ट्रिपल मर्डर केस: हर तारीख पर इंसाफ का इंतजार, रुलाता है वो दिन
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23 मई, 2008 का मामला है। बागपत के बालैनी गांव के जंगल में हिंडन नदी के किनारे एक कार में तीन युवकों की लाश मिली। जोकि मेरठ कॉलेज के छात्र सुनील ढाका निवासी जागृति विहार, पुनीत गिरि निवासी परीक्षितगढ़ रोड और सुधीर उज्जवल निवासी सिरसली बागपत की थीं। 24 मई को सनसनीखेज खुलासा हुआ कि इन तीन युवकों की हत्या कोतवाली मेरठ के गुदड़ी बाजार में हाजी इजलाल के घर पर हुई थी। पुलिस के अनुसार हाजी इजलाल ने एक महिला के चक्कर में हुए विवाद के चलते अपने साथियों के साथ इस तिहरे हत्याकांड को बड़ी नृशंसता के साथ अंजाम दिया था। मामला दो समुदाय से जुड़ा होने पर शहर में आक्रोश के साथ माहौल तनावपूर्ण हो गया था। हत्याकांड के विरोध में शहर के बाजार बंद रहे। पुलिस ने हाजी इजलाल व उसके चारों भाइयों को जेल भेजा था।
पुलिस का भी हुआ था इम्तिहान
मेरठ में चौतरफा हाहाकार मचा हुआ था। छात्र और गैर-राजनीतिक संगठनों ने ऐलान किया कि वे कातिलों को नहीं छोड़ेंगे। हत्यारोपी हाजी इजलाल मीट व्यापारी होने के साथ रसूख वाला था। उसने पुलिस को खरीदने का खूब प्रयास किया। सुबूत तक खत्म कराकर केस को कमजोर करने की कोशिशें कीं। इस चर्चित हत्याकांड की चार्जशीट दाखिल होने तक पुलिस का इम्तिहान चला। कोतवाली पुलिस की भूमिका संदिग्ध होने के आरोप लगने पर विवेचना सदर बाजार थाने के इंस्पेक्टर डीके बालियान को सौंपी गई थी। इंस्पेक्टर ने हाजी इजलाल, परवेज, अफजाल, मेहराज, इसरार, कल्लू उर्फ कलुवा, इजहार, मुन्नू ड्राइवर उर्फ देवेंद्र आहूजा, वसीम, रिजवान, बदरुद्दीन, शम्मी और माजिद के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। हत्याकांड को साबित करने के लिए कुल 37 गवाहों के नाम दिए गए।
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सरकारी वकील देवकीनंदन शर्मा ने बताया कि यह मुकदमा वर्तमान में विशेष न्यायाधीश (गैंगेस्टर एक्ट) की अदालत में विचाराधीन है। छह आरोपी जेल में हैं। चश्मदीदों की गवाही हो चुकी है। 13 आरोपियों के खिलाफ धारा बलवा, अपहरण, हत्या, साक्ष्य मिटाने संबंधी संगीन धाराओं के अलावा 3/2 गैंगेस्टर एक्ट के तहत थाना कोतवाली में मुकदमा दर्ज है। पीड़ित पक्ष के एडवोकेट प्रमोद त्यागी ने बताया कि इस मुकदमे में सीओ समेत चार पुलिस वालों की गवाही होनी बाकी है, जोकि जल्द ही हो जाएगी। ऐसे में जल्द इंसाफ मिलने की उम्मीद है। इन धाराओं में उम्रकैद से लेकर फांसी तक की सजा का प्रावधान है।
दो आरोपी आज तक गिरफ्तार नहीं, छह जेल में
तिहरे हत्याकांड में शामिल दो आरोपी शम्मी और माजिद को पुलिस आज तक गिरफ्तार नहीं कर पाई। छह आरोपियों हाजी इजलाल, अफजाल, अब्दुल रहमान उर्फ कलुवा, इजहार, इसरार और मुन्नू जेल में हैं। परवेज, वसीम, रिजवान, मेहराज और बदरुद्दीन जमानत पर जेल से बाहर हैं।
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