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लुका छिपी के खेल में संदूक में छिपे बच्चे, कुंडी खोली तो उड़ गए परिजनों के होश
यूपी अमर उजाला ब्यूरो, बिजनौर
Updated Fri, 18 May 2018 09:16 PM IST
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फाइल फोटो
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स्कूल से छुट्टी होने के बाद बच्चे लुका छिपी का खेल- खेलने लगे। खेल- खेल में बच्चे संदूक में जा छिपे, इसके बाद परिजनों ने काफी ढूंढा मगर नहीं मिले। जैसे ही परिजनों ने संदूक की कुंडी खोली तो पैरों तले जमीन खिसक गई।
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घटना उत्तर प्रदेश के बिजनौर जनपद की है। हल्दौर थाना क्षेत्र के गांव पिलाना में लुकाछिपी के खेल के दौरान एक संदूक में जा छिपे दो बच्चों की दम घुटने से मौत हो गई। दोनों बच्चे घेर में रखे एक पुराने संदूक में छिपकर बैठ गए थे, इस दौरान संदूक का कुंडा बंद हो गया और वह बाहर नहीं निकल पाए। ढूंढने के दौरान संदूक को खोलकर देखा तो दोनों मासूम बेहोश मिले। परिजन उन्हें लेकर बिजनौर के एक निजी अस्पताल में पहुंचे, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।
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यह हादसा हीमपुर दीपा थाना क्षेत्र के गांव पिलाना में हुआ और मरने वाले बच्चों में एक साढ़े छह साल अथर्व पुत्र रामवीर त्यागी और दूसरा मानव प्रजापति पुत्र महेंद्र प्रजापति था। अथर्व गांव के प्राइमरी स्कूल में कक्षा दो में और मानव गायत्री विद्या पब्लिक स्कूल में नर्सरी में पढ़ता था। बृहस्पतिवार को स्कूलों की छुट्टी होने के बाद दोनों अपने घर पहुंचे। कुछ देर बाद परिजनों से खेलने को कहकर घर से निकल गए। दोनों गांव के कुछ बच्चों के साथ लुकाछिपी का खेल खेल रहे थे और खेलते-खेलते एक व्यक्ति के घेर में रखे पुराने संदूक के छिपकर बैठ गए। दोनों बच्चो के घर नहीं पहुंचने पर परिजन चिंतित हो गए। परिजनों ने दोनों की तलाश की पर उनका कोई पता नहीं चला। परिजनों की घेर में रखे पुराने संदूक पर नजर गई, संदूक खोलकर देखा तो दोनों बच्चे बेहोश पड़ थे। रामवीर त्यागी अपने पुत्र को लेकर बिजनौर पहुंचा और एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। महेंद्र सिंह अपने पुत्र मानव को उपचार के लिए चांदपुर ले गए। मानव को गंभीर हालात में बिजनौर भेज दिया गया। दोनों मासूम बच्चों की बिजनौर के निजी अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई।
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