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दो हजार छात्रों ने भर दिया डिग्री का गलत पता, वापस आईं
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दो हजार छात्रों ने भर दिया डिग्री का गलत पता, वापस आईं
मेरठ। सीसीएसयू की तरफ से लगातार प्राइवेट छात्र-छात्राओं की डिग्री कोरियर से घर पहुंचाई जा रही है। दो हजार के करीब छात्र-छात्राओं ने फार्म में गलत पता भर दिया है। इस कारण ऐसे छात्रों की डिग्री वापस आ गई है।
सीसीएसयू से हर साल दो लाख के करीब छात्र-छात्राएं यूजी-पीजी में डिग्री लेते हैं। रेग्युलर छात्रों की डिग्री तो विवि हर साल कॉलेज में भेजता रहा है, लेकिन प्राइवेट में दिक्कत आ रही है। कुलपति प्रो. एनके तनेजा ने समस्या को खत्म करने के लिए डिग्री घर भिजवाने के निर्देश दिए थे। विवि की तरफ से 2017 की सारी डिग्री प्राइवेट विद्यार्थियों के भरे पते पर भिजवाई जा चुकी हैं। 2018 की डिग्री डाटा गलत प्रिंट होने के कारण नहीं जा सकी हैं। 2019 की डिग्री कोरियर से घर भेजी जा रही हैं।
विवि प्रशासन की तरफ से डिग्री को लेकर पूरी मॉनीटरिंग की जा रही है। लॉकडाउन में भी छात्र-छात्राओं की डिग्री घर पहुंचाई गई है। वहीं, दो हजार छात्रों ने परीक्षा फार्म में पूरा पता ही नहीं दिया। इस कारण ऐसे छात्रों की डिग्री वापस विवि आ गई हैं।
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बता दें कि संस्थागत में राजकीय और एडेड कॉलेजों की डिग्री कॉलेज में भेजी जा रही है, जबकि प्राइवेट और सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों की डिग्री कोरियर से भेजी जा रही हैं। विवि की इस व्यवस्था से छात्र-छात्राओं को बड़ा लाभ मिल रहा है।
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मेरठ। सीसीएसयू की तरफ से लगातार प्राइवेट छात्र-छात्राओं की डिग्री कोरियर से घर पहुंचाई जा रही है। दो हजार के करीब छात्र-छात्राओं ने फार्म में गलत पता भर दिया है। इस कारण ऐसे छात्रों की डिग्री वापस आ गई है।
सीसीएसयू से हर साल दो लाख के करीब छात्र-छात्राएं यूजी-पीजी में डिग्री लेते हैं। रेग्युलर छात्रों की डिग्री तो विवि हर साल कॉलेज में भेजता रहा है, लेकिन प्राइवेट में दिक्कत आ रही है। कुलपति प्रो. एनके तनेजा ने समस्या को खत्म करने के लिए डिग्री घर भिजवाने के निर्देश दिए थे। विवि की तरफ से 2017 की सारी डिग्री प्राइवेट विद्यार्थियों के भरे पते पर भिजवाई जा चुकी हैं। 2018 की डिग्री डाटा गलत प्रिंट होने के कारण नहीं जा सकी हैं। 2019 की डिग्री कोरियर से घर भेजी जा रही हैं।
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विवि प्रशासन की तरफ से डिग्री को लेकर पूरी मॉनीटरिंग की जा रही है। लॉकडाउन में भी छात्र-छात्राओं की डिग्री घर पहुंचाई गई है। वहीं, दो हजार छात्रों ने परीक्षा फार्म में पूरा पता ही नहीं दिया। इस कारण ऐसे छात्रों की डिग्री वापस विवि आ गई हैं।
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बता दें कि संस्थागत में राजकीय और एडेड कॉलेजों की डिग्री कॉलेज में भेजी जा रही है, जबकि प्राइवेट और सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों की डिग्री कोरियर से भेजी जा रही हैं। विवि की इस व्यवस्था से छात्र-छात्राओं को बड़ा लाभ मिल रहा है।