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हरियाणा से ली ट्रेनिंग, पश्चिम उतारे करीब एक करोड़ के नकली नोट

Fri, 01 Apr 2022 01:48 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 01 Apr 2022 01:48 AM IST
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Training taken from Haryana, West brought down fake notes of about one crore
हरियाणा से ली ट्रेनिंग, पश्चिम उतारे करीब एक करोड़ के नकली नोट
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मेरठ। शातिर गिरोह ने हरियाणा से ट्रेनिंग लेकर नकली नोट सप्लाई करने का नेटवर्क वेस्ट यूपी के जनपदों में फैलाया। पुलिस का अंदेशा है कि यह गिरोह करीब एक करोड़ रुपये बाजार में सप्लाई कर चुका है। सरगना विकास कुमार ने बेरोजगार युवकों को गिरोह में शामिल किया था। गिरोह में 20 से ज्यादा लोगों के होने की बात सामने आए है। पकड़े गए तीनों आरोपियों से एटीएस, आईबी और आर्मी इंटेलीजेंस समेत कई सुरक्षा एजेंसियों ने घंटों पूछताछ की। आरोपियों ने बताया कि यह नकली नोट आसानी से बाजार में चल जाता था।
पुलिस के मुताबिक 100 रुपये का नकली नया नोट बनाने में मुजफरनगर के नरपत की बिराल गांव निवासी विकास माहिर था। उसने अपने गांव के निखिल शर्मा व प्रियांशु सिंह को नकली नोट बनाना सिखाया। सिविल लाइन थानाक्षेत्र के सुभाषनगर में किराये का मकान लेकर फैक्टरी लगाई। कोतवाली के सुभाष बाजार से पेपर लेते थे और फिर 100-100 रुपये के नकली नोट की छपाई करते थे। इस गिरोह ने मेरठ में करीब तीन महीने से यह धंधा शुरू करना बताया है। पुलिस का कहना है कि नकली नोट बनाकर बाजार में सप्लाई करने के लिये गिरोह ने कई युवकों को लगाया था। अब पुलिस उक्त युवकों की भी तलाश में लग गई। बताया गया है कि मेरठ के अलावा मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, शामली, बागपत, बिजनौर समेत कई जिलों में नोटों को सप्लाई किया जा रहा था।
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नकली नोट ऐसा, पहचान में नहीं आता
100-100 रुपये के नकली नोट तो ऐसे छाप देते थे कि जल्दी से पहचान में नहीं आते थे। खासतौर पर देहात इलाके में सप्लाई करने का गिरोह का टारगेट होता था। आरोपियों ने बताया कि 100 के नये नोट को लोग ज्यादा नहीं देखते थे और उनका नकली नोट आसानी से चल जाता था। 100 का नकली नोट तो एक बार भी नहीं पकड़ा गया।
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कहां-कहां सप्लाई हुए, जांच होगी
पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने मेरठ के अलावा मुजफ्फरनगर, बागपत और बिजनौर में भी ज्यादा नकली नोट खपाने की बात कहीं है। यह नोट कहां तक सप्लाई हुए है, इसकी जांच भी पुलिस ने शुरू कर दी। मामला गंभीर होने के चलते सुरक्षा एजेंसियां भी अलर्ट हो गई है। गिरोह में कौन कौन शामिल, इसकी पड़ताल शुरू कर दी।
पहले सरधना में बनाते थे नकली नोट
पुलिस की जांच में गिरोह के पांच लोगों के नाम सामने आए है। जिसमें दो आरोपी प्रथम सोम और सागर गिरि सरधना के भमौरी गांव के निवासी है। दोनों ही आरोपियों का बड़ा नेटवर्क है। फरार सागर गिरि से एक दर्जन से अधिक युवक जुड़े है, जोकि नकली नोट सप्लाई करने में उनकी मदद करते थे। सुभाष नगर से पहले सरधना में नकली नोट बनाने का काम चलता था। जिसकी पुलिस जांच कर रही है।

नौकरी की तलाश में थे आरोपी
पुलिस के मुताबिक आरोपी प्रथम सोम, निखिल शर्मा और प्रियांशु नौकरी की तलाश में लगे थे। वह आर्मी में जाने के लिये कैलाश प्रकाश स्टेडियम में रोजाना प्रक्टिस करने जाते थे। गिरोह का सरगना विकास कुमार है, वह भी स्टेडियम में आता था। सभी आरोपियों ने इंटर पास की हुई है। पकड़े गए आरोपियों ने कहा कि बेराजगार होने के चलते ही वह विकास के जाल में फंस गए और नकली नोट बनाने लगे।
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जांच में जुटी हैं एजेंसियां
नकली नोट बनाने और सप्लाई करने वाले गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। एटीएस, आईबी समेत सुरक्षा एजेंसियां मामले की जांच में जुटी है।
प्रभाकर चौधरी, एसएसपी
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