यूपी: छात्राओं पर मुसीबत, कॉलेज के बाहर ऑटो चालक ने की छात्रा से छेड़छाड़, हंगामा
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राजकीय कन्या इंटर कॉलेज हापुड़ रोड पर शोहदे छात्राओं से लगातार छेड़छाड़ कर रहे हैं। शनिवार सुबह कॉलेज जा रही एक छात्रा से ऑटो चालक ने छेड़छाड़ की। छात्रा ने भागकर जान बचाई तो उसने ऑटो से टक्कर मार दी। इससे छात्रा को फ्रैक्चर हो गया। चोट लग गई। घटना के बाद एसपी सिटी के निर्देश पर पुलिस ने छेड़छाड़ करने वालों के खिलाफ अभियान चलाया।
लिसाड़ीगेट क्षेत्र निवासी किशोरी हापुड़ रोड स्थित राजकीय कन्या इंटर कॉलेज में दसवीं की छात्रा है। शनिवार सुबह छात्रा जब कॉलेज के सामने पहुंची तो एक ऑटो चालक उसे रोककर परेशान करने लगा। उसने बचने का प्रयास किया तो आरोपी ने ऑटो से उसे टक्कर मार दी। इससे इससे छात्रा सड़क पर गिर पड़ी। लोगों ने शोर मचाते हुए आरोपी चालक का पीछा किया, लेकिन वह ऑटो समेत फरार हो गया।
सूचना पर छात्रा के परिजन मौके पर पहुंचे। उन्होंने कार्रवाई की मांग को लेकर हंगामा कर दिया। मौके पर पहुंची पुलिस ने परिजनों को शांत कराकर छात्रा को अस्पताल भिजवाया। परिजनों बताया कि छात्रा की गर्दन के पास की हड्डी में फ्रैक्चर आ गया है।
वहीं घटना के बाद लिसाड़ीगेट पुलिस ने एक धार्मिक स्थल के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज भी देखी। छात्रा के परिजनों ने लिसाड़ीगेट थाने में तहरीर दी है। पुलिस ने आरोपी की तलाश की, लेकिन वह हत्थे नहीं चढ़ा। सीओ कोतवाली दिनेश शुक्ला का कहना है कि जांच में सामने आया कि मामला छेड़छाड़ का नहीं है। ऑटो से छात्रा को टक्कर लगी है। तहरीर के आधार पर पुलिस कार्रवाई कर रही है।
छेड़छाड़ की घटना के बाद एसपी सिटी रणविजय सिंह ने जाकिर कालोनी चौकी इंचार्ज को जमकर फटकार लगाई। वहीं इंस्पेक्टर लिसाड़ीगेट को भी कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। एसपी सिटी खुद मौके पर पहुंचे और जानकारी ली। छुट्टी के समय सीओ कोतवाली भी पहुंचे। मौके पर यूपी 100 की बाइक, फैंटम सिपाही भी तैनात रहे। सीओ का कहना है कि अभियान चलाया गया है। तीन युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
छेड़छाड़ से परेशान छात्राएं
जीजीआईसी पर दसवीं की छात्रा से छेड़छाड़ की यह पहली घटना नहीं है। बृहस्पतिवार को आधा दर्जन छात्राओं ने प्रधानाचार्य से छेड़छाड़ की शिकायत की थी। उन्होंने कहा था कि कॉलेज के बाहर मनचले उन्हें परेशान करते हैं। कोई अश्लील टिप्पणी करता है तो कोई घर तक पीछा। वहीं छात्राओं के परिजनों ने पुलिस से शिकायत कर आरोपी युवकों पर कार्रवाई की मांग की थी। जब छात्राओं ने पढ़ाई छोड़ने की बात कही तो पुलिस हरकत में आई। सीओ कोतवाली दिनेश शुक्ला ने लिसाड़ीगेट पुलिस के साथ मनचलों के खिलाफ अभियान चलाया। 12 संदिग्ध युवकों को पकड़कर थाने भेजा था। पूछताछ के बाद उन्हें छोड़ दिया गया। उधर आदर्श सेवा समिति के अध्यक्ष अनस चौधरी के नेतृत्व में लोगों ने जाकिर कॉलोनी चौकी पर धरना देते हुए मनचलों पर कार्रवाई की मांग की।
छात्रा से घर में घुसकर दुष्कर्म करने की कोशिश, तेजाब डालने की भी दी धमकी
गंगानगर थाना क्षेत्र में घर में घुसकर पड़ोसी युवक ने छात्रा से दुष्कर्म का प्रयास किया। पीड़िता ने थाने में शिकायत की, लेकिन पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। अब आरोपी शिकायत वापस नहीं लेने पर छात्रा को तेजाब डालने की धमकी दे रहा है।
शनिवार को एसएसपी ऑफिस पहुंची दिव्यांग पीड़िता ने बताया कि वह बीकॉम की छात्रा है। उसका आरोप है कि 12 दिसंबर को वह घर पर अकेली थी। इस बीच पड़ोसी युवक घर में घुस गया। उसने अश्लील हरकतें कीं। विरोध करने पर पीटा और दुष्कर्म का प्रयास किया। शोर मचाने पर पड़ोस के अन्य लोग आ गए तो आरोपी धमकी देकर भाग गया। पीड़िता ने घटना की जानकारी परिजनों को दी। उन्होंने आरोपी के खिलाफ गंगानगर थाने में तहरीर दी। लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। आरोप है कि पुलिस ने समझौते केलिए दबाव बनाया।
वहीं आरोपी ने धमकी दी कि यदि थाने से शिकायत वापस नहीं ली तो वह तेजाब डाल देगा। धमकी से परेशान छात्रा कॉलेज भी नहीं जा पा रही है। उसने सुरक्षा की मांग की है। एसएसपी ऑफिस पर शिकायत सुन रहे एसपी ट्रैफिक संजीव वाजपेयी ने इंस्पेक्टर गंगानगर को जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
स्पेशल जज (पॉक्सो एक्ट) एवं एडीजे-8 रत्नेशमणि त्रिपाठी ने बालिका से छेड़छाड़ और पॉक्सो एक्ट का दोषी पाते हुए उसके चाचा को पांच साल की कैद और दस हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। अभियोजन पक्ष के अनुसार जिला बिजनौर के नगीना देहात थाना क्षेत्र के निवासी एक व्यक्ति ने मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें बताया गया कि उसका तहेरा भाई मेरठ के दौराला थाना क्षेत्र के एक आश्रम में नौकरी करता था। जो उसकी नाबालिग बेटी को पढ़ाने लिखाने की बात कहकर अपने साथ ले गया था।
परिवार ने 15 अप्रैल 2016 को बालिका को उसके चाचा के साथ मेरठ भेज दिया। करीब 10 दिनों बाद 26 अप्रैल को चाचा बालिका को उसके परिजनों से मिलवाने के लिए लाया तो बालिका डरी व सहमी हुई थी। पूछने पर बालिका ने बताया कि वह चाचा के साथ आश्रम नहीं जाएगी क्योंकि उसका चाचा उसके साथ गलत हरकत करता है। अभियोजन पक्ष के अनुसार आईजी मुरादाबाद के आदेश से यह मुकदमा मेरठ रेंज को ट्रांसफर किया गया था। जिसकी विवेचना थाना दौराला पुलिस ने की थी।
विवेचक ने आरोपी चाचा के खिलाफ दुष्कर्म व पॉक्सो एक्ट के तहत आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। जिसकी सुनवाई स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट एवं एडीजे-8 रत्नेशमणि त्रिपाठी की अदालत ने की। सरकारी वकील रियासत हुसैन ने पीड़िता व वादी सहित छह गवाह पेश किए। जिनके बयानों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी चाचा को छेड़छाड़ का दोषी मानते हुए सजा सुनाई।
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