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देश के नक्शे पर मेरठ को चमका देंगे परिवहन प्रोजेक्ट
Sat, 25 May 2019 03:20 AM IST
Gaurav sharma
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
Published by: Gaurav sharma
Updated Sat, 25 May 2019 03:20 AM IST
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एक्सप्रेस वे
- फोटो : self
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मेरठ। केंद्र में एक बार फिर भाजपा की सरकार बन जाने से कई प्रोजेक्ट गति पकड़ेंगे। मेरठ से दिल्ली के बीच कनेक्टिविटी को रफ्तार देने के लिए परिवहन क्षेत्र के कई प्रोजेक्ट अगले कुछ वर्षों में पूरे हो जाएंगे। वर्ष-2014 में भाजपा सरकार बन जाने के बाद इन प्रोजेक्ट का श्रीगणेश हुआ था। मेरठ-दिल्ली एक्सप्रेस वे, रैपिड रेल प्रोजेक्ट पर तेज गति से कार्य किया जा रहा है। इसके अलावा मालगाड़ियों की रफ्तार बढ़ाने के लिए डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर पर तेज गति से काम किया जा रहा है। वहीं, बेरोजगारों को रोजगार दिलाने में आईटी पार्क मददगार होगा।
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रैपिड रेल प्रोजेक्ट
82 किलोमीटर के इस प्रोजेक्ट के लिए बजट मिल चुका है। इस प्रोजेक्ट पर पहले चरण में साहिबाबाद से दुहाई तक कार्य शुरू हो जाएगा। चुनाव के समय नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन की तरफ से मेरठ तक मिट्टी की जांच का कार्य किया जा रहा है। वर्ष-2023 तक पहले चरण का कार्य निपटाने का दावा एनसीआरटीसी की तरफ से किया जा रहा है। वहीं, वर्ष-2024 तक मेरठ तक रैपिड रेल चलाने का दावा है। इसके चलने से मेरठ से दिल्ली का सफर आसान हो जाएगा।
कुल किलोमीटर - 82 किमी
कुल अनुमानित बजट - 30 हजार करोड़
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एक्सप्रेस -वे
मेरठ-दिल्ली एक्सप्रेस-वे शुरू हो जाने के बाद दिल्ली तक जाने वाले लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। इस प्रोजेक्ट को एक साल के अंदर पूरा कर लिया जाएगा। चुनाव से पहले इस प्रोजेक्ट पर कार्य धीमी गति से चल रहा था। लेकिन अब अगले एक साल के अंदर काम रफ्तार पकड़ेगा। जिससे लोगों को दिल्ली जाने में इस एक्सप्रेस-वे से मात्र एक घंटे का समय लगेगा।
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कुल किलोमीटर - 96 किमी चार चरण
अनुमानित लागत - आठ से 10 हजार करोड़
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डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर
यात्री ट्रेनों को बाधा पहुंचाने वाली मालगाड़ियों के लिए अलग से कॉरिडोर का निर्माण किया जा रहा है। मेरठ से निकलने वाले ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का निर्माण भी गति पकड़ने में नाकाम है। कई स्थानों पर जमीन अधिग्रहण का पेंच फंसा हुआ है। चुनाव निपटने के बाद इसे रफ्तार मिलेगी। यह प्रोजेक्ट पश्चिम बंगाल से खुर्जा होते हुए लुधियाना तक जाएगा।
प्रोजेक्ट - ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर
कुल किलोमीटर - 1856 किमी
यह मिलेगा लाभ - इस प्रोजेक्ट के बन जाने से कोयला, स्टील आदि सामान को आसानी से भेजा जा सकेगा।
पूरा होने का लक्ष्य - साल 2021
कुल बजट - 81 हजार 459 करोड़ (ईस्टर्न और वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के लिए)
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बेरोजगारों का सहारा आईटी पार्क
वेदव्यासपुरी में बन रहे आईटी पार्क में बीपीओ प्रमोशन स्कीम के तहत लाखों नौकरियों की आस लगी है। इस स्कीम के तहत उत्तर प्रदेश को सबसे अधिक सीट दी गई हैं। पांच सितंबर 2017 को इसका शिलान्यास किया गया। मेरठ में टाटा कंसल्टेंसी सर्विस लिमिटेड, डाटामैन कंप्यूटर सर्विस लिमिटेड, मयूर इंडस्ट्रीज सर्विस लिमिटेड कंपनियां आ सकती हैं।
कुल लागत - 20 करोड़ रुपये
कुल जमीन - 1200 वर्ग मीटर, तीन मंजिला
कुल मिलेंगी नौकरियां - एक लाख 50 हजार
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रैपिड रेल प्रोजेक्ट
82 किलोमीटर के इस प्रोजेक्ट के लिए बजट मिल चुका है। इस प्रोजेक्ट पर पहले चरण में साहिबाबाद से दुहाई तक कार्य शुरू हो जाएगा। चुनाव के समय नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन की तरफ से मेरठ तक मिट्टी की जांच का कार्य किया जा रहा है। वर्ष-2023 तक पहले चरण का कार्य निपटाने का दावा एनसीआरटीसी की तरफ से किया जा रहा है। वहीं, वर्ष-2024 तक मेरठ तक रैपिड रेल चलाने का दावा है। इसके चलने से मेरठ से दिल्ली का सफर आसान हो जाएगा।
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कुल किलोमीटर - 82 किमी
कुल अनुमानित बजट - 30 हजार करोड़
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एक्सप्रेस -वे
मेरठ-दिल्ली एक्सप्रेस-वे शुरू हो जाने के बाद दिल्ली तक जाने वाले लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। इस प्रोजेक्ट को एक साल के अंदर पूरा कर लिया जाएगा। चुनाव से पहले इस प्रोजेक्ट पर कार्य धीमी गति से चल रहा था। लेकिन अब अगले एक साल के अंदर काम रफ्तार पकड़ेगा। जिससे लोगों को दिल्ली जाने में इस एक्सप्रेस-वे से मात्र एक घंटे का समय लगेगा।
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कुल किलोमीटर - 96 किमी चार चरण
अनुमानित लागत - आठ से 10 हजार करोड़
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डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर
यात्री ट्रेनों को बाधा पहुंचाने वाली मालगाड़ियों के लिए अलग से कॉरिडोर का निर्माण किया जा रहा है। मेरठ से निकलने वाले ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का निर्माण भी गति पकड़ने में नाकाम है। कई स्थानों पर जमीन अधिग्रहण का पेंच फंसा हुआ है। चुनाव निपटने के बाद इसे रफ्तार मिलेगी। यह प्रोजेक्ट पश्चिम बंगाल से खुर्जा होते हुए लुधियाना तक जाएगा।
प्रोजेक्ट - ईस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर
कुल किलोमीटर - 1856 किमी
यह मिलेगा लाभ - इस प्रोजेक्ट के बन जाने से कोयला, स्टील आदि सामान को आसानी से भेजा जा सकेगा।
पूरा होने का लक्ष्य - साल 2021
कुल बजट - 81 हजार 459 करोड़ (ईस्टर्न और वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के लिए)
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बेरोजगारों का सहारा आईटी पार्क
वेदव्यासपुरी में बन रहे आईटी पार्क में बीपीओ प्रमोशन स्कीम के तहत लाखों नौकरियों की आस लगी है। इस स्कीम के तहत उत्तर प्रदेश को सबसे अधिक सीट दी गई हैं। पांच सितंबर 2017 को इसका शिलान्यास किया गया। मेरठ में टाटा कंसल्टेंसी सर्विस लिमिटेड, डाटामैन कंप्यूटर सर्विस लिमिटेड, मयूर इंडस्ट्रीज सर्विस लिमिटेड कंपनियां आ सकती हैं।
कुल लागत - 20 करोड़ रुपये
कुल जमीन - 1200 वर्ग मीटर, तीन मंजिला
कुल मिलेंगी नौकरियां - एक लाख 50 हजार