उज्ज्वला योजना: लकड़ी जलाकर चूल्हे पर पका रहीं भोजन, उपभोक्ता नहीं भरवा रहे गैस सिलिंडर
- उज्ज्वला गैस कनेक्शन लेने वाले शत प्रतिशत उपभोक्ता नहीं भरवा रहे सिलिंडर
- 213241 उपभोक्ता उज्ज्वला गैस कनेक्शन वाले जनपद में
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दरअसल, सहारनपुर जिले में शहर और देहात को मिलाकर 54 गैस एजेंसियां हैं। इनसे उज्ज्वला गैस योजना के तहत 2,13,241 महिलाओं को गैस कनेक्शन वितरित किए गए थे। योजना की शुरूआत में सिलिंडर भरवाने की स्थिति ठीक थी, लेकिन अब वह बदल गई थी। सहारनपुर शहर के ही कई गैस एजेंसी संचालकों से बात की तो, यही स्थिति सामने आई कि 60 से 65 प्रतिशत लोग ही सिलिंडर भरवा रहे हैं।
गौरव गैस एजेंसी संचालक विनोद तेजियान ने बताया कि उनके यहां करीब 1500 उज्ज्वला गैस कनेक्शन धारक हैं, उनमें 60 प्रतिशत लोग ही गैस सिलिंडर भरवा रहे हैं। दो महीने में एक बार गैस लेते हैं। सुपर स्टार गैस सर्विस बेहट रोड के संचालक विनोद वर्मा ने बताया कि 3500 कनेक्शन उज्ज्वला योजना के हैं।
इनको 60 प्रतिशत ही गैस भरवा रहे हैं, कम गैस भरवाने की वजह फ्री में मिलने वाला ईंधन है, जो लकड़ी के रूप में उपलब्ध हो जाता है। सहारनपुर इंडेन गैस एजेंसी संचालक सतेंद्र सिंह ने बताया कि एक हजार उज्ज्वला गैस कनेक्शन उनकी एजेंसी से जुड़े हैं। अधिकांश लोग सिलिंडर भरवा रहे हैं।
उपभोक्ताओं की पीड़ा
- गांव मीरपुर मोहनपुर निवासी नसीमा पत्नी सुलेमान ने बताया कि गैस कनेक्शन तो है, लेकिन आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं है कि हर महीने सिलिंडर भरवा सकें। गंगोह क्षेत्र के गांव गांधीनगर की रहने वाली बाला देवी का भी कहना है कि हर महीने सिलिंडर भरवा सकें, इतनी आमदनी हमारी नहीं है।
गांव खेड़ा मुगल की रहने वाली संगीता पत्नी सुरेंद्र और नरमा पत्नी अतर सिंह का कहना है कि गैस महंगी होने के कारण सिलिंडर भरवा नहीं पा रहे हैं।
जिला पूर्ति अधिकारी सतीश कुमार मिश्र का कहना है कि उज्ज्वला गैस कनेक्शन वाले उपभोक्ता अपनी जरूरत के मुताबिक ही सिलिंडर भरवा रहे हैं। उन्होंने बताया कि लॉकडाउन में यह योजना गरीबों के लिए बहुत मददगार रही, क्योंकि तीन महीने तक फ्री सिलिंडर दिया गया।