यूपी: मेरठ शहर के 125 अवैध होटलों व नर्सिंग होम्स पर कार्रवाई की तैयारी में प्रशासन
होटलों का हाल
- होटलों के पास नहीं है अग्निशमन, एमडीए, पर्यटन आदि विभागों की एनओसी।
- अधिकांश जीएसटी के तहत भी नहीं हैं पंजीकृत, थानाध्यक्षों से बनवाई है सूची।
- कार्रवाई से बचने के लिए एडीएम सिटी कार्यालय के चक्कर काट रहे होटल संचालक।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
शहर के करीब 125 अवैध होटलों पर प्रशासन की नजर टेढ़ी हो गई है। अधिकांश होटल संबंधित विभागों की एनओसी के बगैर संचालित हो रहे हैं। शासन के निर्देश पर प्रशासन ने तीन माह पहले नोटिस जारी किया, लेकिन इसका होटल संचालकों ने आज तक जवाब नहीं दिया। ऐसे में इन होटलों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की तैयारी प्रशासन की तरफ से हो रही है। किसी भी कार्रवाई से बचने के लिए होटल संचालकों ने एडीएम सिटी कार्यालय के चक्कर काटने शुरू कर दिए हैं।
ये है पूरा मामला
होटल संचालन के लिए सिर्फ सराय एक्ट के तहत पंजीकरण जरूरी नहीं है। बल्कि अग्निशमन विभाग, एमडीए द्वारा एनओसी, पर्यटन विभाग द्वारा जारी प्रमाण पत्र, जीएसटी व अन्य कर संबंधी पंजीकरण पत्र भी जरूरी हैं। लेकिन शहर के अधिकांश होटल संचालक, जो अपने होटल में कमरे किराए पर देते हैं, उन्होंने सराय एक्ट के तहत तो पंजीकरण करा लिया, लेकिन अन्य विभागों से एनओसी नहीं ली। इस मामले की शिकायत शासन तक पहुंची।
शासन के निर्देश पर करीब तीन माह पहले अपर जिलाधिकारी नगर ने सभी एसीएम से अपने-अपने क्षेत्र के थानाध्यक्षों के माध्यम से होटलों की सूची तैयार कराई। इसके बाद ऐसे होटलों को नोटिस जारी किए गए। नोटिस में होटल संचालकों से सभी एनओसी और प्रमाण पत्र के अलावा होटल के कमरों को किराए पर दिए जाने वाला रजिस्टर और अन्य अभिलेख मांगे गए थे। लेकिन होटल संचालक इन्हें प्रस्तुत नहीं कर पाए।
अधिकांश होटलों के एमडीए से नक्शे स्वीकृत नहीं हैं। नक्शा नहीं होने के कारण अग्निशमन विभाग उन्हें एनओसी जारी नहीं कर रहा है। ऐसे में सबसे जरूरी बिंदु पर ही होटल संचालक फेल हैं। जिस कारण तमाम होटल अवैध की श्रेणी में आ चुके हैं।
नर्सिंग होम की भी यही स्थिति
शहर के नर्सिंग होम की भी यही स्थिति है। उनके भी नक्शे स्वीकृत नहीं होने से अग्निशमन विभाग की एनओसी नहीं है। इस कारण शहर के अधिकांश नर्सिंग होम भी अवैध की श्रेणी में हैं। इनके खिलाफ भी प्रशासन ने नोटिस जारी करने की तैयारी शुरू कर दी है।
नोटिस दिए थे
होटल संचालकों को नोटिस जारी कराए गए थे, जिसकी रिपोर्ट संबंधित अपर नगर मजिस्ट्रेट देंगे। यदि होटल संचालक जरूरी प्रमाण पत्र नहीं दिखा पाते हैं तो कार्रवाई तय की जाएगी। - मुकेश चंद्र, अपर जिलाधिकारी नगर
कर रहे उत्पीड़न
ये नोटिस जिन होटलों में कमरे हैं या रुकने की व्यवस्था है, उनको जारी किए गए हैं। अग्निशमन से एनओसी के लिए सभी ने आवेदन किया हुआ है। अनावश्यक रूप से परेशान करने की नीयत से एनओसी नहीं दी जा रही है। एक तरफ जहां होटल व्यवसाय को बढ़ावा देने की बात की जाती है, वहीं इस तरीके से अव्यवहारिक नियमों के तहत होटल मालिकों का उत्पीड़न किया जा रहा है। - विपुल सिंघल, महामंत्री मेरठ मंडप एसोसिएशन