यूपी: अय्याशी के लिए कमरा न देने पर गेस्ट हाउस मालिक की हत्या
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मेरठ में मेहरचंद कसाना की हत्या अय्याशी के लिए कमरा न देने पर की गई थी। पुलिस का दावा कि दो युवक एक युवती को लेकर गेस्ट हाउस में पहुंचे थे। मेहरचंद ने कमरा देने से इनकार किया तो उनमें झगड़ा हो गया। इसके बाद दोनों युवक गेस्ट हाउस से चले गए, लेकिन आधे घंटे बाद फिर आए और मेहरचंद की धारदार हथियार से हत्या कर दी।
परतापुर थाने के पास शनिवार को कसाना गेस्ट हाउस मालिक मेहरचंद कसाना की हत्या हुई थी। बताया गया था कि सन 2011 में मेहरचंद के बेटे बसपा नेता संजय गुर्जर की हत्या हुई थी। जिसमें मेहरचंद के बेटे अजय और सौरभ गुर्जर चश्मदीद गवाह हैं। आरोप था कि गवाही से रोकने के लिए कुख्यात बदन सिंह बद्दो ने मेहरचंद की शूटर द्वारा गोलियां मारकर हत्या कराई है। रविवार को पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद मामला पलट गया। खुलासा हुआ कि पीएम रिपोर्ट में गोली लगने की बात नहीं आई।
पुलिस के मुताबिक गेस्ट हाउस में घटना के दिन दो युवक एक लड़की को लेकर पहुंचे। लड़की को गेस्ट हाउस के बाहर खड़ी कर युवकों ने 11 सौ रुपये में कमरा नंबर-3 बुक किया। उसके बाद दोनों युवक लड़की को लेकर पहुंचे तो मेहरचंद ने आपत्ति जताई। जिसमें मेहरचंद और युवकों में कहासुनी हो गई। युवक भुगतने की धमकी देकर वहां से चले गए। करीब आधे घंटे बाद दोनों युवक बाइक से पहुंचे और मेहरचंद की हत्या कर दी।
कृपाण, पंच से हमला
पुलिस के मुताबिक एक युवक पर कृपाण थी और दूसरे युवक पर पंच था। दोनों युवकों ने मेहरचंद को पीटा और फिर जानलेवा हमला बोला। पुलिस ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट को देखने के बाद अनुमान लगाया कि मेहरचंद पर हमला कृपाण और पंच से हुआ है। दोनों युवक लोकल के बताए हैं। यह कहानी चश्मदीद हर्ष और विकास द्वारा बताई गई है। क्योंकि वारदात के वक्त दोनों गेस्ट हाउस में मेहरचंद के साथ थे।
पढ़ें : रिटायर्ड कैप्टन की फावड़े से काटकर हत्या, खून से लथपथ लाश देख उड़े पुलिस अफसरों के होश
थ्योरी झूठी निकली
एसपी सिटी रणविजय सिंह ने बताया है कि मुकदमे की थ्योरी झूठी है। मेहरचंद के बेटे अजय ने लिखवाया था कि गवाही से रोकने के लिए जेल में बदनसिंह बद्दो ने हत्या कराई है। इसमें पपीत बढ़ला, बबलू, उदयवीर सिंह नेक को भी नामजद कराया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद से पुलिस ने बताया कि यह कोई साजिश के तहत मर्डर नहीं हुआ।
परिवार की कुंडली खंगाली
पुलिस ने बताया कि संजय गुर्जर की हत्या के बाद परिवार में प्रॉपर्टी को लेकर भी विवाद है। संजय की पत्नी मायके चली गई थी। इसको लेकर भी पुलिस गंभीरता से जांच कर रही है। हालांकि अभी तक ऐसा विवाद सामने नहीं आया, जो कि सुलझा न जा सके। परिवार के लोगों ने भी साफ कहा कि प्रॉपर्टी को लेकर कोई भी विवाद नहीं है। परिवार एक साथ रहता है।
पुलिस पर बद्दो से सेटिंग का आरोप
मेहरचंद के बेटे अजय गुर्जर ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए। अजय का आरोप है कि बदन सिंह बद्दो से साठगांठ कर पुलिस इस हत्या की थ्योरी बदलना चाहती हैं। बकौल अजय पिता के शरीर में गोली का निशान मैने खुद देखा हैं। पोस्टमार्टम की पुलिस को वीडियोग्राफी करानी चाहिए थी। लेकिन पुलिस ने डॉक्टरों से पीएम रिपोर्ट में क्या लिखवाया, यह कौन जानता है। अजय ने कहा कि उसके पिता मेहरचंद की हत्या बद्दो ने ही शूटर भेजकर कराई है। परिवार को जान का खतरा ओर ज्यादा बना हुआ है। अजय ने बताया कि उनके पिता मेहरचंद ने कुछ दिन पहले परतापुर थाने जाकर सुरक्षा मांगी थी। बावजूद पुलिस ने सुरक्षा नहीं दी। संजय गुर्जर की हत्या में अजय और उसका भाई सौरभ चश्मदीद गवाह है। दबाव बनाने के लिए मेहरचंद की हत्या कराई है। अजय का आरोप है कि पुलिस इस केस को दूसरा रूप देना चाहती है। बिना सुबूत के पुलिस ने मुकदमे को खत्म या दूसरे रूप में करने का प्रयास किया तो वह महापंचायत करके आंदोलन की रणनीति बनाएंगे।
दो विधायक कर रहे मदद
नामजद आरोपी पपीत बढ़ला और उदयवीर सिंह भाजपा के दो विधायकों के संपर्क में है। विधायक के कहने पर ही पुलिस आरोपियों को बचाना चाहती है। संजय गुर्जर की हत्या में भी पुलिस ने ऐसा ही किया था। उसके बाद में हमने इंसाफ की खातिर कोर्ट में लंबी लड़ाई लड़ी। इंसाफ मिलने की उम्मीद है। वहीं पुलिस के मुताबिक मेहरचंद कसाना की हत्या में लोकल के आरोपी हो सकते है या फिर किसी स्कूल के छात्र है। पुलिस का दोनों पर ही फोकस है। माना जा रहा कि कसाना गेस्ट हाउस में सेक्स रैकेट चलता था। इससे पहले भी पुलिस ने यहां छापेमारी कर सेक्स रैकेट का भंडाफोड़ किया था।
शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें
https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/