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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   UP: 2027 elections will prove to be the litmus test, know what is the meaning of KC Tyagi joining RLD

UP: 2027 के चुनाव साबित होंगे अग्निपरीक्षा, जानें क्या हैं रालोद में केसी त्यागी के शामिल होने के मायने

Thu, 26 Mar 2026 12:57 AM IST
Mohd Mustakim राजकुमार सैनी, मेरठ
राजकुमार सैनी, मेरठ Published by: Mohd Mustakim Updated Thu, 26 Mar 2026 12:57 AM IST
सार

Meerut News: यूपी में 2027 के चुनाव को देखते हुए वेस्ट की कुछ सीटों पर केसी त्यागी की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है। टीवी चैनलों पर जेडीयू का चेहरा रहे केसी त्यागी, अब रालोद के लिए भी वही भूमिका निभाते हुए दिख सकते हैं। 

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UP: 2027 elections will prove to be the litmus test, know what is the meaning of KC Tyagi joining RLD
दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में जयंत सिंह और केसी त्यागी। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पश्चिम उत्तर प्रदेश की सियासत में नित नए आयाम गढ़े जा रहे हैं। अनुभवी रणनीतिकार और प्रखर वक्ता केसी त्यागी के राष्ट्रीय लोकदल में शामिल होते ही राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। यह सिर्फ एक नेता की एंट्री नहीं बल्कि आने वाले चुनावी समीकरणों की आहट भी मानी जा रही है। रालोद कार्यकर्ता इसे पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बता रहे हैं।
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केसी त्यागी का राजनीतिक इतिहास बताता है कि तमाम हार-जीत के बावजूद लगातार प्रयास और अनुभव के बल पर राजनीति में अपनी मजबूत उपस्थिति बनाए रखी। गाजियाबाद के मोरटा गांव में किसान परिवार में जन्मे केसी त्यागी ने छात्र राजनीति से लोकसभा और राज्यसभा तक का सफर तय किया है। उन्होंने समाजवादी आंदोलन से राजनीति शुरू की और जनता दल व जनता दल (यूनाइटेड) के प्रमुख प्रवक्ता रहे।
 
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त्यागी 1989-1991 तक हापुड़ लोकसभा सीट से सांसद रहे। इसके बाद 2013 से 2016 तक बिहार से राज्यसभा सांसद चुने गए। सभी राजनीतिक दल उन्हें अच्छा विश्लेषक और रणनीतिकार मानते हैं। इमरजेंसी के दौरान संजय गांधी के खिलाफ आवाज उठाने वाले नेताओं में उनका नाम शामिल है। केसी त्यागी ने कहा है कि वे रालोद मुखिया जयंत सिंह को चौ. चरण सिंह के रूप में देखना चाहते हैं। वे बगैर किसी शर्त के रालोद में काम करने का संकल्प ले चुके हैं।
 
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रालोद में त्यागी की एंट्री के मायने
केसी त्यागी के रालोद में शामिल होने को लेकर कई तरह की अटकलें हैं। कुछ का मानना है कि वे अपने बेटे अमरीश को राजनीति में आगे बढ़ाने के लिए आए हैं। कुछ अन्य मानते हैं कि उन्हें रालोद से राज्यसभा सीट मिल सकती है। हालांकि, पार्टी सूत्र बताते हैं कि रालोद मुखिया राज्यसभा सीट के लिए राष्ट्रीय महासचिव त्रिलोक त्यागी को प्राथमिकता दे सकते हैं। रालोद उन्हें कुशल प्रवक्ता और त्यागी समाज को पार्टी से जोड़ने की जिम्मेदारी दे सकती है।
 

त्यागी समाज की नाराजगी और रालोद का प्रयास
रालोद ने हाल के समय में त्यागी समाज को साधने के प्रयास तेज किए हैं। 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान भाजपा से नाराजगी के संकेत मिले थे, जिसे भुनाने की कोशिश रालोद कर रही है। मेरठ में अनिकेत भारद्वाज को जिलाध्यक्ष बनाने के बाद अब केसी त्यागी को शामिल करना इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
 

अमरीश त्यागी की दावेदारी से सुगबुगाहट
केसी त्यागी के बेटे अमरीश त्यागी की किठौर और सिवालखास विधानसभा सीट से टिकट की दावेदारी की चर्चा है। इससे खासकर भाजपा के कई त्यागी दावेदारों के माथे पर पसीना आ गया है। किठौर सीट पर पूर्व विधायक सत्यवीर त्यागी, अश्वनी त्यागी, संजय त्यागी, अजय त्यागी और ऋषि त्यागी भाजपा से टिकट मांग रहे हैं। अमरीश की दावेदारी से इन नेताओं को सोचने पर मजबूर होना पड़ रहा है। अमरीश त्यागी ने कहा है कि रालोद मुखिया जो भी जिम्मेदारी देंगे, वे उसे निभाएंगे। उनका उद्देश्य चौ. चरण सिंह की विचारधारा को आगे बढ़ाना है।
 

नौ विधायकों के सहारे रालोद
वर्तमान में उत्तर प्रदेश में रालोद के नौ विधायक हैं, जिनमें थाना भवन, शामली, बुढ़ाना, पुरकाजी, मीरापुर, खतौली, छपरौली, सिवालखास और सादाबाद सीटें शामिल हैं। आने वाले 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक समीकरण तेजी से बदल रहे हैं। गठबंधन की राजनीति के इस दौर में यह देखना दिलचस्प होगा कि रालोद केसी त्यागी को संगठन, संसद या चुनावी मैदान में किस भूमिका में उतारती है और इसका असर पश्चिम यूपी की राजनीति पर कितना पड़ता है।
 

ये बोले पुत्र...
रालोद मुखिया से किसी पद या टिकट के लिए किसी तरह की कोई बात नहीं हुई है। टिकट के लिए लोग केवल कयास लगा रहे हैं। वैसे भी हम एनडीए में शामिल हैं। 2022 से पहले मैं भाजपा में शामिल हुआ था। अब रालोद मुखिया जो भी जिम्मेदारी देंगे उसे निभाने का प्रयास करेंगे। चाैधरी चरण सिंह की विचारधारा को आगे बढ़ाते हुए पार्टी को मजबूत करेंगे।
- अमरीश त्यागी, रालोद नेता, केसी त्यागी के पुत्र।
 
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