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Meerut News: वन्य जीवों का शिकार करने के लिए जगह-जगह लगा रखे हैं जाल
Sun, 28 Jan 2024 02:37 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
Updated Sun, 28 Jan 2024 02:37 AM IST
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बड़ौत/ बिनौली। बिनौली क्षेत्र में वन विभाग की ढीली कार्यशैली के चलते शिकारी सक्रिय हो गए हैं। उन्होंने वन्य जीवों का शिकार करने के लिए जगह-जगह जाल लगा रखे हैं।
अमर उजाला ने तीन दिन पहले भी बिनौली क्षेत्र में शिकारियों के होने की खबर प्रकाशित की थी, लेकिन इसके बाद भी वन विभाग के अफसरों की नींद नहीं टूट रही है। शनिवार को जिस जाल में तेंदुआ शाहपुर बाणगंगा गांव के जंगल में फंसा मिला, वह गाजियाबाद निवासी विपुल शर्मा का खेत था। खेत को गांव के पंडित अशोक ने ठेके पर ले रखा। ग्रामीणों ने बताया कि खेत की बाउंड्री में लगाए जाल में शिकारियों ने बाइक की रेस के तार का फंदा लगा रखा था। जिसमे तेंदुआ फंस गया। इतना ही नहीं जिस जगह तेंदुआ फंसा हुआ था, वहां से थोड़ी ही दूर एक और जाल लगाया हुआ था।
बरनावा से मंगवाया गया कटर, कैंची और बेहोश करने वाला इंजेक्शन
बड़ौत/ बिनौली। शाहपुर बाणगंगा गांव के जंगल में विपुल शर्मा के खेत में शिकारियों द्वारा लगाए गए जाल में तेंदुए के फंसने की सूचना पर विभाग विभाग के कर्मचारी व अधिकारी खाली हाथ दौड़ पड़े। उनके पास न गन थी और न ही जाल का काटने के लिए कोई इंतजाम। सुबह तीन बजे से जाल में फंसा तेदुआ निकलने के चक्कर में पूरी तरह से लहूलुहान हो गया था। बाद में बरनावा गांव से जाल को काटने के लिए कटर, कैंची मंगवाई गई। साथ ही तेंदुए को बेहोश करने के लिए इंजेक्शन भी मंगवाया गया। जिसके बाद तेंदुए को बेहोश किया गया। तेंदुए के बेहोश होने के दस मिनट के अंदर लोेहे का जाल काटकर तेंदुए को निकाला गया, फिर उसके ऊपर जाल गिराया गया और बाद में गाड़ी में लगे पिंजर में कैद कर लिया गया, तब जाकर वन विभाग के कर्मचारियों ने राहत की सांस ली।
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- दूरदराज से तेंदुएं को देखने पहुंचे ग्रामीण
बड़ौत। शाहपुर बाणगंगा गांव के जंगल में तेंदुए के जाल में फंसने की सूचना पर दादरी, बरनावा, बिनौली, रंछाड़, मांगरौली, शाहपुर बाणगंगा समेत अन्य गांवों से महिलाएं, युवतियां, बच्चें व बुजुर्ग पहुंचे, हालांकि वन विभाग के कर्मचारियों में मोहित कुमार, मनोज, संजय व स्थानीय पुलिस कर्मियों ने उन्हें दूर ही रखा।
- 40 किलो वजनी है नर तेंदुआ
बड़ौत/ बिनौली। पशु चिकित्साधिकारी बड़ौत आशुतोष गुप्ता ने बताया कि जाल में फंसा तेंदुआ नर है। उसका वजन 40 किलो के करीब है। उन्होंने बताया कि वह तकरीबन 20 घंटों से भूखा था। किसी शिकार का पीछा करने के चक्कर में तेंदुआ जाल में फंस गया। उधर शिकारियों को पकड़ने के लिए वन विभाग रणनीति तैयार रहा है।
- कानपुर से भी पहुंची टीम
बड़ौत/बिनौली। शिकारियों के जाल में फंसकर तेंदुआ जख्मी हो गया था, उसके उपचार के लिए स्थानीय पशु पालन विभाग के अफसरों के अलावा वाइल्ड लाइफ मेरठ व कानपुर से टीम बुलाई गई।
वर्जन- घायल हुए नर तेंदुए के उपचार के लिए कानपुर से टीम को बुलाया गया है। उपचार के बाद उच्चाधिकारियों के निर्देशों पर तेंदुए को सुरक्षित जगह पर छोड़ दिया जाएगा। - वंदना फोगाट, डीएफओ बागपत।
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अमर उजाला ने तीन दिन पहले भी बिनौली क्षेत्र में शिकारियों के होने की खबर प्रकाशित की थी, लेकिन इसके बाद भी वन विभाग के अफसरों की नींद नहीं टूट रही है। शनिवार को जिस जाल में तेंदुआ शाहपुर बाणगंगा गांव के जंगल में फंसा मिला, वह गाजियाबाद निवासी विपुल शर्मा का खेत था। खेत को गांव के पंडित अशोक ने ठेके पर ले रखा। ग्रामीणों ने बताया कि खेत की बाउंड्री में लगाए जाल में शिकारियों ने बाइक की रेस के तार का फंदा लगा रखा था। जिसमे तेंदुआ फंस गया। इतना ही नहीं जिस जगह तेंदुआ फंसा हुआ था, वहां से थोड़ी ही दूर एक और जाल लगाया हुआ था।
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बरनावा से मंगवाया गया कटर, कैंची और बेहोश करने वाला इंजेक्शन
बड़ौत/ बिनौली। शाहपुर बाणगंगा गांव के जंगल में विपुल शर्मा के खेत में शिकारियों द्वारा लगाए गए जाल में तेंदुए के फंसने की सूचना पर विभाग विभाग के कर्मचारी व अधिकारी खाली हाथ दौड़ पड़े। उनके पास न गन थी और न ही जाल का काटने के लिए कोई इंतजाम। सुबह तीन बजे से जाल में फंसा तेदुआ निकलने के चक्कर में पूरी तरह से लहूलुहान हो गया था। बाद में बरनावा गांव से जाल को काटने के लिए कटर, कैंची मंगवाई गई। साथ ही तेंदुए को बेहोश करने के लिए इंजेक्शन भी मंगवाया गया। जिसके बाद तेंदुए को बेहोश किया गया। तेंदुए के बेहोश होने के दस मिनट के अंदर लोेहे का जाल काटकर तेंदुए को निकाला गया, फिर उसके ऊपर जाल गिराया गया और बाद में गाड़ी में लगे पिंजर में कैद कर लिया गया, तब जाकर वन विभाग के कर्मचारियों ने राहत की सांस ली।
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- दूरदराज से तेंदुएं को देखने पहुंचे ग्रामीण
बड़ौत। शाहपुर बाणगंगा गांव के जंगल में तेंदुए के जाल में फंसने की सूचना पर दादरी, बरनावा, बिनौली, रंछाड़, मांगरौली, शाहपुर बाणगंगा समेत अन्य गांवों से महिलाएं, युवतियां, बच्चें व बुजुर्ग पहुंचे, हालांकि वन विभाग के कर्मचारियों में मोहित कुमार, मनोज, संजय व स्थानीय पुलिस कर्मियों ने उन्हें दूर ही रखा।
- 40 किलो वजनी है नर तेंदुआ
बड़ौत/ बिनौली। पशु चिकित्साधिकारी बड़ौत आशुतोष गुप्ता ने बताया कि जाल में फंसा तेंदुआ नर है। उसका वजन 40 किलो के करीब है। उन्होंने बताया कि वह तकरीबन 20 घंटों से भूखा था। किसी शिकार का पीछा करने के चक्कर में तेंदुआ जाल में फंस गया। उधर शिकारियों को पकड़ने के लिए वन विभाग रणनीति तैयार रहा है।
- कानपुर से भी पहुंची टीम
बड़ौत/बिनौली। शिकारियों के जाल में फंसकर तेंदुआ जख्मी हो गया था, उसके उपचार के लिए स्थानीय पशु पालन विभाग के अफसरों के अलावा वाइल्ड लाइफ मेरठ व कानपुर से टीम बुलाई गई।
वर्जन- घायल हुए नर तेंदुए के उपचार के लिए कानपुर से टीम को बुलाया गया है। उपचार के बाद उच्चाधिकारियों के निर्देशों पर तेंदुए को सुरक्षित जगह पर छोड़ दिया जाएगा। - वंदना फोगाट, डीएफओ बागपत।