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Meerut News: मनसा देवी मंदिर परिसर में करंट दो बंदरों की मौत
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संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। थाना मेडिकल क्षेत्र के मनसा देवी मंदिर परिसर में मंगलवार दोपहर दो बंदरों की करंट लगने से मौत हो गई। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों ने वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।
स्थानीय लोगों ने छात्र नेता विनीत चपराना को इसकी सूचना दी। विनीत ने मौके पर पहुंचकर नगर निगम के स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अमर सिंह और जिला वन अधिकारी वंदना फोगाट को घटना से अवगत कराया। बाद में वन विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने स्थानीय लोगों के सहयोग से मृत बंदरों को साकेत स्थित वन विभाग के कार्यालय ले गए। स्थानीय लोगों का आरोप है कि वन विभाग के कर्मचारी समय पर नहीं पहुंचे। उनका कहना है कि यदि समय पर कार्रवाई होती तो शायद इन बेजुबान जानवरों की जान बचाई जा सकती थी।
वन विभाग पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों ने बताया कि घटना के बाद पुलिस को भी सूचना दी गई थी। नगर निगम को भी जानकारी दी गई, लेकिन वन विभाग के कर्मचारी देरी से पहुंचे। जिला वन अधिकारी वंदना फोगाट ने कहा कि सूचना मिलने पर विभाग के कर्मचारी भेज दिए गए थे। उन्होंने बताया कि बंदरों को कार्यालय ले जाया गया, लेकिन करंट लगने से उनकी मृत्यु हो चुकी थी। कानूनी कार्यवाही के बाद उनको दफना दिया गया है।
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मेरठ। थाना मेडिकल क्षेत्र के मनसा देवी मंदिर परिसर में मंगलवार दोपहर दो बंदरों की करंट लगने से मौत हो गई। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों ने वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।
स्थानीय लोगों ने छात्र नेता विनीत चपराना को इसकी सूचना दी। विनीत ने मौके पर पहुंचकर नगर निगम के स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अमर सिंह और जिला वन अधिकारी वंदना फोगाट को घटना से अवगत कराया। बाद में वन विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने स्थानीय लोगों के सहयोग से मृत बंदरों को साकेत स्थित वन विभाग के कार्यालय ले गए। स्थानीय लोगों का आरोप है कि वन विभाग के कर्मचारी समय पर नहीं पहुंचे। उनका कहना है कि यदि समय पर कार्रवाई होती तो शायद इन बेजुबान जानवरों की जान बचाई जा सकती थी।
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वन विभाग पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों ने बताया कि घटना के बाद पुलिस को भी सूचना दी गई थी। नगर निगम को भी जानकारी दी गई, लेकिन वन विभाग के कर्मचारी देरी से पहुंचे। जिला वन अधिकारी वंदना फोगाट ने कहा कि सूचना मिलने पर विभाग के कर्मचारी भेज दिए गए थे। उन्होंने बताया कि बंदरों को कार्यालय ले जाया गया, लेकिन करंट लगने से उनकी मृत्यु हो चुकी थी। कानूनी कार्यवाही के बाद उनको दफना दिया गया है।
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