्राम और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से भी अपने साथियों से बातचीत की। पुलिस का कहना है कि इसी डिजिटल ट्रेल ने आरोपी तक पहुंचने में मदद की।
हर राज्य में बदल लेता था पहचान
महताब पुलिस से बचने के लिए अलग-अलग राज्यों और शहरों में अलग-अलग नामों से रह रहा था। शामली में वह 'बेचैन', पानीपत में 'पहलवान' और सहारनपुर में 'मोनू' के नाम से जाना जाता था। बार-बार पहचान बदलने की वजह से पुलिस को उसकी गतिविधियों का पता लगाने में काफी मुश्किलें आती थीं। महताब के पास से बरामद 9 एमएम पिस्टल मेड इन इटली की पाई गई है।
महताब पुलिस से बचने के लिए अलग-अलग राज्यों और शहरों में अलग-अलग नामों से रह रहा था। शामली में वह 'बेचैन', पानीपत में 'पहलवान' और सहारनपुर में 'मोनू' के नाम से जाना जाता था। बार-बार पहचान बदलने की वजह से पुलिस को उसकी गतिविधियों का पता लगाने में काफी मुश्किलें आती थीं। महताब के पास से बरामद 9 एमएम पिस्टल मेड इन इटली की पाई गई है।
मुठभेड़ में मुकीम गैंग का बदमाश महताब ढेर
दो किसान भाइयों से मोबाइल फोन और नकदी लूटकर भाग रहे बदमाशों से शामली की आदर्श मंडी और कांधला थाना पुलिस की मुठभेड़ हो गई। इसमें कुख्यात मुकीम काला गैंग का हिस्ट्रीशीटर बदमाश महताब मारा गया, जबकि उसका साथी मौके से भाग गया। महताब पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था। मुठभेड़ के दौरान आदर्श मंडी थाने के दरोगा दीपचंद हाथ में गोली लगने से घायल हुए।
दो किसान भाइयों से मोबाइल फोन और नकदी लूटकर भाग रहे बदमाशों से शामली की आदर्श मंडी और कांधला थाना पुलिस की मुठभेड़ हो गई। इसमें कुख्यात मुकीम काला गैंग का हिस्ट्रीशीटर बदमाश महताब मारा गया, जबकि उसका साथी मौके से भाग गया। महताब पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था। मुठभेड़ के दौरान आदर्श मंडी थाने के दरोगा दीपचंद हाथ में गोली लगने से घायल हुए।
मारे गए बदमाश के कब्जे से किसान से लूटा गया मोबाइल, नकदी व बाइक की चाबी के अलावा नौ एमएम पिस्टल, कार्बाइन, 13 कारतूस, आठ खोखे और बिना नंबर की बाइक बरामद हुई।
विरोध करने पर फायरिंग करते हुए फरार हुए बदमाश
एसपी एनपी सिंह ने बताया कि 26 जून की रात करीब तीन बजे बाबरी क्षेत्र के गांव हाथी करौदा निवासी नरेंद्र अपने भाई नरेशपाल के साथ बाइक से आदर्श मंडी थानाक्षेत्र के गांव जलाल खेतों में पानी लगाने जा रहे थे। आदर्श मंडी क्षेत्र में मुजफ्फरनगर हाईवे पर गांव जलालपुर कट पर बाइक सवार दो बदमाशों ने तमंचा दिखाकर किसान भाइयों से बाइक की चाबी, मोबाइल फोन व करीब 200 रुपये लूट लिए थे। विरोध करने पर बदमाश फायरिंग करते हुए मौके से भाग गए।
एसपी एनपी सिंह ने बताया कि 26 जून की रात करीब तीन बजे बाबरी क्षेत्र के गांव हाथी करौदा निवासी नरेंद्र अपने भाई नरेशपाल के साथ बाइक से आदर्श मंडी थानाक्षेत्र के गांव जलाल खेतों में पानी लगाने जा रहे थे। आदर्श मंडी क्षेत्र में मुजफ्फरनगर हाईवे पर गांव जलालपुर कट पर बाइक सवार दो बदमाशों ने तमंचा दिखाकर किसान भाइयों से बाइक की चाबी, मोबाइल फोन व करीब 200 रुपये लूट लिए थे। विरोध करने पर बदमाश फायरिंग करते हुए मौके से भाग गए।
पीड़ित किसानों ने आदर्श मंडी थाना पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज करते हुए बदमाशों का पीछा किया। एसपी ने बताया कि जिले में चेकिंग के दौरान कांधला क्षेत्र में खंदरावली पुलिया के निकट आदर्श मंडी और कांधला पुलिस के साथ बदमाशों की मुठभेड़ हुई।
गोली लगने से महताब हुआ था घायल
दोनों तरफ से हुई फायरिंग में 50 हजार रुपये का इनामी हिस्ट्रीशीटर बदमाश महताब निवासी मोहल्ला आलकला कैराना घायल हो गया, जबकि दूसरा बदमाश खेतों में घुसकर मौके से भाग गया। मुठभेड़ के दौरान दरोगा दीपचंद हाथ में गोली लगने से घायल हुए।
दोनों तरफ से हुई फायरिंग में 50 हजार रुपये का इनामी हिस्ट्रीशीटर बदमाश महताब निवासी मोहल्ला आलकला कैराना घायल हो गया, जबकि दूसरा बदमाश खेतों में घुसकर मौके से भाग गया। मुठभेड़ के दौरान दरोगा दीपचंद हाथ में गोली लगने से घायल हुए।
दोनों घायलों को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने महताब को मृत घोषित कर दिया। महताब 2017 के बाद सहारनपुर में रह रहा था। एसपी के मुताबिक महताब मुकीम काला गैंग का सक्रिय सदस्य था। उस पर जनपद शामली, सहारनपुर व पानीपत (हरियाणा) में लूट, डकैती, हत्या व रंगदारी के करीब 47 मामले दर्ज हैं।
वह कैराना थाने का हिस्ट्रीशीटर बदमाश था, जिसका एचएस नंबर 349 ए है। महताब एक मार्च को शहर कोतवाली क्षेत्र के गांव लिसाढ़ के जंगल में थानाभवन शुगर मिल के सहायक प्रबंधक अरविंद कुमार से मोबाइल फोन व पांच हजार रुपये और हरियाणा में तैनात महिला आरक्षी ज्योति मलिक से कान के कुंडल, नाक की बाली व अंगूठी लूटने के मामले में वांछित चल रहा था।
इस मामले में डीआईजी स्तर से उस पर 50 हजार रुपये का इनाम इनाम घोषित किया गया था। एसपी का कहना है कि मौके से भागे महताब के साथी बदमाश की तलाश की जा रही है।
महताब की मौत के बाद मिले सुरागों से हथियार तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश होने की संभावना है। पुलिस को कई महत्वपूर्ण जानकारियां हाथ लगी हैं और जल्द ही गिरोह से जुड़े अन्य बदमाशों पर भी शिकंजा कसा जाएगा। - नरेंद्र प्रताप सिंह, एसपी।